Tuesday, January 27, 2026

सदियों पुराने मंदिरों में सिर्फ हिंदुओं की एंट्री: बीकेटीएस

उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में जल्द ही गैर-हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीएस) के अनुसार, सदियों पुराने मंदिरों में सिर्फ हिंदुओं की एंट्री होगी। यह प्रस्तावित पाबंदी समिति द्वारा चलाए जा रहे सभी मंदिरों पर लागू होगी, जिसमें बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम भी शामिल हैं।


इस बात की पुष्टि करते हुए बीकेटीएस के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि समिति के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले को लागू करने के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव मंदिर समिति बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।


बद्रीनाथ मंदिर सर्दियों के मौसम में छह महीने बंद रहने के बाद 23 अप्रैल को फिर से खुलेगा। केदारनाथ मंदिर के फिर से खुलने की तारीख महाशिवरात्रि के मौके पर घोषित की जाएगी। चार धाम में केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिरों के अलावा गंगोत्री और यमुनोत्री भी शामिल हैं। इन दोनों तीर्थस्थलों के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के त्योहार के साथ फिर से खुलने वाले हैं।


यह घोषणा उत्तराखंड में प्रमुख धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर चल रही एक बड़ी बहस के बीच आई है।


इस महीने की शुरुआत में हरिद्वार के हर की पौड़ी को ‘गैर-हिंदुओं के लिए वर्जित’ घोषित करने वाले पोस्टर विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर दिखाई दिए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इन पोस्टरों में हर की पौड़ी क्षेत्र को पूरी तरह से ‘हिंदू क्षेत्र’ बताया गया था, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक पहुंच को लेकर बहस और तेज हो गई।


श्री गंगा सभा द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर लिखा था, “गैर-हिंदुओं के लिए प्रवेश वर्जित क्षेत्र”। हालांकि, संगठन ने दावा किया कि इस कदम का मकसद सिर्फ लोगों को जानकारी देना है और इसका कोई गलत इरादा नहीं है।


श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इस घटनाक्रम के बारे में मीडिया से ​​बातचीत करते हुए कहा, “हर नागरिक के लिए कानून की बुनियादी जानकारी जरूरी है। हाल ही में सामने आई कुछ घटनाओं के बाद गंगा सभा को लगा कि लोगों को नियमों और विनियमों के बारे में जागरूक करना बहुत जरूरी है। इसी मकसद से हरिद्वार के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं ताकि आम जनता, श्रद्धालु और पर्यटक कानून के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी ले सकें।”


नितिन गौतम ने आगे कहा कि हाल के दिनों में दो-तीन घटनाएं हुई हैं, जिनसे पता चलता है कि सही जानकारी की कमी ही विवाद और झगड़े की असली वजह थी। उन्होंने बताया था कि इन बैनरों का मकसद लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना है ताकि कानून-व्यवस्था मजबूत हो और समाज में शांति और सद्भाव बना रहे। 

रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रैटिसशिप मेला का आयोजन 30 जनवरी को

जिला रोजगार अधिकारी भोपाल ने बताया कि युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रैटिसशिप मेला का आयोजन 30 जनवरी 2026 को प्रातः 11.00 से 03 बजे तक सत्य साई कालेज कस्तुरबा अस्पताल के पास, भोपाल में किया जा रहा है।


उन्होंने मध्यप्रदेश के सभी रोजगार के इच्छुक आवेदक, आवेदिकाओं से अपील की है कि वे अपने समस्त मूल प्रमाण - पत्रों एवं अपना बायोडाटा सहित साक्षात्कार के लिए 30 जनवरी को प्रातः 11.00 बजे उपस्थित होकर रोजगार मेला का सुनहरा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर का लाभ प्राप्त सकते है। भर्ती कंपनियों द्वारा अपनी शर्तों पर की जाएगी। साक्षात्कार के समय, कंपनी से समस्त जानकारी स्वंय प्राप्त करें।


जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि युवा संगम रोजगार मेले में सेल्स मार्केटिंग, मशीन आपरेटर, इंश्योरेंश एडवाईजर, टीचर के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। शैक्षणिक योग्यता 5वी से 12वी, स्नातक, आई.टी.आई, डिप्लोमा बी.एड.,डी.एड एवं आयु 18 से 40 वर्ष तक भर्ती में शामिल हो सकते हैं।

Sehore news: गणतंत्र दिवस पर "लखपति दीदी" थीम पर जिलों में हुआ झांकी प्रदर्शन, गणतंत्र दिवस पर "लखपति दीदी" थीम पर जिलों में हुआ झांकी प्रदर्शन

SEHORE: मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 26 जनवरी 2026 को पहली बार "लखपति दीदी" थीम पर मिशन अंतर्गत विभिन्न जिलों में झांकी प्रदर्शित की गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिलों में आयोजित समारोहों में प्रदर्शित की गई इन झांकियों में अधिकांश जिलों को पुरस्कार मिले हैं। सीहोर में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में "लखपति दीदी" थीम पर निकाली गई झांकी को तृतीय पुरस्कार मिला है।


उल्लेखनीय है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी आजीविका मिशन श्रीमती हर्षिका सिंह ने जिलों में प्रदर्शित होने बाली झांकियों में मिशन अंतर्गत "लखपति दीदी" थीम को शामिल करते हुए झांकी प्रदर्शन के लिए निर्देशित किया था।


38 जिलों द्वारा इसी विषय पर झांकी निकाली गई। इसमें से 10 जिलों ने प्रथम स्थान, 7 जिलों ने द्वितीय एवं 7 जिलों ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया है।


प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने बाले जिलों में खरगोन, सिंगरोली, पन्ना, ग्वालियर, कटनी, नीमच, सतना, मैहर, शहडोल एवं बालाघाट शामिल हैं। द्वितीय पुरस्कार रायसेन, उज्जैन, मुरैना, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास एवं रतलाम जिले ने हासिल किया है। तृतीय पुरस्कार सीहोर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, छतरपुर, इंदौर एवं हरदा जिले ने प्राप्त किया है।


उज्जैन जिले मे गणतंत्र दिवस समारोह में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना विकास खण्ड के डबलाहरदू ग्राम की ड्रोन दीदी श्रीमती रूपाली मोदी को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए मंच से सम्मानित किया।

रायसेन जिले में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस, प्रभारी मंत्री श्री पंवार ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

जिला मुख्यालय रायसेन सहित सम्पूर्ण जिले में पूरे उमंग, उल्लास और राष्ट्रप्रेम की भावनाओं से ओत-प्रोत वातावरण में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। जिला मुख्यालय रायसेन स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा परेड की सलामी ली गई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा गणतंत्र दिवस पर प्रदेश की जनता के नाम प्रसारित संदेश का मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री पंवार द्वारा वाचन किया गया।  


गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री पंवार ने सलामी परेड का निरीक्षण किया। समारोह में सुरक्षा बलों द्वारा हर्ष फायर किया गया एवं राष्ट्रगान की आकर्षक धुन प्रस्तुत की गई। परेड में विशेष सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, होमगार्ड, महिला पुलिस बल, वन विभाग, एनसीसी तथा स्काउड गाइड द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट किया गया। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री पंवार द्वारा रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए। इसके पश्चात उन्होंने परेड कमाण्डर से परिचय प्राप्त किया। 


स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का सम्मान- गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री पंवार द्वारा  स्वतंत्रता संग्राम सैनानी, लोकतंत्र सैनानियों, उनके परिजनों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।


परेड के लिए इन्हें मिला पुरस्कार- गणतंत्र दिवस समारोह के अंत में पुरस्कार वितरित किए गए। सीनियर परेड के लिए जिला पुलिस बल को प्रथम पुरस्कार, होमगाड्स बल को द्वितीय पुरस्कार और महिला पुलिस बल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी प्रकार जूनियर परेड के लिए एनसीसी सीनियर बालिका स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय रायसेन को प्रथम पुरस्कार, एनसीसी सीनियर स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय रायसेन को द्वितीय पुरस्कार तथा एनसीसी जूनियर बालक शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रायसेन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार- गणतंत्र दिवस समारोह में आयोजित सांस्कृति कार्यक्रमों की कड़ी में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.विद्यालय रायसेन को प्रथम पुरस्कार, डॉ राधा कृष्णन उ.मा.विद्यालय रायसेन को द्वितीय पुरस्कार तथा सनराईज पब्लिक स्कूल रायसेन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त शाइनिंग पब्लिक स्कूल रायसेन तथा ग्लोबल ऑफ एक्सीलेंस स्कूल रायसेन को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।


यह झांकियां हुईं पुरस्कृत- गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों तथा विकास कार्यो पर आधारित झॉकियां निकाली गईं। समारोह में शिक्षा विभाग/डीपीसी द्वारा प्रदर्शित झांकी को प्रथम पुरस्कार, जिला पंचायत विभाग द्वारा प्रदर्शित झांकी को द्वितीय पुरस्कार तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदर्शित झांकी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।


उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान- गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री पंवार द्वारा शासकीय सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 


इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री यशवंत मीणा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता सेन, कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री मनोज उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार, श्री राकेश शर्मा सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व परेड कमान्डर सूबेदार श्री राघवेन्द्र सिंह राजावत द्वारा किया गया। 

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन 7 फरवरी से 7 मार्च तक, किसानों से आग्रह निर्धारित समय में पंजीयन करा लें

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। पंजीयन की निरूशुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।


पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान-पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। पूर्व वर्षों की किसी अपात्र संस्था में केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन के लिए नहीं रखा जायेगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।


किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक का नाम खाता नंबर और आईएफएससी कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए ताकि किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।


Sunday, January 25, 2026

GOVT SCHEME: सुकन्या समृद्धि योजना में पायें 8.2% ब्याज

सुकन्या समृद्धि योजना 2015 में शुरू हुई इस सरकारी बचत योजना में बेटी के नाम पर छोटी-छोटी रकम जमा करके बड़ी पूंजी तैयार की जा सकती है। निवेश पर अच्छा ब्याज मिलता है, और यह पूरी तरह सुरक्षित है। अकाउंट पोस्ट ऑफिस या चुनिंदा बैंक में खोल सकते हैं।


सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का मकसद बेटी की पढ़ाई, शादी या दूसरे जरूरी खचों के लिए पैसे जमा करना है। सुकन्या समृद्धि योजना के नियम के अनुसार 15 साल तक पैसा जमा करना होता है और 21 साल पर मैच्योरिटी मिलती है, यानी 6 साल तक बिना नया पैसा डाले ब्याज मिलता रहता है। मौजूदा ब्याज दर 8.2% है जिसमें बदलाव संभव है। 


अगर आप बेटी के जन्म पर उसके लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोलते हैं। 15 साल तक हर माह 12,500 रुपए या अपनी सुविधा के अनुसार सालाना 1.5 लाख रुपए जमा करते हैं। मौजूदा ब्याज 8.2% सालाना कंपाउंड होता है। 21 साल बाद मैच्योरिटी के समय आपके पास 72 लाख रुपए जमा हो सकते हैं। कैलकुलेशन ऐसा हैः हर साल की जमा रकम अलग-अलग वर्षों तक बढ़ती है। पहली साल की 1.5 लाख पर 21 साल ब्याज मिलेगा, दूसरी पर 20 साल, और आखिरी 15वीं जमा पर 7 साल ब्याज मिलेगा।


मैच्युरिटी रकम करीब 71.82 लाख होती है,। इसे राउंड करके 72 लाख कह सकते हैं। इसमें कुल निवेश 22.5 लाख रु. है, जबकि बाकि 49 लाख से ज्यादा रुपया ब्याज से आता है। अगर भविष्य में ब्याज दर बढ़ी, तो और ज्यादा मिलेगा। ध्यान रखें : खाता खोलने के लिए बेटी की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों का खाता खुल सकता है। जुड़वां बेटियां हैं, तो 3 तक की छूट है। बीच में पैसे निकालने के नियम सख्त हैं। सिर्फ बेटी की पढ़ाई के लिए 50% तक 18 साल बाद, या गंभीर बीमारी में। खाता समय से पहले बंद करना पड़े, तो ब्याज दर कम हो जाती है।

महिला डांसर पर रोजगार सहायक ने उड़ाए नोट, वीडियो वायरल

 

Baikunthpur: कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक अंतर्गत पोड़ी इलाके में खेल और मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता परोसी गई। फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन के बाद आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रोजगार सहायक  मर्यादाओं को ताक पर रखकर डांसर पर नोट उड़ाते हुए नजर आ रहें हैं। 

इस घटना ने जिला प्रशासन की छवि को धूमिल किया है, जिसके बाद अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। पोड़ी इलाके में फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया था। मैच समाप्त होने के बाद आयोजन समिति ने खिलाड़ियों और कर्मचारियों के लिए रात में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा था।

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