Thursday, March 19, 2026

गर्मी में हाइपरटेंशन बन सकता है जानलेवा, इन बातों का रखें ध्यान?

हर बढ़ते दिन के साथ गर्मी का पारा ऊपर जाने लगा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सेहत की चुनौतियां बढ़ेंगी, खासकर ब्लडप्रेशर को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी। गर्मी के दिनों में रक्तचाप और हृदय से जुड़े किस तरह के हो सकते हैं जोखिम, बचाव के लिए किन बातों का रखना है ध्यान?


हृदय से जुड़ी समस्या अब हर उम्र में हो रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-2021) के अनुसार भारत में 15 से 54 वर्ष के आयु वर्ग में हर पांच में से लगभग एक व्यक्ति को हाइपरटेंशन है। क्या आप जानते हैं कि बढ़ता तापमान न केवल जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर सकता है, बल्कि यह चुपके से हदय के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है? इसलिए आने वाले दिनों में पारा बढ़ने पर कैसी होनी चाहिए आपकी तैयारी, यही समय है कि हम यह अच्छी तरह समझ लें। हालांकि हमारा शरीर मौसम के अनुकूल स्वयं ही बदलाव करने में माहिर होता है, पर उचित सावधानी न रखी जाए तो बड़ी मुसीबत पी बन सकती है। 


वास्तव में पारा बढ़ने पर रक्तवाहिकाएं शरीर को ठंडा यानी सामान्य तापमान में लाने के प्रयास में जुट जाती हैं। इस प्रक्रिया में रक्तचाप में उत्तार-चढ़ाव होता है और शरीर से पसीना भी अधिक निकलता है। यही वह चीज है, जिसका गर्मी के मौसम में सर्वाधिक ध्यान रखना चाहिए। दरअसल, पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी या डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है, जिससे बचना है। अन्यथा रक्तचाप सामान्य से बहुत कम होने से नसों में थक्के जमने की आशंका रहती है। हृदय को रक्त पंप करने में समस्या आती है, उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो आपतकालको स्थिति यानी हार्ट अटैक या स्ट्रोक की स्थिति भी उत्पन्न कर सकता है।


गर्मी में हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) के मरीजों को डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी, और हीट स्ट्रोक का अधिक खतरा होता है। अत्यधिक गर्मी के कारण रक्त वाहिकाएं फैलने से बीपी में अचानक गिरावट या वृद्धि हो सकती है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और दिल का दौरा या किडनी की समस्या का जोखिम बढ़ जाता है।


एसी के बिना रहने की आदत डालें

गर्मी शुरू होते ही घर से लेकर दफ्तर तक सब जगह एसी चलाया जाने लगता है। कुछ लोग एसी का मान बहुत कम रखना पसंद करते हैं। अगर रक्तचाप की समस्या है तो ऐसा करने से बचना चाहिए। अगर लंबे समय तक एयरकंडीशनर में काम-काज करना पड़े तो प्रयास करें कि इसे एक सामान्य तापमान 24 डिग्री सेल्सियस पर ही सेंट करें। बता दें कि अधिक कूलिंग रखने से आपको प्यास कम लग सकती है। इससे डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। शरीर का पसीना बाहर नहीं निकालने से शरीर में सोडियम यानी नमक बना रहता है। यह हृदयरोगियों के लिए काफी जोखिम भरा हो सकता है। एसी में निरंतर रहने के आदी होने से आप शारीरिक गतिविधि भी कम करने लगते हैं या इससे बचना चाहते हैं। साथ ही यह गर्मी सहने की क्षमता को कम करने के साथ हृदय की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है।


गर्मी में हाइपरटेंशन मरीजों के लिए प्रमुख जोखिम 

  • डिहाइड्रेशन और बीपी का उतार-चढ़ाव: पसीने के माध्यम से शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जो रक्तचाप (BP) को अस्थिर कर सकता है।
  • हृदय पर अतिरिक्त बोझ: शरीर को ठंडा रखने के लिए हृदय को सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो दिल का दौरा या अनियमित धड़कन का कारण बन सकता है।
  • दवाओं का प्रभाव: उच्च रक्तचाप की कुछ दवाएं (जैसे मूत्रवर्धक या डाययुरेटिक्स) गर्मी में निर्जलीकरण (dehydration) के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।


उच्च रक्तचाप और हाइपरटेंशन

सामान्य रक्तचाप 120/80 होना चाहिए पर हाइपरटेंशन है तो यह 140/90 के आसपास रहता है। एक रीडिंग में उच्च रक्तचाप है तो यह हाइपरटेंशन हो आवश्यक नहीं। सात दिन लगातार मापने के बाद यदि तीन दिन या इससे अधिक समय तक उच्च रक्तचाप रहे तो आप इसकी चपेट में हो सकते हैं। 


हाइपरटेंशन है छिपा हुआ खतरा 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्लोबल रिपोर्ट आन हाइपरटेंशन 2025 के अनुसार, वैश्विक आबादी का तकरीबन 34 प्रतिशत हिस्सा हाइपरटेंशन से पीड़ित है। भारत में 21 करोड़ से ज्यादा वयस्क हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं। इनमें से 17 करोड़ का रक्तचाप अनियंत्रित रहता है।


डिहाइड्रेशन से बचें

शरीर के तापमान को स्थिर बनाने के लिए पानी जरूरी है। इससे हार्ट को काम करने में आसानी होती है। गर्मी के दिनों में खूब पसीना निकलता है। इसे संतुलित रखने के लिए नींबू पानी, पुदीने और खीरे के पानी का उपयोग भी कर सकते हैं। ओआरएस का घोल भी ले सकते हैं।


रक्तचाप की जांच: बचाव का बेहतर उपाय

सर्दी में हृदयरोगियों को सावधानी बरतनी होती है तो गर्मी में भी अलग तरह की दिक्कत होती है। इसमें सबसे आम है रक्तचाप का कम होना। इसके लिए आपको पानी खूब पीना चाहिए। शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। नियमित रक्तचाप जांच कराएं ताकि उसे नियंत्रण में रखने में आसानी हो। यदि हाइपरटेंशन है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह एक छुपा हुआ जोखिम है, जो लापरवाही से आपको गंभीर हृदयरोग की स्थिति में पहुंचा सकता है।


डाक्टर की सलाह से ही दवाइयां कम करें

गर्मी में ऐसी जगहों पर जाने से परहेज करें जहां अधिक गर्मी और घुटन हो या पसीना आने के साथ लंबे समय तक खड़े रहना पड़े। अक्‍सर देखा गया है कि ऐसे में बीपी Low हो जाता है और लोग बेहोश हो जाते हैं। वहीं, यदि आप हृदयरोग से जुड़ी समस्याओं की दवाइयां ले रहे हैं तो यह भी रक्तचाप को कम कर सकती हैं। दरअसल, इन दवाइयों का काम ही होता है आपके शरीर के अतिरिक्त द्रव को निकालना या रक्तचाप कम करना, लेकिन स्वयं से दवाइयां कम न करें। चिकित्सक से ही पता चलेगा कि आपकी वास्तविक स्थिति क्या है और कौन सी व कितनी दवा कम करनी है।


खानपान में रखें ध्यान

  • सोडियम की मात्रा, अम्ल और क्षार का संतुलन और कोशिकाओं के सामान्य कार्य के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता रक्तचाप बढ़ा सकती है।
  • फलों व सब्जियों में पोटेशियम पर्याप्त होता है, हृदय की सेहत के लिए यह जरूरी है।
  • ताजे फल व सब्जियों का सेवन करें। साबुत अनाज और फलियों का सेवन अच्छा है।
  • मोटें अनाज जो इस मौसम के अनुकूल है, जैसे जौ, रागी आदि का सेवन करें।
  • अधिक ठंडे खाद्य पदार्थ के सेवन से परेशानी महसूस कर सकते हैं, उसे सामान्य करें।
  • घी, सरसों तेल अच्छे माने गए है, पर इनका सेवन भी सीमित करना चाहिए।
  • जंक व मसालेदार खाने को ना कहे। डिब्बाबंद खाना भी आपके लिए सही नहीं है।
  • वजन कम करने के लिए खाना छोडने जैसे अचानक बदलाव घातक प्रभाव डाल सकते है।


गर्मी में हाइपरटेंशन मरीजों के लिए प्रमुख सावधानियां

  • भरपूर पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें, भले ही प्यास न लगे।
  • धूप से बचें: अत्यधिक गर्मी या बढ़े हुए तापमान में बाहर जाने से बचें। सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। 
  • बीपी चेक करें: अपना ब्लड प्रेशर नियमित रूप से मॉनिटर करते रहें।
  • खान-पान: कैफीन, शराब और मीठे पेय पदार्थों से बचें।
  • हल्के कपड़े पहनें: सूती और ढीले कपड़े पहनें। सूती व आरामदायक वस्त्र का चयन करे ताकि शरीर को ठंडा रहने में मदद मिले।
  • शारीरिक गतिविधि: कसरत व शारीरिक गतिविधि करते रहे। स्वस्थ तनाव प्रबंधन के तरीके जानें।


इनका भी रहे ध्यान

यदि चक्कर आना, सिरदर्द, या जी मिचलाने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत किसी ठंडी जगह पर जाएं और डॉक्टर से सलाह लें। 


Note: इसका मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है। स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह या जांच के लिए, किसी पेशेवर डॉक्टर से बात करें।

13 Super foods: ईद और व्रत के विशेष पकवान


ये त्योहारों का देश है। जहां हर दिन कुछ विशेष और उल्लास से भरा होता है। चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है, तो ईव भी इसके साथ है। दोनों एक-दूसरे के हाथ से हाथ मिलाते त्योहार हमारी चौखट पर वस्तक वे रहे हैं। घर सहित मन के वरवाजे खोलिए और स्वागत कीजिए इन त्योहारों का, जो हम सभी के लिए शांति और सोहाई की कामना लिए आते हैं। इन शुभ मौकों का स्वागत कीजिए ईद की सेवई और व्रत के विशेष पकवानों के साथ।


1- मूंग दाल का हलवा-

  • तैयारी का समय 20 मिनट
  • बनाने का समग 35 मिनट 
  • सर्विंग 6 लोगों के लिए


सामग्रीः कप घुली मूंग दाल, आधा कप घी, चीनी, 1 कप दूध, 1 रूप पानी छोटी चम्मच इलायची पाउडर, 2 बड़े चम्मच बादाम (पतले कटे हुए 2 बड़े चम्मच विस्ता (कटा हुआ)। यहा चम्मच सूखी गुलाब की पहाड्या, बादाम के स्लाइस सजाने के लिए


विधिः भीगी हुई मूंग दाल का मोटा पेस्ट पीस लें। मारी तले की कढ़ाही में घी गर्म कर पिसी हुई दाल डालें। मध्यम-धीमी आंच पर चलाते हुए भूनें। जब दाल सुनहरी और खुशबूदार हो जाए तब तक भूनें। एक अलग पैन में दूध और चीनी गरम करें। दूध चीनी मिश्रण को धीर-धीरे दाल में डालें। लगातार चलाते रहें, ताकि गांठें न बनें। हलवा गाढ़ा होने तक पकाएं और जब थी अलग होने लगे तथ समझे कि हलया तैयार है। इलायची पाउडर डालें। कटे हुए बादाम और पिस्ता मिलाए।


2- सिवइयां-चॉकलेट बार

  • तैयारी का समय 15 मिनट 
  • बनाने का समय 20 मिनट 
  • सर्विंग 4 लोगों के लिए


सामग्रीः कप पतली सेवई, 2 बड़े चम्मच मक्खन या घी 4 बड़े चम्मच पिस्ता कीम (या कुटे पिस्‍ते), 200 ग्राम डार्क चॉकलेट, 1 बड़ा चम्मद कंडेंस्ड मिल्क, ऊपर से डालने के लिए कटे पिस्‍ते।


विधि: सिवई को हाथ से तोड़ मक्खन या घी में भुन लें। भुनी हुई सिवई में पिस्ता क्रीम मिलाए। पिस्ता क्रीम नहीं है, तो कुट पिस्ते को कडेंस्ड मिल्क में मिलाकर बना लें। चॉकलेट को माइक्रोवेव या डबल बॉयलर में पिघला लें। और उसके बाद प्लेट में पिघली हुई चॉकलेट की पतली लेयर डालें। ऊपर से सेवई-पिस्ता की फिलिंग रखें। फिर ऊपर से चॉकलेट डालकर कवर कर दें। इसे 20-30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें, ताकि चॉकलेट जम जाए।


3- मखाना खीर

  • तैयारी का समय 10 मिनट 
  • बनाने का समय 20 मिनट 
  • सर्विंग- 6 लोगों के लिए


सामग्रीः 4 कप मखाने,1 लीटर फुल क्रीम दूध, देसी घी, 1 चम्मच इलायची पाउडर, 1 कप ड्राई (काजु, बादाम, पिस्ता बारीक कटे हुए), मिश्री, केसर


विधिः घी गर्म कर मखाने भून लें। निकालकर ठंडा करें। गहरे बर्तन में दूध डालकर गरम करने के लिए रखें। दूध उबलने लगे तो क्रश किए हुए मखानों को डालकर मिलाएं। इसमें इलायची पाउडर केसर के लच्छे और ड्राई फ्रूट्स डालकर मिश्री भी डाल दें। इसे 25 मिनट धीमी आंच पर उबलने दें। दूध गाढ़ा होने लगे तो गैस बंद कर दें। मखाना खीर बनकर तैयार है। अब अलग से केसर के लच्छे और कटे ड्राई फूट्स डालकर सर्व करें।


4- स्पेशल शीर खुरमा

  • तैयारी का समय 10 मिनट 
  • बनाने का समय 30 मिनट
  • सर्विंग- 10 लोगों के लिए


सामग्रीः फुल क्रीम दूध 2 लीटर,100ग्राम बारीक सेवई, घी, चीनी, बादाम, काजू, पिस्ता, चिरौंजी और छुहारे कटे हुए दो कटोरी, इलायची पाउडर, केसर 


विधिः भारी तले की कढ़ाही में घी गर्म कर बादाम, काजू, पिस्ता, चिरौंजी और छुहारों को हल्का सुनहरा होने तक सेंक निकाल लें। कढ़ाही में घी डाल सेवाई को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक सेंक लें। बड़े बर्तन में दूध उबालें। धीमी आंच दूध के क्रीमी होने तक पकाएं। गाढ़े दूध में भुनी हुई सेवई, ड्राई फ्रूट्स, चीनी डालें। धीमी आंच पर पकाएं, जब तक सेवई नरम न हो जाएं और मिश्रण गाढ़ा न हो जाए। अब इलायची पाउडर और केसर डालें। शीर खुरमा तैयार है।


5- दाल पकवान

  • तैयारी का समय 15 मिनट
  • बनाने का समय 25 मिनट 
  • सर्विंग- 3 लोगों के लिए 


सामग्रीः चने की दाल 1 कप, हल्दी 1/4 छोटा चम्मच, नमक 1/2 छोटा चम्मच, हरी मिर्च बारीक कटी 1 बड़ा चम्मच, जीरा साबुत 1/2 छोटा चम्मच, करी पत्ता 7-8, घी 2 बड़े चम्मच, पकवान के लिए- मैदा 1 कप, अजवायन 1 चुटकी, नमक, तेल मोयन के लिए, अन्य सामग्री- प्याज बारीक कटा, टमाटर बारीक कटा, हरी चटनी, मीठी चटन, बारीक सेव 1 छोटा चम्मच, हरा धनिया, तेल तलने के लिए।


विधिः चना दाल भिगो दें। नमक, हल्दी डालकर नरम होने तक उबाल लें। तड़के के लिए घी गर्म कर जीरा, हरी मिर्च, करी पत्ता डाल, दाल में मिला दें। पकवान बनाने के लिये मैदे में नमक, अजवायन, तेल मिलाकर गुनगुना पानी डालकर कड़ा आटा गूंथ 15-20 मिनट के लिए ढक दें। गिलास के मुंह जितनी छोटी लोई बेलें और कांटे से छेद करें, जिससे पकवान तलते समय फूले नहीं। एक गिलास लें। आधे में दाल भरें। उसके ऊपर प्याज, टमाटर, हरी चटनी, मीठी चटनी डालें। गिलास पर मिनी पकवान रख हरी चटनी, सेव व हरे धनिए से सजाकर सर्व करें।


6- समा पोटैटो कप

  • तैयारी का समय 10 मिनट 
  • बनाने का समय 20 मिनट 
  • सर्विंग- 2 लोगों के लिए


सामग्रीः समा चावल 1/2 कप, आलू उबले 2. हरी मिर्च, अदर, हरा धनिया, काली मिर्च वरवरी, जीरा, सफेद तिल, सेंधा नमक तेल, भरावन के लिए-खीरा 1/2 कप, टमाटर 1/2 कप, शिमला मिर्च चौकोर कटी 1/4 कप, सेब बारीक कटा 1/4 कप, अनार दाने 1 बड़ा चम्मच, हरी चटनी, इमली खजूर की चटनी, चिली फ्लेक्स।


विधिः समा चावल धो लें। तेल गर्म कर काली मिर्च, जीरे का तड़का दें और पानी डालकर उबाल आने दें। सेंधा नमक व चावल डालकर चलाते रहें। चावल पकने लगे, तो उतारकर ठंडा करें। आलू छीलकर कद्दकस कर लें। आलू, ठंडे समा चावल, हरी मिर्च, अदरक व हरा धनिया मिलाकर पेडें बनाएं।  इन्हें कप का आकार दें। तिल की प्लेट में कप्स को लपेटें। अप्पे पैन में चिकनाई लगा कप्स को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सेंक लें। चटनिया, अनार दाने छोड़ भरावन को मिला लें। हर कप में भरावन रखें, चटनी व अनार दानों से सजाएं।


7-समा चावल स्नैक्स

  • तैयारी का समय 15 मिनट 
  • बनाने का समय 20 मिनट 
  • सर्विंग- 3 लोगों के लिए


सामग्री: कप समा के चावल, 2 मध्यम आकार के आलू, 1-2 हरी मिर्च, 1 चम्मच अदरक, करी पत्ता, 2 सफेद तिल, 1 छोटा चम्मच जीरा, सेंधा नमक, हरा धनिया, तेल तलने के लिए।


विधिः एक मोटे तले के पैन को गर्म करे। घी गर्म कर जीरा, तिल, करी पत्ता, अदरक हरी मिर्ची का पेस्ट हल्का भून लें। अब उसमें दो कच्चे आलू को कद्दूकस कर डालें और इसको भी हल्का भून लें। अब इसमें पानी डालें। उबाल आने के बाद समा के चावल को पीस कर डालें और इसको तब तक पकाएं जब तक यह गाडा न हो जाए। उसके बाद प्लेट में ठंडा होने दें। इसको किसी भी शेप में काट लें और तेल में मध्यम आंच पर तल कर सर्व करें।


8- मैजिकल फ्रूट पंच

  • तैयारी का समय 10 मिनट 
  • बनाने का समय 10 मिनट 
  • सर्विंग-2 लोगों के लिए


सामग्री: काले अंगूर, हरे अंगूर, स्ट्राबेरी, संतरा, अनार, आधा नींबू , 1चम्मच चिया सीड्स, 1-2 टुकड़े गोंद कतीरा।


विधिः सबसे पहले चिया सीड्स और गोंद कतीरा को 15-25 मिनट के लिए पानी में भिगो देंगे। तब तक सभी फलों का रस निकाल लेंगे। फिर गिलास लेकर उसमें नीबू के टुकड़े डालेंगे। उसके बाद बर्फ, 2 चम्मच चिया सीड्स 2 चम्मच गोंद कतीरा और फलों का रस डालेंगे। फलों के बारीक टुकड़ों से गार्निश करेंगे।


9- बनारसी टमाटर चाट 

  • तैयारी का समय 15 मिनट
  • बनाने का समय 20 मिनट
  • सर्विंग- 5 लोगों के लिए


सामग्री: 5 टमाटर, घी, 3 उबले आलू , अदरक, हरी मिर्च का पेस्ट, जीरा, इमली की मीठी चटनी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, चीनी की चाशनी, सेंधा नमक, भुना जीरा।


विधिः कढ़ाही में घी गर्म कर जीरा डाल अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट हल्का भून लें। बारीक कटे हुए टमाटर डालें। थोड़ा सेंधा नमक डाल टमाटर नरम होने तक भून लें। टमाटर गल जाए, तो लाल मिर्च, धनिया पाउडर डालें। उबले हुए आलू डाल मिला लीजिए। आधा कप पानी डाल दीजिए। अब इसमें इमली का पानी/ चटनी और चीनी की चाशनी डालकर अच्छी तरह मैश कर लीजिए। भुना जीरा पाउडर और ढेर सारा हरा धनिया डालें। इसे 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दीजिए। बनारसी चाट का असली माजा घी और मैश किए हुए टेक्सचर में है। परोसते समय ऊपर से तले आलू, देसी घी और नींबू का रस डालकर परोसिए।


10- शीर खुरमा

  • तैयारी का समय 10 मिनट 
  • बनाने का समय 20 मिनट 
  • सर्विंग-4-5 लोगों के लिए


सामग्री: 1 लीटर दूध, 1/2 कप पतली सेवई, 8-10 खजूर (छोटे टुकड़ों में कटे हुए), 2 बड़े चम्मच घी. 10-12 बादाम, काजू (कटे हुए) 1 बड़ा चम्मच किशमिश, छोटी इलायची (कुचली हुई), चीनी (स्वाद अनुसार), 1 बड़ा चम्मच पिस्ता (सजाने के लिए)।


विधिः कढ़ाही में घी गर्म करें। सेवई हल्की सुनहरी होने तक भून लें। इसमें दूध डालें और 10 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं। खजूर, बादाम, काजू, किशमिश और इलायची डाले। चीनी डालकर पकाए, ताकि मिश्रण थोड़ा गाड़ा हो जाए। गैस बंद करें और ऊपर से पिस्‍ता डालकर सजाएं। गरम या ठंडा दोनों तरह से परोस सकते हैं।


11- मैंगो मावा रोल्स

  • तैयारी का समय 10 मिनट 
  • बनाने का समय 25 मिनट 
  • सर्विंग-4 लोगों के लिए


सामग्री: 2 आम, 5 चम्मच चीनी, 4 चम्मच नारियल बुरादा, 2 चम्मच घी, 1/4 कप दूध, 1/4 कप पिसी चीनी, 1 कप मिल्क पाउडर।


विधिः आम को बिना पानी के पीसकर प्यूरी बना लीजिए। एक पैन में इस प्यूरी को छानकर डालकर चीनी मिलाकर मध्यम आंच पर पका लीजिए। एक थाली में घी लगाकर चिकना करके इसको पतला-पतला फैला लीजिए। 24 घंटे के लिए सूखने के लिए रख दिजिए। फिर इसकी लम्बी पट्टिया काट लीजिए। इन पर नारियल का बूरा लगा दें। पैन में घी डाल दूध, पिसी चीनी, मिल्क पाउडर मध्यम आंच पर पका लें। इंस्टेंट मावा तैयार हो गया। इसे ठंडा करके इनके छोटे रोल्स बना लीजिए। इन रोल्स को आम पापड़ के स्ट्रिप्स के बीच में रखकर रोल कर लीजिए। दोनों तरफ काजू-बादाम पिस्ता कतरन लगा लीजिए। मैंगो मावा रोल्स तैयार है।


12- सेवई फ्रूट कस्टर्ड

  • तैयारी का समय 10 मिनट 
  • बनाने का समय 20 मिनट
  • सर्विंग-6-7 लोगों के लिए


सामग्री: सेवई - 1/2 कप, घी-1 टीस्पून, दूध-1लीटर, चीनी- 1/2 कप, कस्टर्ड पाउडर- 2.5 टेबल स्पून, सेब, आम, केला, अंगूर, अनार- 1/4 कप, ड्राई फ्रूट्स।


विधिः दूध उबलने रखें। 1/4 कप दूध अलग से रख दें। सेवई को घी में रोस्ट करके दूध में डाले और नरम होने तक पकाएं। फिर चीनी डालें और जो दूध बचाया था, उसमें कस्टर्ड पाउडर घोल कर डालें और लगातार चलाएं। जब दूध हल्का सा गाढ़ा हो जाए, तब गैस बंद कर उसे ठंडा होने दें। फिर सभी फ्रूट्स, जो आप डालना चाहें, वह डालकर फ्रिज में 1-2 घंटे ठंडा होने दे। फिर ठंडा-ठंडा सेवई कस्टर्ड सर्व करें।


13- शाही गुलाब फालूदा

  • तैयारी का समय 10 मिनट
  • बनाने का समय 20 मिनट
  • सर्विंग- 4 लोगों के लिए


सामग्रीः ठंडा दूध 2 कप, गुलाब शर्बत आधा कप, सब्जा के बीज, उथली सेवाई1 कप, 1 कप कस्टर्ड बना हुआ, 1 कप जेली बनी हुई, 1 कप कटे मिक्स फ्रूट, वनीला आइसक्रीम 2 स्कूप, काजू, किशमिश, काली द्राक्ष, टूटी फूटी।


विधिः सब्जा के बीज को 15-20 मिनट पानी में भिगोकर रख दें। सेवई को उबालकर ठंडा कर लें। एक बर्तन में दूध और गुलाब शर्बत, सेवई मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। कस्टर्ड में फूट्स मिलाएं। एक लंबा गिलास लें और लेयर करें। सबसे पहले गिलास में एक चम्मच गुलाब शर्बत चारों तरफ लगाएं। फिर भीगे हुए सब्जा बीज डालें। फिर मिल्क रोज सेवई डालें। उस पर जेली और ऊपर से फूट कस्टर्ड डालें। फिर से रोज मिल्क डाले, ऊपर से बनीला आइसक्रीम रखें। उस पर काजू, किशमिश, टूटी फूटी, जेली, काली द्राक्ष डालकर सर्व करें। 

Tuesday, March 17, 2026

19 मार्च को आयोजित होगा सूर्य उपासना कार्यक्रम

शासन के निर्देशानुसार भारत के नववर्ष विक्रम सम्वत्, गुडी पड़वा गुरूवार, 19 मार्च को जिला मुख्यालयों पर सुबह 10 बजे विक्रमोत्सव 2026 अंतर्गत सूर्य उपासना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस क्रम में श्री जुगल किशोर मंदिर प्रांगण पन्ना में भी सूर्य उपासना कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया जाएगा। नाट्य दल निर्देशक अनिरूद्ध मिस्त्री के निर्देशन में अंगना फाउंडेशन पन्ना के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। सूर्य उपासना कार्यक्रम पर भारत का नववर्ष विक्रम सम्वत् पुस्तिका का वितरण भी होगा। 


संस्कृति विभाग द्वारा सृष्टि आरंभ दिवस, वर्ष प्रतिपदा एवं विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ अवसर पर 19 मार्च को प्रात: 10 बजे सीहोर के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में सूर्य उपासना कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सूर्य उपासना कार्यक्रम में 19 मार्च को प्रात: 10 बजे कलाकारों के दल द्वारा सम्राट विक्रमादित्य की नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया जाएगा। साथ ही भारत का नव वर्ष विक्रम संवत पुस्तिका के प्रचार प्रसार सहित जिले के प्रमुख मंदिर और स्थानों पर ब्रम्हध्वज भी स्थापित किए जाएंगे।


जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव द्वारा कार्यक्रम की तैयारियों के लिए सहायक संचालक श्री आकाश गोयल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों को भी आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की तिथियां घोषित, जानें ऑनलाइन पंजीयन की पूरी प्रक्रिया

गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आयोजित किए जाने वाले मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया है। इनमें अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, देवउठनी ग्यारस (तुलसी विवाह) 20 नवंबर 2026, बसंत पंचमी 11 फरवरी 2027 तथा एक अन्य तिथि स्थानीय मांग और कलेक्टर के निर्णय अनुसार निर्धारित की जा सकती है। वर्ष 2026-27 में पक्ष 44 हजार से अधिक विवाह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पर राज्य सरकार 242 करोड़ से अधिक राशि व्यय करेगी।


प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाय योजना के प्रभावी व्यवस्थि और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजन के लिए विभाग द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने वाले जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में इन अवसरों पर 800 जोड़े यानिकी 44 हजार जोड़ों का विवाह संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51 हजार 899 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तथा 28 हजार 362 मुख्यमंत्री निकाह कराए गए हैं। इन हितग्राहियों से 321 करोड़ 41 लाख 58 हजार की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है।


मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल vivahportal.mp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹49,000 की वित्तीय सहायता व अन्य सामग्री प्रदान की जाती है। आवेदन विवाह की तारीख से 15 दिन पहले किया जाना चाहिए।


मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया:

  • आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले विवाह पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://vivahportal.mp.gov.in/ पर जाएं।
  • लॉगिन/पंजीयन: पोर्टल पर दी गई प्रक्रिया के अनुसार वर-वधू की जानकारी दर्ज करें।
  • दस्तावेज़ अपलोड: आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करें: फॉर्म भरने के बाद उसे सबमिट करें और प्रिंट आउट ले लें।
  • सत्यापन: भरे हुए फॉर्म का प्रिंट आउट और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ स्थानीय निकाय (नगर निगम/नगर पालिका/पंचायत) में संपर्क कर सत्यापन करवाएं।


पात्रता और महत्वपूर्ण विवरण:

  • मूल निवासी: कन्या मध्यप्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • लाभार्थी: जरूरतमंद, निराश्रित, निर्धन या मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के तहत पात्र परिवार।
  • सहायता राशि: सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से 49,000 रुपये का चेक और 6,000 रुपये आयोजन व्यय के लिए दिए जाते हैं।


ध्यान दें: यह लाभ केवल सामूहिक विवाह समारोहों में ही उपलब्ध होता है। अधिक जानकारी के लिए, आप सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

Monday, March 16, 2026

राहुल गांधी के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय का पलटवार

Delhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के इंटरव्यू में जाति के आधार पर छात्रों को फेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। लखनऊ में एक 'संविधान सम्मेलन' में उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली विश्वविद्यालय गया। इंटरव्यू छात्रों को बाहर करने का तरीका है। वे पूछते हैं कि आपकी जाति क्या है, और फिर आप इंटरव्यू में फेल हो जाते हैं।' राहुल का आरोप है कि इंटरव्यू प्रक्रिया का इस्तेमाल दलितों और पिछड़े वर्ग के छात्रों को बाहर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधते हुए कहा, उनके संगठनों की सूची निकाल लें, वहां आपको एक भी ओबीसी, दलित या आदिवासी नहीं मिलेगा। जाति जनगणना को राष्ट्रीय आवश्यकता बताते हुए राहुल ने कहा कि यह देश की सच्चाई को स्वीकार न करने जैसा है।


राहुल गांधी के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय ने कड़ी आपत्ति जताई है और उन्हें 'तथ्यों की पुष्टि करने' को कहा है। विश्वविद्यालय ने कहा, अधिकांश यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले पारदर्शी तरीके से सीयूईटी के अंकों के आधार पर होते हैं, न कि इंटरव्यू के आधार पर। विश्वविद्यालय ने इंटरव्यू के जरिए जातिगत भेदभाव के दावों को 'भ्रामक' और 'तथ्यों से रहित' बताया है।

वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंज़र्वेशन एरिया , साईरोपा कुल्लू में 2 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंज़र्वेशन एरिया (जीएचएनपीसीए), साईरोपा कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) में 2 दिवसीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन 15–16 मार्च को किया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन बोर्ड (एमपीटीबी) द्वारा वित्त पोषित परियोजना के अंतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए तैयार किए जा रहे नामांकन डोजियर की समीक्षा की गई। डोजियर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह पहल सतपुड़ा क्षेत्र की वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित करने के साथ-साथ इसके संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगी।


कार्यशाला में नामांकन डोजियर की प्रगति, आवश्यक दस्तावेज़ीकरण तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें वन्य जीव वैज्ञानिकों, विषय-विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।


सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को वर्ष 2021 में यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया था। इसे प्राकृतिक मानदंड (vii), (ix) और (x) के अंतर्गत विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन मानदंडों के अंतर्गत क्षेत्र की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, पारिस्थितिकी तंत्र, जैव-विकास प्रक्रियाओं का संरक्षण एवं समृद्ध जैव-विविधता और वन्य जीव आवासों का महत्व प्रमुख हैं।

10 ऐसे सेक्टर्स जहां जॉब की कमी नहीं

बदलते समय के साथ सेक्टर्स में अलग-अलग विशेषज्ञों की डिमांड भी बढ़ रही है। वर्तमान टेंड को देखें तो आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस के दौर में कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं, जहां अभी भी बेहतर काम करने वालों की मांग बरकरार है। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 सेक्टर के बारे में जहां नौकरियों की कमी नहीं।


1. डाटा साइंटिस्ट और एनालिस्ट

विशेषज्ञ कहते हैं डाटा साइंटिस्ट और डाटा एनालिस्ट की डिमांड कम नहीं हुई है। इनके लिए नौकरियों में मौके बढ़े हैं। हैल्थकेयर, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में डाटा एक्सपर्ट्स की मांग ज्यादा है।


2. हैल्थकेयर प्रोफेशनल्स

हैल्थकेयर सेक्टर में डॉक्टर्स, नर्स और फॉर्मासिस्ट और हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेटर्स की मांग बनी हुई है। सेहत की चुनौतियां बढ़ रही हैं।


3. सॉफ्टवेयर डवलपर्स

तेजी से बढ़ते डिजिटल दौर में सॉफ्टवेयर डवलपर्स अभी भी डिमांड में बने हुए हैं। ऐसा इसलिए क्यों ऐप्स, टेक्निकल प्लेटफॉर्म की मांग बढ़ रही है। डिजिटल युग की दुनिया में लोगों की तकनीक पर बढ़ती निर्भरता सॉफ्टवेयर डवलपर्स की मांग में इजाफा कर रही है।


4. सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स  

डिजिटल एसेट का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसके साथ इसकी सुरक्षा की मांग भी अहम हो चली है। लोगों के लिए निजी जानकारी को सुरक्षा रखना मुद्दा बनता जा रहा है। इसलिए सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की मांग बनी हुई है।


5. वीआर-एआर डवलपर्स 

एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और हैल्थकेयर सेक्टर्स में वर्चुअल रियल्टी और ऑग्मेंटेड रियल्टी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इन सेक्टर्स में इनोवेशन का बढ़ता स्कोप वीआर डवलपर्स और एआर डवलपर्स की मांग को बढ़ा रहा है।


6. रोबोटिक्स इंजीनियर्स

मैन्युफैक्चरिंग, हैल्थकेयर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ऑटोमेशन और रोबोटिक्स की मांग बढ़ रही है। इन्हें संभालने की पूरी जिम्मेदारी रोबोटिक्स इंजीनियर्स की होती है। जिनकी मांग अभी और बढ़ेगी।


7. मेंटल हैल्थ प्रोफेशनल्स 

लक्ष्य को न पाने और नौकरी में टार्गेट को हासिल न करने आदि कई कारणों से मेंटल हैल्थ बिगड़ रही है। आगे बढ़ने की चाहत में मेंटल प्रेशर बढ़ रहा है। ऐसे में साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर्स और थैरेपिस्ट की मांग में इजाफा हो रहा है।


8. ब्लॉकचेन डवलपर्स

प्राइवेट और पब्लिक दोनों ही सेक्टर्स में ब्लॉकचेन डवलपर्स की डिमांड बनी हुई है। ये करंसी ट्रांजेक्शन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डेटा सिक्योरिटी और हैंडलिंग जैसे काम संभालते हैं।


9. बिजनेस एनालिस्ट

अभी भी यह प्रोफाइल हाई पेइंग जॉब में बना हुआ है जो बिजनेस की प्रॉसेस को एनालाइज करता है। विदेशी कंपनियों का भारत में बढ़ता दायरा इनकी मांग को और बढ़ाएगा।


10. ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग

स्पेशलिस्ट: ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल मार्केटिंग के बढ़ते ट्रेंड में ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में लोगों का बिजी शेड्यूल और ऑफर्स में दिलचस्पी में विशेषज्ञों की मांग को बढ़ाया है। लेने के कारण ऑनलाइन शॉपिंग का दायरा बढ़ रहा है। ऐसे में इन विशेषज्ञों की मांग अभी और बढ़ेगी।

Disclaimer : All rights including copyright belong to the original owner and we do not claim ownership of the content.