BHOPAL: भोपाल जिले के प्रमुख ODOP उत्पाद जरी-ज़र्दोज़ी को निर्यात एवं बाजार विस्तार की दिशा में सशक्त बनाने हेतु बुधवार को ODOP जरी-ज़र्दोज़ी केंद्र, गोलखेड़ी, भोपाल में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण, हाल ही में सम्पन्न ODOP एवं Export Awareness Workshop के अगले चरण के रूप में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों एवं उद्यमियों को व्यावहारिक रूप से उद्योग-तैयार बनाना तथा उन्हें आधुनिक व्यापार एवं बाजार आवश्यकताओं से जोड़ना था।
कार्यक्रम मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के International Trade & Investment Facilitation Cell (ITIFC) तथा भोपाल जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारीगरों, SHGs, MSME इकाइयों एवं स्थानीय उद्यमियों ने ऑफलाइन सहभागिता दर्ज कराई। जो प्रतिभागी किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाए, उन्होंने इस प्रशिक्षण को ऑनलाइन माध्यम से भी सक्रिय रूप से जॉइन किया, जिससे कार्यक्रम की पहुँच और प्रभाव दोनों व्यापक हुए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
प्रशिक्षण के दौरान जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों एवं उद्यमियों को डिजिटल व्यापार प्रणाली, ऑनलाइन मार्केटिंग एवं आधुनिक बाजार आवश्यकताओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सत्र के दौरान लाइव रूप से कई प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केट प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड भी किया गया, जिससे वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुँचाने तथा "Local to Global" की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सक्षम हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि भोपाल की जरी-ज़र्दोज़ी कला एक विशिष्ट पारंपरिक हस्तशिल्प है, जिसमें डिजिटल बाजार के माध्यम से व्यापक संभावनाएँ निहित हैं।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों को प्रस्तुत करने, ऑनलाइन बाजार से जुड़ने तथा आधुनिक मार्केटिंग प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही कई कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान डिजिटल मार्केटप्लेस पर लाइव ऑनबोर्ड भी किया गया, जिससे वे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुँचाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें कारीगरों ने डिजिटल बिक्री, लागत, पैकेजिंग एवं वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों द्वारा सभी प्रश्नों के व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए। जिला प्रशासन एवं MPIDC ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाकर "Local to Global" की दिशा में सशक्त आधार प्रदान करेंगे तथा उन्हें नए बाजार और नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।