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Wednesday, April 8, 2026

राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2025 के आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा 'राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025' (पुरस्कार वर्ष 2024 के कार्यों हेतु) के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं, जिसकी अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 है। यह पुरस्कार वन, कृषि, मत्स्य पालन, पंचायत स्तर की समितियों और व्यक्तिगत/संस्थागत श्रेणियों में जैव विविधता संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।


प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025 के लिये प्रविष्टियाँ 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। विभिन्न श्रेणियों में जैव-विविधता पुरस्कार के लिये जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाले वन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन विभाग और जैव-विविधता प्रबंधन समिति ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका तथा नगर निगम स्तर पर गठित जैव-विविधता प्रबंधन समितियाँ। संस्थागत (अशासकीय), व्यक्तिगत (अशासकीय), व्यक्तिगत (शासकीय) पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध पहुंच एवं लाभ प्रभाजन की अधिकतम राशि श्रेष्ठ वनमंडल एवं श्रेष्ठ वनवृत्त के अंतर्गत विशिष्ट कार्य करने वाले अपनी प्रविष्टियाँ जमा कर सकते हैं।


प्रविष्टियों का निर्धारित प्रारूप एवं अन्य जानकारियॉ बोर्ड की वेबसाईट www-mpforest.gov.in/mpsbb से डाउन लोड करें। जिन संस्था द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 के लिये प्रविष्टियाँ प्रेषित की गई हैं, वो प्रविष्टि प्रेषित ना करें।

Saturday, January 31, 2026

33 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने आईआईबीएफ परीक्षा उत्तीर्ण की

आरसेटी विदिशा में  बैंक सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने आईआईबीएफ (Indian Institute of Banking & Finance) की परीक्षा दी, जिसमें 33 प्रशिक्षणार्थियों ने सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।


आरसेठी के डायरेक्टर श्री एफसी महली ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल लेन-देन तथा ग्राहक सेवा संबंधी कौशलों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में बैंक सखी के रूप में कार्य कर ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ सकें।


प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन श्री एफ.सी. महली, डायरेक्टर आरसेटी, श्री मोहर सिंह भदौरिया, डीएम स्किल (आजीविका मिशन) तथा संस्थान के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने सफल प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ODOP जरी-ज़र्दोज़ी हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न

BHOPAL: भोपाल जिले के प्रमुख ODOP उत्पाद जरी-ज़र्दोज़ी को निर्यात एवं बाजार विस्तार की दिशा में सशक्त बनाने हेतु बुधवार को ODOP जरी-ज़र्दोज़ी केंद्र, गोलखेड़ी, भोपाल में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण, हाल ही में सम्पन्न ODOP एवं Export Awareness Workshop के अगले चरण के रूप में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों एवं उद्यमियों को व्यावहारिक रूप से उद्योग-तैयार बनाना तथा उन्हें आधुनिक व्यापार एवं बाजार आवश्यकताओं से जोड़ना था।


कार्यक्रम मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के International Trade & Investment Facilitation Cell (ITIFC) तथा भोपाल जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारीगरों, SHGs, MSME इकाइयों एवं स्थानीय उद्यमियों ने ऑफलाइन सहभागिता दर्ज कराई। जो प्रतिभागी किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाए, उन्होंने इस प्रशिक्षण को ऑनलाइन माध्यम से भी सक्रिय रूप से जॉइन किया, जिससे कार्यक्रम की पहुँच और प्रभाव दोनों व्यापक हुए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।


प्रशिक्षण के दौरान जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों एवं उद्यमियों को डिजिटल व्यापार प्रणाली, ऑनलाइन मार्केटिंग एवं आधुनिक बाजार आवश्यकताओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सत्र के दौरान लाइव रूप से कई प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केट प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड भी किया गया, जिससे वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुँचाने तथा "Local to Global" की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सक्षम हो सकें।


कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि भोपाल की जरी-ज़र्दोज़ी कला एक विशिष्ट पारंपरिक हस्तशिल्प है, जिसमें डिजिटल बाजार के माध्यम से व्यापक संभावनाएँ निहित हैं।


प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों को प्रस्तुत करने, ऑनलाइन बाजार से जुड़ने तथा आधुनिक मार्केटिंग प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही कई कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान डिजिटल मार्केटप्लेस पर लाइव ऑनबोर्ड भी किया गया, जिससे वे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुँचाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।


कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें कारीगरों ने डिजिटल बिक्री, लागत, पैकेजिंग एवं वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों द्वारा सभी प्रश्नों के व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए। जिला प्रशासन एवं MPIDC ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाकर "Local to Global" की दिशा में सशक्त आधार प्रदान करेंगे तथा उन्हें नए बाजार और नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

Saturday, January 24, 2026

12 अद्भुत किताबें, जो बदल देंगी आपकी सोच का नजरिया

क्या आप अगले साल अपने जीवन में काफी कुछ बदलना चाहते हैं? यहां आपके लिए चुनी गइ हैं, वे 12 अद्भुत पुस्तकें, जो न सिर्फ सोच, स्वास्थ्य और रिश्तों में बदलाव लाएंगी, बल्कि मानसिक शक्ति, आत्मविकास और सफलता की दिशा भी तय करेंगी।


इन 12 पुस्तकों का चयन सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को बदलने, सोच को विस्तारित करने और आत्म-विकास की यात्रा को सशक्त बनाने के लिए किया गया है। यह अनुभव किया है कि सही किताब, सही समय पर पढ़ी जाए तो यह मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। इन किताबों को पढ़ें, सीखें और जीवन में लागू करें। यह आपकी जिंदगी के लिए सबसे मूल्यवान निवेश साबित होगा।


  1. भावनात्मक: इमोशनल मास्टरी(MASIONAL EMOT MASTERY)- डॉ. पी मधुरिमा रेड्डी-भावनात्मक संतुलन सबसे बड़ी शक्त्ति है। यह पुस्तक स्वयं पर नियंत्रण, तनाव, कोध और भय को साध लेना सिखाती है। यह आत्मविकास की वह कुंजी है, जो व्यक्ति को भीतर से मजबूत बना दुनिया जीतने के लिए तैयार करती है।
  2.  रिलेशनशिप:  क्वांटम लव (QUANTUM LOVE) डॉ. लौरा बर्मन- यह प्रेम को भावनाओं के विज्ञान की दृष्टि से समझाती है। किताब क्वांटम फिजिक्स और गहन मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के माध्यम से बताती है कि हमारी ऊर्जा, सोच और अवचेतन रिश्तों को कैसे प्रभावित करते हैं। संबंधों को समझने और बदलने की वैज्ञानिक सोच देती है।
  3. बौद्धिकता: लिमिटलेस (LIMITLESS) जिम क्विक- सीखने की क्षमता ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। यह पुस्तक सीमाओं को तोड़कर सोच, बेहतर स्मरणशक्ति और फोकस विकसित करना सिखाती है और बताती है कि सही तरीकों से कोई भी व्यक्ति असाधारण प्रदर्शन कर सकता है।
  4.  कॅरियर: इकीगाई (IKIGAI) हैक्टर ग्रेसिया और फ्रांसिस मिरेल्स- लंबा-संतुलित जीवन आदतों से नहीं, उद्देश्य से मिलता है। यह पुस्तक जापानी दर्शन इकिगाई के माध्यम से जीवन के अर्थ, आनंद और निरंतर प्रेरणा को समझाती है। यह उनके लिए है, जो सार्थक-संतुष्ट जीवन चाहते हैं।
  5.  जीवन की गुणवत्ता: डीप वर्क (DEEP WORK) कैल न्यूपोर्ट- भटकाव के बीच गहन एकाग्रता सबसे दुर्लभऔर मूल्यवान कौशल है। यह किताब सिखाती है कि बिना विचलन के काम कर असाधारण परिणाम कैसे पाए जाएं। बौद्धिक क्षमता, उत्पादकता और पेशेवर सफलता बढ़ाने की स्पष्ट रणनीति देती है।
  6. अध्यात्म: शून्य के पार (Shunya Ke Paar), ओशो- आध्यात्मिकता बाहरी उपलब्धियों से नहीं, भीतर की शून्यता से जन्म लेती है। यह पुस्तक अहंकार, भय और बंधनों के पार ले जाकर आत्मबोध की यात्रा कराती है। शून्य के पार उन पाठकों के लिए है। जो जीवन को गहराई से समझना और आत्मिक स्वतंत्रता पाना चाहते हैं।
  7.  सामाजिकता : हाउ टू मेक पीपल लाइक यू एंड डू व्हाट यू वॉन्ट (How to Make People Like You and do what you want), रिचर्ड बैंक्स- कम्युनिकेशन भी एक कला है। यह पुस्तक संचार और प्रभावशाली व्यक्तित्व के वैज्ञानिक सूत्र सिखाती है। सामाजिक और पेशेवर सफलता की व्यावहारिक मार्गदर्शिका है।
  8.  फिटनेस: द वाइल्डफिट वे (THE WILDFIT WAY) एरिक एडमड्स- स्वस्थ शरीर के बिना सफलता, सुख व दीर्घ जीवन की कल्पना अधूरी है। सही भोजन, प्राकृतिक आदतें व मानसिक अनुशासन स्वास्थ्य को मूल से सुधारते हैं। इन्हें अपनाने के लिए मोटिवेट करेगी यह किताब है।
  9.  फाइनेशियल: मनी मेक्स यू हैप्पी (MONEY MAKES YOU HAPPY) अल्फिओ बारवोला - पैसा लक्ष्य नहीं, बल्कि स्वतंत्र और संतुलित जीवन का साधन है। यह पुस्तक वित्तीय सोच, आय बढ़ाने और धन के साथ स्वस्थ संबंध बनाना सिखाती है। आर्थिक स्पष्टता के साथ बेहतर जीवन की व्यावहारिक दिशा दिखाती है।
  10. व्यक्तित्व: बिल्डिंग कैरेक्टर अनवेलिंग द एसेंस विदइन (Building Character: Unveiling the Essence Within), ईसा आईक जॉनसन- सफलता का स्थायी आधार व्यक्तित्व और चरित्र होता है। यह पुस्तक आत्म अनुशासन, नैतिक मूल्यों, आंतरिक शक्ति के विकास पर केंद्रित है। अपनी संभावनाओं को पहचानने व सशक्त, विश्वसनीय जीवन गढ़ने की प्रेरणा देती है।
  11. जीवन का ध्येय: मैन्स सर्च फॉर मीनिंग (Man's Search for Meaning), विक्टर ई फ्रेंक्ल- कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जीवन अर्थहीन नहीं होता। यह पुस्तक पीड़ा उद्देश्य और मानसिक दृढ़ता को मनोवैज्ञानिक दृष्टि से समझाती है। सिखाती है कि अर्थ की खोज ही इंसान को जीवित, मजबूत और मानवीय बनाए रखती है।
  12. पेरेंटिंग: नॉनवॉयलेंट कम्युनिकेशन (Nonviolent Communication), मार्शल बी रोजेनबर्ग - यह पुस्तक करुणा, स्पष्ट संवाद और सहानुभूति के माध्यम से रिश्तों को सुधारने की कला सिखाती है। इसमें संवाद को टकराव से सहयोग में बदलने की प्रभावशाली पद्धति बताई गई है।

Saturday, November 1, 2025

भारतीय क्लाउड-बेस्ड साफ्टवेयर जोहो सूइट के बारे में सारी जानकारी

यह भारत का सबसे बड़ा क्लाउड-बेस्ड साफ्टवेयर इकोसिस्टम है। इसमें 55 से ज्यादा बिजनेस एप्लिकेशंस शामिल हैं जैसे- जोहो राइटर(वर्ड प्रोसेसिंग), जोहो शीट (स्प्रेडशीट और डाटा एनालिसिस), जोहो शो (प्रेजेंटेशन टूल), जोहो सीआरएम, जोहो बुक्स, जोहो प्रोजेक्ट्स, जोहो पीपल, जोहो क्रिएटर्स आदि। 


ये टूल्स कंपनियों को अकाउंटिंग, मार्केटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और एचआर कार्यो में मदद करते हैं। इसमें रियल-टाइम कोलैबोरेशन की सुविधा है, जिससे कई यूजर्स एक साथ काम कर सकते हैं और सभी बदलाव तुरंत क्लाउड पर सेव हो जाते हैं। फाइलें सुरक्षित जोहो वर्कड्राइव पर रहती हैं। एआइ असिस्टेंट जिया राइटर में स्टाइल और टोन सुधारने के सुझाव देता है, जबकि शीट में डाटा एनालिस्ट की तरह काम करता है। 


जोहो आफिस सूट विंडोज, मैक, एंड्रायड और आइओएस पर उपलब्ध और आफलाइन मोड में भी डाक्यूमेंट्स को देखा जा सकता है। यह माइक्रोसाफ्ट ऑफिस फाइल्स के साथ कंपैटिबल है, जिससे वर्ड, एक्सेल और पारपाइंट को आसानी से एडिट किया जा सकता है। यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, सिक्योर सर्वर्स और प्राइवेसी-फर्स्ट पालिसी का पालन करता है। 

Monday, August 18, 2025

नहीं होगा फ्रॉड, अपनाएं ये ट्रिक

ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online fraud) इंटरनेट का उपयोग करके लोगों को धोखा देना है, जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे चुराए जाते हैं। यह नकली वेबसाइट, फ़िशिंग ईमेल, और फ़िशिंग कॉल के माध्यम से होता है।


ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होकर लाखों तो कोई अपनी जिंदगी भर की पूरी कमाई गवां बैठता है। पेमेंट से पहले NCCRP पोर्टल पर नंबर, नाम या UPI ID चेक करें, अगर शिकायत दर्ज करें। तो फ्रॉड से पहले ही बच सकते है। 


ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिये अपनाएं ये ट्रिक 

NCCRP की साइट पर जाकर यहां दाई ओर  ऊपर की तरफ दिए हैमबर्गर मेनू पर क्लिक करके Report & Check Suspects पर जाएं। Suspect Repository पर क्लिक कर, Check Suspect पर क्लिक करें। संदिग्ध से जुड़ा जो भी डिटेल आपके पास है जैसे मोबाइल नंबर, UPI ID, बैंक अकाउंट नंबर या ईमेल। अगर शख्स फ्रॉड है तो उसकी सारी जानकारी सामने आ जाएंगी। 


ऑनलाइन फ्रॉड होने पर क्या करें

  • सबूत इकट्ठा करें: फ्रॉड से संबंधित सभी जानकारी, जैसे कि चैट, स्क्रीनशॉट और भुगतान के प्रमाण, सुरक्षित रखें ताकि आप शिकायत दर्ज करते समय उन्हें जमा कर सकें। 
  • तुरंत शिकायत करें: घटना के तुरंत बाद 1930 डायल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपके पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

Saturday, August 16, 2025

आइडियाज को विजुअल स्टोरी में बदलने में मदद करता गूगल का नया AI टूल Mixboard

गूगल ने हाल ही अपना नया AI टूल Mixboard लान्च किया, जो Google Labs का हिस्सा है। यह AI-पावर्ड कांसेप्टिंग बोर्ड साधारण टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स को इंटरएक्टिव मूडबोर्ड्स में बदल देता है। होम डेकोर, इवेंट प्लानिंग, प्रोडक्ट डिजाइन या क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स के लिए यह टूल आइडियाज को विजुअल स्टोरी में बदलने में मदद करता है।


Mixboard एक ओपन कैनवास पर काम करता है, जहां आप आसानी से इमेजेस, टेक्स्ट और डिजाइन एलिमेंट्स को मिक्स कर सकते हैं। इसे labs.google/mixboard पर Google अकाउंट से एक्सेस करें। एक्सपेरिमेंटल होने से फ्री, लेकिन Google Labs के अन्य टूल्स की तरह, फीडबैक के लिए Discord कम्युनिटी जॉइन करें। 


Mixboard क्रिएटिव वर्कफ्लोज को रिवॉल्यूशनाइज कर सकता है। डिजाइनर्स, इवेंट प्लानर्स, मार्केटर्स या स्टूडेंट्स के लिए परफेक्ट है। यह Canva, Adobe Firefly Board या Figma जैसी टूल्स का कॉम्पिटिटर है। 


भारत व अन्य देशों में जल्द आ सकता है, फिलहाल US में पब्लिक बीटा उपलब्ध है।  

Wednesday, August 6, 2025

जूट और कपड़े के बैग बनाने का बिज़नेस शुरू करें और मुनाफा कमाएं


जुट बैग या कपड़े के थैलो का उद्योग शुरू करना पर्यावरण अनुकूल व लाभदायक है, खासकर प्लास्टिक बैन के बाद। यह क्षेत्र बढ़ रहा है। शुरूआत के लिए ध्यान रखने वाली मुख्य बातें। 

  • बाजार और योजना: डिमांड समझें, जैसे सुपरमार्केट या ऑनलाइन सेलर्स। उत्पाद (प्लेन/प्रिंटेड बैग), टारगेट कंस्टमर। वर्कशॉप 500-1000 sq.ft जहां बिजली-पानी आसान हो। 
  • लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन: MSME/UDYAM रजिस्ट्रेशन, GST, ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य। पॉलयूशन कंट्रोल NOC और फैक्टरी लाइसेंस बड़े स्केल पर। DIC से मार्गदर्शन लें। 
  • मशीनरी और कच्चा माल: सिलाई, कटिंग, प्रिंटिंग मशीनें (2-3 लाख)। जूट/कपड़ा (1-2 लाख स्टॉक)। छोटे स्केल पर 5-10 लोग। 
  • पूंजी की आवश्यकता: छोटे स्तर पर कुल पूंजी 5-10 लाख। मशीनरी 2-3 लाख, रॉ 1-2 लाख, रजिस्ट्रेशन/मार्केटिंग 50 हजार-1 लाख, कैपिटल 1-2 लाख। बडे स्केल पर 20-25 लाख। 

Friday, August 1, 2025

कैसे काम करता है सोरा एप?

Sora एक AI आधारित सोशल मीडिया ऐप है। इस ऐप में AI वीडियो जेनरेटर का फीचर मिलता है। इसकी मदद से लोग सिर्फ टेक्स्ट प्रॉम्प्ट लिखकर एचडी क्वालिटी के वीडियो जेनरेट कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन वीडियो में ऑडियो भी मौजूद होगा।


कैसे काम करता है सोरा एप?

इसका मुख्य रूप से तीन कार्यो में प्रयोग किया जा सकता है, पहला आप टेक्स्ट प्राम्प्ट से वीडियो बना सकते हैं, दूसरा कंटेंट को रीमिक्स कर सकते हैं और तीसरा, पर्सनलाइज्ड फीड में एआइ वीडियो को खोज सकते हैं।


इसका कैमियो फीचर यूजर्स को एआइ जेनरेटेड सीन से जुड़ने का मौका देता है। हालांकि, यह अभी कुछ ही आइओएस यूजर्स के लिए है, व्यापक स्तर पर इसकी खुबियों-कमियों को जांचना बाकी है। ओपनएआइ ने टीन यूजर्स के लिए डेली लिमिट, पैरेंटल कंट्रोल, माडरेशन फीचर्स की बात कही है। 

Friday, July 18, 2025

भारतीय Email एप जोहो मेल के बारे में सारी जानकारी

जोहो मेल (Zoho mail) को भारत में काफी पसंद किया जा रहा है। हाल ही कई हाइ-प्रोफाइल यूजर्स ने स्वदेशी जोहो मेल को यूज करना शुरू किया है। इसके बाद से यह इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। जोहो मेल में यूजर्स को एड-फ्री एक्सपीरियंस मिलता है, जिससे थर्ड पार्टी ट्रैकिंग की संभावना लगभग नहीं रहती है। इसमें टू-फैक्टर आथेंटिकेशन, कस्टम डोमेन ईमेल और जोहो सूइट के अन्य टूल्स के साथ इंटीग्रेशन की सुविधा है। 


जोहो मेल का डाटा भारत और यूरोप में मौजूद सुरक्षित सर्वर्स पर रखा जाता है। यह एप सिर्फ व्यक्तिगत ईमेल के लिए नहीं , बल्कि कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए भी ईमेल और ऑफिस मैनेजमेंट साल्यूशन प्रदान करता है। यह एप भी गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर उपलब्ध है।  

Wednesday, July 9, 2025

दीवाली पर शुरू करें Decorative items का स्टार्टअप कम निवेश से शानदार कमाई


दिवाली जैसे त्योहारों में घरों को सजाने की होड़ लग जाती है। सजावटी सामान (decorative items) का बिजनेस शुरू करके आप 10-20 हजार रू. के निवेश से 50% तक मुनाफा कमा सकते हैं। इेका-फ्रेंडली आइटम्स LED लाइट्स, पेपर लालटेन, टोरन, रंगोली किट्स और दीए पर फोकस करें। ऑनलाइन सेल्स से लाखों की कमाई संभव है। 


क्यों शुरू करें यह बिजनेस?

  • हाई डिमांड: दिवाली पर हर घर में सजावट होती है। LED lights का मार्केट ही 710 मिलियन USD का है।
  • लो इंवेस्टमेंट: 10-15 हजार रूपए से घर से शुरू करें। मुनाफा 50-100 प्रतिशत तक हो सकता है। 
  • सस्टेनेबल ग्रोथ: इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स बेचें। कॉर्पोरेट गिफ्टिंग से बल्क ऑर्डर मिल सकता है। 


स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

मार्केट रिसर्च करें, 5-10 ट्रेंडिग सजावटी प्रोडक्ट चुनें, MSME-GST रजिस्ट्रेशन करवाएं। 10-20 हजार में स्टॉक रखें, सोशल मीडिया से प्रमोशन करें, लोकल सोसायटी में डिस्काउंट ऑफर दें और वॉट्सऐप से ऑर्डर व डिलीवरी संभालें।


कैसे शुरू करें?

शुरूआत घर के किसी हिस्से से भी की जा सकती है। हस्तनिर्मित उत्पाद बनवाकर खुद का ब्रांड लॉन्च करें। Amazon, Flipkart, Meesho, Etsy या Instagram पेज के माध्यम से बिक्री करें। खूबसूरत पैकिंग से प्रोडक्ट की वैल्यू व भरोसा बढ़ता है। 


टिप्स: कस्टमाइजेशन ऑफर करें। सरकारी स्कीम्स (Mudra loan) से फंडिंग लें।


चुनौतियां: सीजनल डिमांड को साल भर एक्सपैंड करें (वेडिंग्स, होली, पार्टीस)। क्वालिटी चेक रखें।

Tuesday, July 8, 2025

जानिये भारतीय वायुसेना में जानें के 7 रास्ते


भारतीय वायुसेना में शामिल होने के कई रास्ते हैं। इसमें NDA, CDS, AFCAT और NCC स्पेशल एंट्री, जिनमें फ्लाइंग, टेक्निकल और लॉजिस्टिक्स जैसे पद शामिल हैं। हालांकि, इसमें केवल अविवाहित उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं। जानिये वायुसेना में अफसर बनने के प्रमुख अवसर के बारे में।


 1- नेशनल डिफेंस अकादमी(NDA)- खड़कवासला (महाराष्ट्र) स्थित NDA एक त्रि-सेवा प्रशिक्षण संस्थान है।            यहां 3 साल की ट्रेनिंग के बाद वायुसना के लिए एयरफोर्स अकादमी में 1 साल का प्रशिक्षण होता है।

  • योग्यता: 10+2 (फिजिक्स, मैथ्स)
  • आयु: 16.5 से 19.5 वर्ष
  • प्रक्रिया: UPSC व SSB परीक्षा के माध्यम से।


2- कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS)- यह ग्रेजुएट या अंतिम वर्ष वालों के लिए सबसे प्रतिष्ठित प्रवेश मार्गो में से एक       है। चयनित अभ्यर्थियों को हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी (AFA) में प्रशिक्षण दिया जाता है। 

  • योग्यता: ग्रेजुएट या अंतिम वर्ष (फिजिक्स, मैथ्स)
  • आयु: 20 से 24 वर्ष
  • प्रक्रिया: UPSC व SSB परीक्षा के माध्यम से।
  • आयोजन: साल में 2 बार इसके लिये परीक्षा आयोजित होती है।


3- एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT)- वायुसेना द्वारा साल में 2 बार आयोजित यह परीक्षा क्लास-I         गजेटेड ऑफिसर बनने के लिए है। इसमें फ्लांइंग ब्रांच और ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल, नॉन-टेक्निकल) जैसी              शाखाएं हैं। 

  • फ्लाइंग ब्रांच: 10+2 (फिजिक्स, मैथ्स), ग्रेजुएट
  • आयु: 20 से 24 वर्ष
  • टेक्निकल ब्रांच: बीटेक, इंजीनियरिंग नॉलेज टेस्ट  
  • आयु: 20 से 26 वर्ष
  • चयन प्रक्रिया: AFCAT लिखित परीक्षा और उसके बाद एयर फ़ोर्स सिलेक्शन बोर्ड (AFSB) द्वारा इंटरव्यू राउंड। 
  • आयोजन: साल में 2 बार इसके लिये परीक्षा आयोजित होती है।


4- नेशनल कैडेट कॉर्प स्पेशल एंट्री- अगर आपके पास एनसीसी एयर विंग का 'C' सर्टिफिकेट (सीनियर                   डिवीजन) है, तो आप बिना AFCAT के सीधे AFSB इंटरव्यू के लिए बुलाए जा सकते हैं। 

  • शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में न्यूनतम 50% अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री। 
  • NCC प्रमाण पत्र: NCC 'C' सर्टिफिकेट न्यूनतम 'B' ग्रेड के साथ होना चाहिए। 
  • आयु:19 से 25 वर्ष 


5- JEE मेन एंट्री(तकनीकी अधिकारी)- JEE (मेन्स) के अंक का उपयोग भारतीय सेना की टेक्निकल एंट्री              स्कीम  (TES) (10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम) के माध्यम से ऑफिसर बनने के लिए किया जाता है, जहाँ आपको      एक चार साल के इंजीनियरिंग कोर्स और ट्रेनिंग के बाद लेफ्टिनेंट के पद पर स्थायी कमीशन मिलता है।                  जेईई(मेन) स्कोर के आधार पर भी उम्मीदवार टेक्निकल एंट्री स्कीम के तहत पात्र होते हैं। चयन के बाद                  हैदराबाद  की एयर फोर्स अकादमी में एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में ट्रेनिंग होगी।  

  • योग्यता: इंजीनियरिंग डिग्री
  • आयु: 16.5 से 19.5 वर्ष
  • प्रक्रिया: JEE मेन स्कोर के आधार पर आपका शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और फिर आपको एसएसबी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। 


6- शॉर्ट सर्विस कमीशन(SCC)- यह विकल्प उन युवाओं के लिए है जो सीमित अवधि के लिए वायुसेना में सेवा          देना चाहते हैं। इसमें फ्लांइग और ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल / नॉन-टेक्निकल) दो शाखाएं हैं। एसएससी के                 माध्यम  से चयनित अधिकारियों को नियमित अधिकारियों की तरह ही प्रशिक्षण दिया जाता है। 

  • फ्लाइंग: 14 वर्ष(विस्तार नहीं)
  • ग्राउंड ड्यूटी: 10 वर्ष+4 वर्ष विस्तार
  • आयु: 20 से 26 वर्ष
  • स्नातक डिग्री: अधिकांश SSC पदों के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री आवश्यक है। 
  • इंजीनियरिंग डिग्री: 'एसएससी टेक' जैसी तकनीकी प्रविष्टियों के लिए, आपको एक मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री (BE/B.Tech) प्राप्त करनी होगी। 
  • अंतिम वर्ष के छात्र: जो छात्र अपनी स्नातक की पढ़ाई के अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर में हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे SSB इंटरव्यू या मेडिकल परीक्षा के समय तक अपनी डिग्री पास करने का प्रमाण प्रस्तुत कर दें। 
  • विशिष्ट शाखाओं के लिए: नेवी जैसी कुछ शाखाओं में, विशिष्ट इंजीनियरिंग या तकनीकी डिग्री जैसे मैकेनिकल, एयरोनॉटिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, या इलेक्ट्रिकल में न्यूनतम 60% अंक होना आवश्यक है।


7- अग्निपथ योजना (अग्निवीर वायु)- इसके तहत चयनित युवाओं को 4 वर्षो तक सेवा का अवसर मिलता है। इन्हें 'अग्निवीर' कहते हैं। इसमें 12वीं, इंजीनियरिंग डिप्लोमा और 2-वर्षीय वोकेशनल कोर्स वाले पात्र हैं। 

  • आयु: 17.5 से 21 वर्ष
  • योग्यता: अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र होते हैं। 

भारतीय वायुसेना में भर्ती होने के लिये ट्रेनिंग और चयन प्रक्रिया

वायुसेना में वही उम्मीदवार चयनित होते हैं जो शरीरिक, मानसिक और चिकित्सकीय रूप से फिट हो। 

  • फिजिकल टेस्ट में 4 किमी दौड़ (15 मिनट में), 20 पुशअप्स, 8 चिनअप्स, 25 सिटअप्स, स्किपिंग, 3-4 मीटर रोप क्लाइम्बिंग और 25 मीटर तैराकी शामिल हैं। फ्लाइंग/टेक्निकल की ट्रेनिंग 74 सप्ताह और नॉन-टेक्निकल की 52 सप्ताह और नॉन-टेक्निकल की 52 सप्ताह की होती है। 
  • SSB इंटरव्यू प्रक्रिया 5 दिन की होती है। इसमें स्क्रीनिंग एंड PIQ फॉर्म, मनोवैज्ञानिक परीक्षण, GTO टास्क (ग्रुप डिस्कशन, लेक्चरेट आदि), पर्सनल इंटरव्यू और कॉन्फ्रेंस डे होता है। 
  • पायलट बनने वाले उम्मीदवारों के लिए अंत में 'पायलट एप्टीट्यूट बैटरी टेस्ट' (PABT) देना होता है। इस परीक्षा को जीवन में केवल एक बार ही दिया जा सकता है। 

Monday, June 2, 2025

CARA वेबसाइट से घर बैठे करें बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन

कई दंपती ऐसे होते हैं जिनकी संतान नहीं होती है। वे इसके लिए बच्चा गोद लेना चाहते हैं। बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया आप घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं। अब बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पहले से काफी आसान और पारदर्शी हो गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाला केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) देश में दत्तक ग्रहरण की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। कारा सरकारी एजेंसी है जो यह सुनिश्चित करती है कि बच्चे को गोद लेने की पूरी प्रक्रिया कानूनी, पारदर्शी और बच्चे के हित में हो। 


कौन कर सकता है गोद लेने के लिए आवेदन: किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का व्यक्ति बच्चा गोद ले सकता है, यदि वह मानसिक और आर्थिक रूप से सक्षम है। इसके लिए विवाहित जोड़े की शादी को कम से कम दो वर्ष हो चुके हों। दोनों पति-पत्नी की सहमति आवश्यक है। गोद लेने वाले की उम्र और बच्चे की उम्र में 25 वर्ष का अंतर हो। अविवाहित व्यक्ति भी बच्चा गोद ले सकता है, लेकिन समान लिंग के दंपतियों के लिए फिलहाल यह अनुमति नहीं है। 


ऐसे करें प्रक्रिया पूरी: गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए सबसे पहले कारा वेबसाइट cara.wcd.gov.in पर जाकर चाइल्ड एडाप्शन रिसोर्स इंफार्मेशन एंड गाइडेंस सिस्टम (केरिंग) पोर्टल में लागिन करें और प्रोस्पेक्टिव एडाप्टिव पेरेंट्स रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें। इस पर पहचान प्रमाण, आय प्रमाण, स्वास्थ्य रिपोर्ट, फोटो आदि स्कैन कर अपलोड करें। आवेदन के बाद संबंधित स्पेशलाइज्ड अडाप्शन एजेंसी आपके घर आकर आपकी स्थिति और वातावरण का मूल्यांकन करती है। यह रिपोर्ट प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। आपकी रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद पोर्टल पर तीन बच्चों की जानकारी दिखाई जाती है। 


अभिभावक के नाम से बन सकते हैं दस्तावेज: अदालत से एडाप्शन आर्डर मिलने के बाद गोद लिए गए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज नए अभिभावकों के नाम से बनवाए जा सकते है। एजेंसी बच्चे की शुरूआती देखभाल के लिए कुछ समय तक परामर्श व निगरानी भी करती है।  

Thursday, April 17, 2025

5 लाख से शुरू करें मोबाइल, एक्सेसरीज का बिजनेस


भारत दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन बाजारों में से एक है। अब स्मार्टफोन की मांग केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों में भी दो अंकों की मजबूत वृद्धि दर्ज की जा रही है। ऐसे में मोबाइल शो रूम खोलना एक बेहतर बिजनेस आइडिया हो सकता है। यहां तक कि सीमित पूंजी होने पर भी ये बिजनेस शुरू किया जा सकता है। करीब 3 से 5 लाख रूपए की पूंजी और सही प्लानिंग से आप छोटे स्तर पर शुरूआत कर सकते हैं। 


ऐसे बढ़ाएं अपना बिजनेस

  • मोबाइल के अलावा, एक्सेसरीज (कवर, स्क्रीन, इयरबड्स) और रिपेयरिंग सेवाएं मुख्य आय का स्त्रोत बन सकती हैं, जिनमें 15 प्रतिशत से 30 प्रतिशत या अधिक मार्जिन होता है। नए फोन पर 5-15 प्रतिशत तक कमीशन होता है। 
  • शोरूम ग्राहकों को ईएमआई और पुराने फोन के बदले नया लेने की सुविधा देकर बिक्री बढ़ा सकते हैं। 
  • सस्ते दाम पर नकली एक्सेसरीज या ग्रे मार्केट के फोन बेचे जाने का जोखिम होता है। हमेशा अच्छी क्वालिटी की एक्सेसरीज बेचें। 
  • मोबाइल शोरूम के लिए सबसे जरूरी है लोकेशन। कोशिश करें कि शोरूम बाजार, बस स्टैंड या भीड़-भाड़ वाली गली के पास हो। ऐसी जगह जहां पैदल आने-जाने वाले लोग ज्यादा हों, वहां ग्राहक भी आसानी से पहुंच पाएंगे। 


ये कानूनी औपचारिकताएं जरूरी

जीएसटी व बिजनेस रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इसके बिना बड़े डिस्ट्रीब्यूटर से मोबाइल, एक्सेसरीज नहीं खरीद पाएंगे। डिस्ट्रीब्यूटर से डिस्ट्रीब्यूटर कोड प्राप्त करें। तभी आप आधिकारिक तौर पर उनके मोबाइल और एक्सेसरीज बेच सकते हैं। 

Tuesday, March 25, 2025

इस पोर्टल के जरिए करें आनलाइन मंगाए प्रोडक्ट की शिकायत


बढ़ती सुविधाओं के साथ स्थानीय बाजार के साथ ई-कामर्स प्लेटफार्म से भी काफी सामान खरीदा जाता है। अगर किसी ग्राहक को किसी उत्पाद या सेवा में दिक्कत आती है और कंपनी सुनवाई नहीं करती, तो वह इस पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। 


इन मामलों में कर सकते हैं शिकायत: आनलाइन खरीदे प्रोडक्ट में खराबी या गलत सामान मिलने पर, कंपनी द्वारा वारंटी या गारंटी पूरी न करने पर, डिलीवरी में देरी या गलत बिलिंग पर, किसी सेवा जैसे मोबाइल, इंटरनेट, बैंकिग, धोखाधड़ी पर।


देना होगी ये जानकारी: शिकायत दर्ज करते समय आपको कुछ बुनियादी जानकारी देनी होती है।

  • खरीदे गए उत्पाद या सेवा का नाम
  • कंपनी या विक्रेता का नाम
  • खरीद की तारीख
  • बिल या इनवाइस नंबर
  • समस्या का संक्षिप्त विवरण


दो तरीकों से हो सकती है शिकायत: इस प्लेटफार्म पर दो प्रकार से शिकायत की जा सकती है। पहला फोन काल के जरिए और दूसरा आनलाइन माध्यम से।

  1. अगर आप सीधे बातचीत करके शिकायत दर्ज करना चाहते है, तो मंत्रालय ने इसके लिए एक टोल-फ्री नंबर 1915 जारी किया है। यह नंबर सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है। इस हेल्पलाइन पर 12 भाषाओं में शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग आसानी से उपयोग कर सकें। 
  2. यदि आप डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज करना चाहते हैं, तो वेबसाइट www.consumerhelpline.gov.in पर विजिट करना होगा। यहां आपको साइन अप करना होगा। इसके बाद आपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और आवश्यक जानकारी भरें। आपको एक यूजर आइडी और पासवर्ड मिलेगा। अब लाग इन करें और रजिस्टर योर कंप्लेट सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज कर सकते है। शिकायत दर्ज करने के बाद एक कंप्लेट रिफ्रेंस नंबर मिलेगा, जिससे शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते है।   

Saturday, April 9, 2011

सिलाई से जुड़े कोर्सेस व स्किल्स की जानकारी

सिलाई एक पारंपरिक कला होने के साथ आज के समय में एक पेशेवर स्किल भी बन चुकी है। सिलाई से जुड़े प्रमुख कोर्सेस में टेलरिंग, फैशन डिजाइनिंग, बुटीक मैनेजमेंट और एम्ब्रॉयडरी डिजाइनिंग शामिल हैं। 


ये कोर्सेस आइटीआइ, पॉलिटेक्निक संस्थान और फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट्स में उपलब्ध होते हैं। आवश्यक स्किल्स में मशीन सिलाई का ज्ञान, पैटर्न कटिंग, माप लेना, फैब्रिक की समझ और डिजाइनिंग सेंस शामिल हैं। कोर्स की अवधि तीन महीने से एक वर्ष तक हो सकती है। 


आप किसी प्रतिष्ठित टेलरिंग गाइड की मदद भी ले सकती हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद बुटीक, गारमेंट इंडस्ट्री, फैशन हाउस या स्वयं का कारोबार शुरू किया जा सकता है। सिलाई स्किल सीखकर न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं बल्कि रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता भी विकसित होती है। 

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