Monday, April 6, 2026

जेम ने रचा नया कीर्तिमान, 18.4 लाख करोड़ रुपये का जीएमवी पार

गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (जेम) ने सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए कुल 18.4 लाख करोड़ रुपये का सकल व्यापार मूल्य (जीएमवी) पार कर लिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 5 लाख करोड़ रुपये का जीएमवी दर्ज किया गया, जो इसकी तेज़ी से बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। जेम एक पारदर्शी, कुशल और समावेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है, जो सरकारी खरीद प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए विभिन्न उद्यमों को सरकारी मांग से जोड़ता है। यह सार्वजनिक व्यय में पारदर्शिता और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा दे रहा है।


प्लेटफॉर्म पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसई) की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ऑर्डरों का 68% एमएसई द्वारा पूरा किया गया, जो कुल जीएमवी का 47.1% है। जेम पर 2.1 लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले एमएसई पंजीकृत हैं, जिन्हें 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले हैं। वहीं, अनुसूचित जाति और जनजाति के उद्यमों को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। स्टार्टअप उद्यमों ने भी इस प्लेटफॉर्म पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। वित्त वर्ष 2025-26 में इन्हें 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले, जो 36% से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं। जेम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और उन्नत विश्लेषण का उपयोग किया जा रहा है। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और अनियमितताओं की पहचान आसान हुई है। केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्यों द्वारा की गई खरीद में 38.3% की वृद्धि दर्ज की गई है। जेम के सीईओ मिहिर कुमार ने कहा कि 18.4 लाख करोड़ रुपये का जीएमवी पार करना इस प्लेटफॉर्म में खरीदारों और विक्रेताओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।


गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (GeM) भारत सरकार का एक राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल है, जिसे 9 अगस्त 2016 को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था। इसे सरकारी विभागों, मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद के लिए "वन-स्टॉप शॉप" के रूप में बनाया गया है।


GeM की मुख्य विशेषताएं और लाभ

  • पारदर्शिता और दक्षता: यह पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस, संपर्क रहित और कैशलेस बनाता है, जिससे भ्रष्टाचार कम होता है।
  • समावेशिता: यह MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों), स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को सरकारी खरीद में भाग लेने का सीधा अवसर देता है।
  • अनिवार्य खरीद: जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) के नियम 149 के अनुसार, यदि कोई वस्तु GeM पर उपलब्ध है, तो सरकारी विभागों के लिए उसे वहीं से खरीदना अनिवार्य है।
  • व्यापक रेंज: पोर्टल पर 11,000 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 300 से अधिक सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं।


कौन उपयोग कर सकता है?

  • खरीदार (Buyers): केवल केंद्र और राज्य सरकार के विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ, स्वायत्त निकाय और स्थानीय निकाय।
  • विक्रेता (Sellers): कोई भी व्यक्ति या फर्म (निर्माता, पुनर्विक्रेता या सेवा प्रदाता) जो सरकारी निविदाओं में भाग लेना चाहता है। विक्रेताओं के लिए GeM पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क है।


महत्वपूर्ण आंकड़े और नेतृत्व (अप्रैल 2026 के अनुसार)

Gross Merchandise Value (GMV): GeM ने अब तक कुल ₹18.4 लाख करोड़ का कारोबार पार कर लिया है। मुख्य नेतृत्व: गुजरात कैडर के IAS अधिकारी अजय भादू को GeM का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है (कार्यकाल 3 मार्च 2025 से प्रभावी)। 


खरीद के नियम (GFR 149)

खरीद की सीमा के आधार पर प्रक्रिया इस प्रकार है: 

  • ₹25,000 तक: सीधे किसी भी उपलब्ध विक्रेता से खरीद सकते हैं।
  • ₹25,001 से ₹5,00,000 तक: कम से कम तीन अलग-अलग निर्माताओं के बीच तुलना करके सबसे कम कीमत वाले (L1) विक्रेता से।
  • ₹5,00,000 से अधिक: ऑनलाइन बोली (Bidding) या रिवर्स ऑक्शन के माध्यम से अनिवार्य रूप से L1 विक्रेता से।


GeM पर विक्रेता (Seller) के रूप में पंजीकरण

GeM (Government e-Marketplace) पर विक्रेता के रूप में पंजीकरण के लिए, आधिकारिक वेबसाइट gem.gov.in पर जाएं, 'Sign Up' > 'Seller' चुनें, और आधार-लिंक मोबाइल नंबर का उपयोग करके साइन-अप करें। पैन, जीएसटी, उद्यम (MSME) और बैंक विवरण के साथ अपनी व्यावसायिक इकाई (Proprietorship/Company) को पंजीकृत करें, फिर नियम व शर्तें स्वीकार कर क्रेडेंशियल सत्यापित करें।


GeM विक्रेता पंजीकरण प्रक्रिया (चरण-दर-चरण):

  • वेबसाइट पर जाएं: GeM पोर्टल खोलें और 'Sign Up' बटन पर क्लिक करके 'Seller' (विक्रेता) चुनें।
  • प्राथमिक उपयोगकर्ता साइन-अप (Primary User Sign-up):
  • व्यवसाय इकाई का प्रकार चुनें (Proprietorship, Partnership, Private Limited, आदि)।
  • अपने आधार नंबर और आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके स्वयं को सत्यापित करें (यह व्यक्ति व्यवसाय का प्रमुख/अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होना चाहिए)।
  • आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP को दर्ज करें।


व्यापार विवरण (Business Details):

  • अपना PAN नंबर और संगठन का नाम दर्ज करें।
  • GSTIN (यदि लागू हो) और Udyam/MSME विवरण अपडेट करें।
  • लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं: एक वैध ईमेल आईडी और पासवर्ड बनाएं, फिर सेलर डेस्क में लॉग इन करें।


प्रोफाइल अपडेट करें:

  • कंपनी की जानकारी, पता, बैंक खाता विवरण और कर-सम्बन्धी विवरण भरें।
  • अपनी कैटेगरी (उत्पाद या सेवाएं) चुनें।
  • अनुपालन (Compliance): कुछ श्रेणियों के लिए, QCI विक्रेता मूल्यांकन (Vendor Assessment) या उत्पाद परीक्षण रिपोर्ट (Test Reports) की आवश्यकता हो सकती है। 


पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक)
  • PAN कार्ड (कंपनी/प्रोपराइटर का)
  • GSTIN (जीएसटी संख्या)
  • UDYAM/MSME प्रमाण पत्र (यदि हो)
  • बैंक खाता विवरण (कैंसिल्ड चेक के साथ)
  • ईमेल आईडी 


ध्यान दें: पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए वेबसाइट के 'Sign Up' > 'Seller' के बाद 'Review Terms and Conditions' को ध्यान से पढ़ें और स्वीकार करें।

विदिशा जिले में उत्कृष्ट छात्रावासों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित

मध्यप्रदेश शासन के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार विदिशा जिले में अनुसूचित जाति विकास एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में विषयवार शिक्षकों (कोचिंग हेतु) की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 07 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक अपने आवेदन जिला संयोजक कार्यालय में जमा कर सकते हैं।


जारी सूचना के अनुसार शिक्षकों को प्रति कालखंड 300 रुपये की दर से मानदेय प्रदान किया जाएगा तथा एक माह में अधिकतम 20 कालखंडों का मानदेय देय होगा। विभिन्न कक्षाओं के लिए गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान एवं कंप्यूटर सामान्य ज्ञान विषयों के लिए शिक्षकों की आवश्यकता निर्धारित की गई है। प्रत्येक विषय हेतु एक-एक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी।


निर्धारित योग्यता के अनुसार 9वीं एवं 10वीं कक्षाओं के लिए संबंधित विषय में स्नातक स्तर पर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है, जबकि 11वीं एवं 12वीं कक्षाओं के लिए संबंधित विषय में स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक होगा। कंप्यूटर सामान्य ज्ञान के कालखंड रविवार को आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिए माह में अधिकतम 5 कालखंड का मानदेय निर्धारित है।


चयनित शिक्षकों को कोचिंग कार्य से संबंधित मासिक डायरी संधारित करना अनिवार्य होगा। इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन, व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक विवरण के साथ आवश्यक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति संलग्न करते हुए  07 अप्रैल  से 15 अप्रैल तक जिला संयोजक कार्यालय, अनुसूचित जाति विकास एवं जनजातीय कार्य विभाग, विदिशा में जमा कर सकते हैं। जिन विषयों के लिए एक-एक शिक्षक की आवश्यकता है उनमें गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, अंग्रेजी तथा महाविद्यालयीन स्तर पर अंग्रेजी विषय को पढ़ाने हेतु शिक्षको की आवश्यकता है।


भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी:

  • विषय: गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और कंप्यूटर ज्ञान।
  • मानदेय: प्रति कालखंड ₹300 (अधिकतम 20 कालखंड/माह)। कंप्यूटर कक्षाएं केवल रविवार को (अधिकतम 5 कालखंड)।
  • योग्यता: 9वीं-10वीं के लिए संबंधित विषय में 60% के साथ स्नातक, 11वीं-12वीं के लिए 60% के साथ स्नातकोत्तर अनिवार्य।


आवेदन प्रक्रिया:

योग्य उम्मीदवार अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ, विदिशा में संबंधित जिला संयोजक कार्यालय में अंतिम तिथि (15 अप्रैल 2026) तक आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों के लिए मासिक रिपोर्टिंग (डायरी) अनिवार्य होगी।

पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिए किया गया टीकाकरण

वेटरनरी विभाग द्वारा जिले के ग्राम नीमटोन में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से सुरक्षित रखने के लिए पशुओं का एफएमडी टीकाकरण किया गया तथा रोग की निगरानी के उद्देश्य से प्री-वैक्सीनेशन सैंपल भी एकत्रित किए गए। विभागीय टीम ने पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समय-समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी।


 क्या है खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग

खुरपका-मुंहपका (FMD) पशुओं में होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक और घातक विषाणु (वायरल) रोग है, जो मुख्य रूप से दो खुर वाले पशुओं जैसे गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर को प्रभावित करता है। यह 'पिकोरना' परिवार के 'एफथोनस' (Aphthovirus) विषाणु के कारण होता है।


प्रमुख लक्षण (Symptoms)

संक्रमित पशु में निम्न लक्षण दिखाई देते हैं:

  • तेज बुखार: पशु को 104°F से 106°F तक बुखार रहता है।
  • मुंह में छाले: जीभ, मसूड़ों और होठों पर फफोले या छाले पड़ जाते हैं, जिससे पशु को खाने-पीने में बहुत दर्द होता है।
  • लार टपकना: मुंह से लगातार अत्यधिक लार गिरती रहती है।
  • खुरों में घाव: खुरों के बीच में सूजन और घाव हो जाते हैं, जिससे पशु लंगड़ाकर चलने लगता है।
  • उत्पादन में कमी: दूध देने वाले पशुओं के दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है।
  • अन्य: थनों में सूजन, भूख न लगना, सुस्ती और गाभिन पशुओं में गर्भपात की स्थिति बन सकती है।


रोग फैलने के कारण (Causes of Spread)

यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है और इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • संक्रमित पशु के सीधे संपर्क में आने से।
  • दूषित चारा और पानी के सेवन से।
  • हवा के जरिए भी यह विषाणु फैल सकता है।
  • पशुओं के परिवहन वाहनों और उपकरणों के माध्यम से।


बचाव और नियंत्रण (Prevention & Control)

  • टीकाकरण (Vaccination): एफएमडी वैक्सीनेशन इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है, जिससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। बचाव का सबसे प्रभावी तरीका नियमित टीकाकरण है। सरकार द्वारा साल में दो बार (छह-छह महीने के अंतराल पर) टीकाकरण अभियान चलाया जाता है।
  • अलगाव (Isolation): बीमार पशु को तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए।
  • साफ-सफाई: पशुशाला में फिनाइल या डेटोल से सफाई करनी चाहिए और प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही कम रखनी चाहिए।
  • घरेलू उपचार: प्रभावित हिस्सों (मुंह और खुर) को लाल दवा (पोटेशियम परमैंगनेट) या नीम के काढ़े से धोना फायदेमंद होता है।


यह रोग इंसानों के स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं है, लेकिन यह पशुपालन अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाता है।

Sunday, April 5, 2026

फारेस्ट गार्ड, जेल प्रहरी के 1679 पदों पर भर्ती का सुनहरा मौका

मप्र कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) की ओर से फारेस्ट गार्ड, फिल्ड गार्ड, जेल प्रहरी और असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट के पदों पर भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। भर्ती प्रक्रिया 1679 पदों पर होगी। इच्छुक उम्मीदवार 30 अप्रैल तक आफिशियल वेबसाइट https://esb.mponline.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया एमपी कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को आनलाइन आवेदन के साथ-साथ निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन शामिल होंगे।


भर्ती प्रक्रिया से जुड़ीं अहम जानकारियां

आवेदन शुल्क

  • आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये।
  • अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 250 रुपये।


शैक्षणिक योग्यता

  • फारेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड- 10वीं पास
  • जेल प्रहरी 12वीं पास
  • असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट - स्नातक (ग्रेजुएशन)

(अलग-अलग पदों के अनुसार योग्यता निर्धारित की गई है।)


ये पद हैं शामिल

  • फारेस्ट गार्ड- 728 पद
  • फील्ड गार्ड-169 पद
  • जेल प्रहरी-757 पद
  • असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट-25 पद

कुलपद- 1679


आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु- 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु-33-38 वर्ष (वर्ग अनुसार) आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार छूट


चयन प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया में कई चरण होंगे

  1. लिखित परीक्षा (सीबीटी)
  2.  फिजिकल टेस्ट (पीईटी) पीएमटी।
  3. डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  4. मेडिकल टेस्ट

(कुछ पदों में शारीरिक दक्षता बेहद महत्वपूर्ण है।)


वेतनमान

  • फारेस्ट गार्ड जेल प्रहरी- 19,500-62,000 हजार
  • असिस्टेंट जेल सुपरिंटेंडेंट- 36,200-1,14,800 हजार

(साथ में डीए, एचआरए और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलेंगे।)


महत्त्वपूर्ण तिथियां

  • आवेदन शुरू- 28 फरवरी 2026
  • अंतिम तिथि- 30 अप्रैल 2026


ऐसे करें आवेदन

आवेदन करने के लिए सबसे पहले https://esb.mponline.gov.in/ की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर विजिट करें। अब वेबसाइट के होमपेज पर क्लिक करके मांगी गई सभी जानकारी को ध्यान से दर्ज कर लें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें। अब मांगी गए सभी जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कापी को अपलोड करें। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।


तैयारी के टिप्स

  • सबसे पहले यह जानें कि परीक्षा में कौन-कौन से विषय आते हैं। लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा दोनों की तैयारी अलग-अलग करनी होगी।
  • पूरा सिलेबस एक साथ न पढ़ें। रोजाना के लक्ष्य तय करें और उसी के अनुसार पढ़ाई के विषय तय करें।
  • गणित और तर्कशक्त्ति (रीजनिंग) के मूल सिद्धांत अच्छे से समझे। बिना बेस मजबूत किए आगे बढ़ना मुश्किल होगा।
  • समसामयिक घटनाओं के साथ रोज अखबार या सामान्य ज्ञान की पत्रिका पढ़ें।
  • विशेष रूप से मप्र से जुड़ी खबरों पर ध्यान दें। परीक्षा का स्तर और प्रकार समझा में आता है। महत्वपूर्ण विषयों की पहचान करना आसान होता है।
  • हर विषय के लिए समय तय करें। अभ्यास करते समयं घड़ी का उपयोग करें।
  • हर सप्ताह कम से कम 1-2 माक टेस्ट दें। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और सुधार करें।
  • महत्वपूर्ण तथ्यों और सूत्रों को लिखकर रखें। अंतिम समय में दोहराने में मदद मिलेगी।
  • रोज पढ़े हुए विषयों को दोहराएं। साप्ताहिक पुनरावृत्ति भी करें।
  • जिस विषय में आप कमज़ोर है। उस पर अधिक समय दें। कठिन विषयों से भार्गे नहीं।
  • पढ़ाई के समय मोबाइल का उपयोग कम करें। सोशल मीडिया से दूरी बनाएं
  • शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दें। इस परीक्षा में शारीरिक परीक्षा भी होती है। रोज दौड लगाना शुरू करें। पुश-अप, सिट-अप और अन्य व्यायाम करें। धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ाए।
  • सही मार्गदर्शन प्राप्त करें। शिक्षकों, कोचिंग या आनलाइन साधनों की मदद लें। सही दिशा में मेहनत करना जरूरी है।
  • रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ना ज्यादा लाभदायक है। लंबे समय तक ब्रेक न ले।
  • अंतिम समय में सही रणनीति अपनाए। परीक्षा के पास केवल दोहराव (रिवीजन) करे। नए विषय शुरू करने से बचें। आत्मविश्वास बनाए रखें।


नोट: आधिकारिक अधिसूचना/नियम पुस्तिका इस लिंक से डाउनलोड (https://esb.mponline.gov.in) करके ही आवेदन करें।

Saturday, April 4, 2026

तमिलनाडु में जन्मी रिनी संपत बनीं वॉशिंगटन डीसी मेयर चुनाव में पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार

भारत के तमिलनाडु (थेनी) में जन्मी रिनी संपत ने वॉशिंगटन डीसी के मेयर चुनाव के लिए मतपत्र (ballot) पर जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। वह इस पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं।


तमिलनाडु में जन्‍मी सुश्री रिनी संपत वॉशिंगटन डीसी के मेयर के पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्‍मीदवार बन गई हैं। वह वॉशिंगटन के राजनीतिक इतिहास में मील का पत्‍थर साबित हुई हैं। भारत के थेनी में जन्‍मी संपत सात वर्ष के उम्र में अमरीका चली गईं थी।


उन्‍होंने कहा कि यह क्षण उनके लिए व्यक्तिगत और व्यापक सामुदायिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि डीसी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली दक्षिण एशियाई नागरिक होना उनके लिए बेहद मायने रखता है।


उनके अभियान ने इस बात की पुष्टि की कि चुनाव में शामिल होने के लिए चार हजार 500 से अधिक लोगों ने उनकी याचिका पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनकी उम्मीदवारी दूसरों को चुनाव लड़ने और अपने पड़ोसियों के लिए अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगी।


अभियान में दी गई जानकारी के अनुसार 31 वर्षीय संपत सरकारी ठेकेदार हैं, जो करीब एक दशक से वॉशिंगटन में रह रही हैं। उन्होंने अपने अभियान को बुनियादी नागरिक सेवाओं और शासन सुधारों पर केंद्रित किया है।


रिनी संपत के बारे में मुख्य जानकारी:

  • मूल स्थान: उनका जन्म तमिलनाडु के थेनी में हुआ था और वह 7 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ अमेरिका चली गई थीं।
  • शिक्षा और करियर: वह दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (USC) की पूर्व छात्र अध्यक्ष (Student Body President) रह चुकी हैं। वर्तमान में 31 वर्षीय रिनी एक सरकारी ठेकेदार के रूप में कार्यरत हैं।
  • चुनाव अभियान: वह डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रही हैं। उनके अभियान का मुख्य विषय 'Fix the Basics' (बुनियादी सुविधाओं को सुधारना) और 'A New DC' (एक नया डीसी) का विजन है।
  • मुद्दे: उनका ध्यान बुनियादी नागरिक सेवाओं में सुधार, सुरक्षा और सरकारी कार्यक्रमों को नागरिकों के लिए अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित है।
  • समर्थन: मतपत्र पर अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए उनके अभियान को 4,500 से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों का समर्थन प्राप्त हुआ। 


रिनी ने अपनी उम्मीदवारी पर कहा कि एक "बाहरी" (outsider) के रूप में वह किसी विशेष हित समूह की ऋणी नहीं हैं और उनका पूरा ध्यान शहर की बुनियादी सेवाओं को ठीक करने पर रहेगा।

राहुल गांधी ने आज इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में यूडीएफ की चुनावी सभाओं को किया संबोधित

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज (4 अप्रैल, 2026) केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में यूडीएफ (UDF) की चुनावी सभाओं को संबोधित किया।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज अलाप्पुझा में कहा कि यूडीएफ केरलम में वास्तविक बदलाव लाने के लिए तैयार है। उन्होंने एलडीएफ और एनडीए दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद सत्ताधारी एलडीएफ अप्रासंगिक हो जाएगा। श्री राहुल गांधी ने आज इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में यूडीएफ की चुनावी सभाओं को भी संबोधित किया। 


सीपीआई-मार्क्‍सवादी के महासचिव एम. ए. बेबी और पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में एलडीएफ के लिए प्रचार किया। श्री बेबी ने कहा कि एलडीएफ ने केरल को कई क्षेत्रों में आगे बढ़ाया है और सीपीआई-एम तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करती बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए दृढ़ता से खड़ी है।


राज्‍य में चुनाव प्रचार मंगलवार को समाप्‍त हो रहा है। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रमुख प्रचारकों सहित कई प्रमुख नेता प्रचार में जी-जान से जुटे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल कोझिकोड, एर्नाकुलम और तिरुअनंतपुरम जिलों में एनडीए के लिए प्रचार करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कल कोल्लम जिले में यूडीएफ के लिए प्रचार में शामिल होंगे।


अपने भाषणों के दौरान उन्होंने सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) और भाजपा के बीच "गुप्त गठबंधन" होने का आरोप लगाया। आज के उनके दौरों की मुख्य बातें रही हैं:-

  • एलडीएफ-भाजपा पर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच एक "छिपी हुई साझेदारी" है, जिसका उद्देश्य यूडीएफ को हराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा मुख्यमंत्री विजयन को निशाना क्यों नहीं बना रही है।
  • अल्पसंख्यकों का मुद्दा: गांधी ने मणिपुर और छत्तीसगढ़ में ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया और दावा किया कि केरल के मुख्यमंत्री उन ताकतों के साथ खड़े हैं जो देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हमले कर रही हैं।
  • स्थानीय मुद्दे और वादे:

  1. मानव-वन्यजीव संघर्ष: उन्होंने इडुक्की में मानव-वन्यजीव संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने का वादा किया।
  2. किसानों की समस्याएं: उन्होंने किसानों के पट्टे (title deeds) से जुड़ी समस्याओं को हल करने की बात कही।
  • यूडीएफ की 5 गारंटियां: उन्होंने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, कॉलेज जाने वाली लड़कियों को 1,000 रुपये मासिक सहायता, 3,000 रुपये सामाजिक पेंशन और परिवारों के लिए 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर देने का वादा दोहराया। 


केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। इसके बाद राहुल गांधी 6 अप्रैल को त्रिशूर जिले में प्रचार करेंगे।

छिंदवाड़ा के दिशा लर्निंग सेंटर से 17 अभ्यर्थियों का सुरक्षा बलों में चयन

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा एवं उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ विनीत कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं बटालियन में संचालित दिशा लर्निंग सेंटर के माध्यम से दी जा रही निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण फिजिकल ट्रेनिंग जिले के युवाओं को निरंतर सफलता की ओर अग्रसर कर रही है। यह पहल न केवल युवाओं के आत्मविश्वास को सशक्त कर रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित कर रही है।


इसी राज्य स्तरीय “दिशा लर्निंग सेंटर” कार्यक्रम के अंतर्गत  छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा युवाओं को दी जा रही निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पुलिस लाइन छिंदवाड़ा में संचालित इस केंद्र के माध्यम से अभ्यर्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सुरक्षा बलों में चयन प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।


इस उपलब्धि के अंतर्गत कुल 17 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 11 अभ्यर्थी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में तथा 6 अभ्यर्थी SSC GD के माध्यम से बीएसएफ, सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ में चयनित हुए हैं। चयनित अभ्यर्थियों में श्री लोकेश सरियाम, श्री ऋतिक सोनी, श्री सत्येंद्र बालवंशी, श्री अंकित धुर्वे, सुश्री कामिनी परतेती एवं सुश्री साधना पहाड़े ने SSC GD के तहत विभिन्न अर्धसैनिक बलों में सफलता प्राप्त की है, जबकि श्री मनोज वानखेड़े, श्री दिलीप साहू, श्री अभिषेक सोलंकी, श्री अभिषेक सूर्यवंशी, श्री कुलदीप कुमार, श्री राहुल रघुवंशी, श्री कैलाश वनेश्वर, श्री रंजीत साहू, श्री राम घोटे, श्री निकेत साहू एवं सुश्री भावना फकारे का चयन RPF कॉन्स्टेबल के रूप में हुआ है। यह सफलता छिंदवाड़ा पुलिस के सतत प्रयासों, समर्पण एवं प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम है।


छिंदवाड़ा श्री अजय पांडे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक श्री आशीष तिवारी एवं आरक्षक श्री विजय इनवाती द्वारा अपने नियमित दायित्वों के साथ-साथ विशेष मेहनत एवं प्रतिबद्धता के साथ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे यह उपलब्धि संभव हो सकी। 


उल्लेखनीय है कि “दिशा लर्निंग सेंटर”  केवल फिजिकल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस परिवार के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक समग्र मंच प्रदान करता है। इस केंद्र में  SSC, व्यापम एवं पुलिस भर्ती से संबंधित 500 से अधिक पुस्तकें, पत्रिकाएं एवं समाचार पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क वाई-फाई, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है, जिससे वे ऑनलाइन अध्ययन एवं शोध कार्य कर सकें। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर करियर काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाता है।

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