Tuesday, March 17, 2026

19 मार्च को आयोजित होगा सूर्य उपासना कार्यक्रम

शासन के निर्देशानुसार भारत के नववर्ष विक्रम सम्वत्, गुडी पड़वा गुरूवार, 19 मार्च को जिला मुख्यालयों पर सुबह 10 बजे विक्रमोत्सव 2026 अंतर्गत सूर्य उपासना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस क्रम में श्री जुगल किशोर मंदिर प्रांगण पन्ना में भी सूर्य उपासना कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया जाएगा। नाट्य दल निर्देशक अनिरूद्ध मिस्त्री के निर्देशन में अंगना फाउंडेशन पन्ना के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। सूर्य उपासना कार्यक्रम पर भारत का नववर्ष विक्रम सम्वत् पुस्तिका का वितरण भी होगा। 


संस्कृति विभाग द्वारा सृष्टि आरंभ दिवस, वर्ष प्रतिपदा एवं विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ अवसर पर 19 मार्च को प्रात: 10 बजे सीहोर के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में सूर्य उपासना कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सूर्य उपासना कार्यक्रम में 19 मार्च को प्रात: 10 बजे कलाकारों के दल द्वारा सम्राट विक्रमादित्य की नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया जाएगा। साथ ही भारत का नव वर्ष विक्रम संवत पुस्तिका के प्रचार प्रसार सहित जिले के प्रमुख मंदिर और स्थानों पर ब्रम्हध्वज भी स्थापित किए जाएंगे।


जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव द्वारा कार्यक्रम की तैयारियों के लिए सहायक संचालक श्री आकाश गोयल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों को भी आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की तिथियां घोषित, जानें ऑनलाइन पंजीयन की पूरी प्रक्रिया

गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आयोजित किए जाने वाले मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया है। इनमें अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, देवउठनी ग्यारस (तुलसी विवाह) 20 नवंबर 2026, बसंत पंचमी 11 फरवरी 2027 तथा एक अन्य तिथि स्थानीय मांग और कलेक्टर के निर्णय अनुसार निर्धारित की जा सकती है। वर्ष 2026-27 में पक्ष 44 हजार से अधिक विवाह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पर राज्य सरकार 242 करोड़ से अधिक राशि व्यय करेगी।


प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाय योजना के प्रभावी व्यवस्थि और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजन के लिए विभाग द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने वाले जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में इन अवसरों पर 800 जोड़े यानिकी 44 हजार जोड़ों का विवाह संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51 हजार 899 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तथा 28 हजार 362 मुख्यमंत्री निकाह कराए गए हैं। इन हितग्राहियों से 321 करोड़ 41 लाख 58 हजार की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है।


मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल vivahportal.mp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹49,000 की वित्तीय सहायता व अन्य सामग्री प्रदान की जाती है। आवेदन विवाह की तारीख से 15 दिन पहले किया जाना चाहिए।


मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया:

  • आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले विवाह पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://vivahportal.mp.gov.in/ पर जाएं।
  • लॉगिन/पंजीयन: पोर्टल पर दी गई प्रक्रिया के अनुसार वर-वधू की जानकारी दर्ज करें।
  • दस्तावेज़ अपलोड: आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करें: फॉर्म भरने के बाद उसे सबमिट करें और प्रिंट आउट ले लें।
  • सत्यापन: भरे हुए फॉर्म का प्रिंट आउट और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ स्थानीय निकाय (नगर निगम/नगर पालिका/पंचायत) में संपर्क कर सत्यापन करवाएं।


पात्रता और महत्वपूर्ण विवरण:

  • मूल निवासी: कन्या मध्यप्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • लाभार्थी: जरूरतमंद, निराश्रित, निर्धन या मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के तहत पात्र परिवार।
  • सहायता राशि: सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से 49,000 रुपये का चेक और 6,000 रुपये आयोजन व्यय के लिए दिए जाते हैं।


ध्यान दें: यह लाभ केवल सामूहिक विवाह समारोहों में ही उपलब्ध होता है। अधिक जानकारी के लिए, आप सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

Monday, March 16, 2026

राहुल गांधी के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय का पलटवार

Delhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के इंटरव्यू में जाति के आधार पर छात्रों को फेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। लखनऊ में एक 'संविधान सम्मेलन' में उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली विश्वविद्यालय गया। इंटरव्यू छात्रों को बाहर करने का तरीका है। वे पूछते हैं कि आपकी जाति क्या है, और फिर आप इंटरव्यू में फेल हो जाते हैं।' राहुल का आरोप है कि इंटरव्यू प्रक्रिया का इस्तेमाल दलितों और पिछड़े वर्ग के छात्रों को बाहर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधते हुए कहा, उनके संगठनों की सूची निकाल लें, वहां आपको एक भी ओबीसी, दलित या आदिवासी नहीं मिलेगा। जाति जनगणना को राष्ट्रीय आवश्यकता बताते हुए राहुल ने कहा कि यह देश की सच्चाई को स्वीकार न करने जैसा है।


राहुल गांधी के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय ने कड़ी आपत्ति जताई है और उन्हें 'तथ्यों की पुष्टि करने' को कहा है। विश्वविद्यालय ने कहा, अधिकांश यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले पारदर्शी तरीके से सीयूईटी के अंकों के आधार पर होते हैं, न कि इंटरव्यू के आधार पर। विश्वविद्यालय ने इंटरव्यू के जरिए जातिगत भेदभाव के दावों को 'भ्रामक' और 'तथ्यों से रहित' बताया है।

वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंज़र्वेशन एरिया , साईरोपा कुल्लू में 2 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंज़र्वेशन एरिया (जीएचएनपीसीए), साईरोपा कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) में 2 दिवसीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन 15–16 मार्च को किया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन बोर्ड (एमपीटीबी) द्वारा वित्त पोषित परियोजना के अंतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए तैयार किए जा रहे नामांकन डोजियर की समीक्षा की गई। डोजियर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह पहल सतपुड़ा क्षेत्र की वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित करने के साथ-साथ इसके संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगी।


कार्यशाला में नामांकन डोजियर की प्रगति, आवश्यक दस्तावेज़ीकरण तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें वन्य जीव वैज्ञानिकों, विषय-विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।


सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को वर्ष 2021 में यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया था। इसे प्राकृतिक मानदंड (vii), (ix) और (x) के अंतर्गत विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन मानदंडों के अंतर्गत क्षेत्र की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, पारिस्थितिकी तंत्र, जैव-विकास प्रक्रियाओं का संरक्षण एवं समृद्ध जैव-विविधता और वन्य जीव आवासों का महत्व प्रमुख हैं।

10 ऐसे सेक्टर्स जहां जॉब की कमी नहीं

बदलते समय के साथ सेक्टर्स में अलग-अलग विशेषज्ञों की डिमांड भी बढ़ रही है। वर्तमान टेंड को देखें तो आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस के दौर में कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं, जहां अभी भी बेहतर काम करने वालों की मांग बरकरार है। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 सेक्टर के बारे में जहां नौकरियों की कमी नहीं।


1. डाटा साइंटिस्ट और एनालिस्ट

विशेषज्ञ कहते हैं डाटा साइंटिस्ट और डाटा एनालिस्ट की डिमांड कम नहीं हुई है। इनके लिए नौकरियों में मौके बढ़े हैं। हैल्थकेयर, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में डाटा एक्सपर्ट्स की मांग ज्यादा है।


2. हैल्थकेयर प्रोफेशनल्स

हैल्थकेयर सेक्टर में डॉक्टर्स, नर्स और फॉर्मासिस्ट और हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेटर्स की मांग बनी हुई है। सेहत की चुनौतियां बढ़ रही हैं।


3. सॉफ्टवेयर डवलपर्स

तेजी से बढ़ते डिजिटल दौर में सॉफ्टवेयर डवलपर्स अभी भी डिमांड में बने हुए हैं। ऐसा इसलिए क्यों ऐप्स, टेक्निकल प्लेटफॉर्म की मांग बढ़ रही है। डिजिटल युग की दुनिया में लोगों की तकनीक पर बढ़ती निर्भरता सॉफ्टवेयर डवलपर्स की मांग में इजाफा कर रही है।


4. सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स  

डिजिटल एसेट का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसके साथ इसकी सुरक्षा की मांग भी अहम हो चली है। लोगों के लिए निजी जानकारी को सुरक्षा रखना मुद्दा बनता जा रहा है। इसलिए सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की मांग बनी हुई है।


5. वीआर-एआर डवलपर्स 

एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और हैल्थकेयर सेक्टर्स में वर्चुअल रियल्टी और ऑग्मेंटेड रियल्टी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इन सेक्टर्स में इनोवेशन का बढ़ता स्कोप वीआर डवलपर्स और एआर डवलपर्स की मांग को बढ़ा रहा है।


6. रोबोटिक्स इंजीनियर्स

मैन्युफैक्चरिंग, हैल्थकेयर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ऑटोमेशन और रोबोटिक्स की मांग बढ़ रही है। इन्हें संभालने की पूरी जिम्मेदारी रोबोटिक्स इंजीनियर्स की होती है। जिनकी मांग अभी और बढ़ेगी।


7. मेंटल हैल्थ प्रोफेशनल्स 

लक्ष्य को न पाने और नौकरी में टार्गेट को हासिल न करने आदि कई कारणों से मेंटल हैल्थ बिगड़ रही है। आगे बढ़ने की चाहत में मेंटल प्रेशर बढ़ रहा है। ऐसे में साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर्स और थैरेपिस्ट की मांग में इजाफा हो रहा है।


8. ब्लॉकचेन डवलपर्स

प्राइवेट और पब्लिक दोनों ही सेक्टर्स में ब्लॉकचेन डवलपर्स की डिमांड बनी हुई है। ये करंसी ट्रांजेक्शन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डेटा सिक्योरिटी और हैंडलिंग जैसे काम संभालते हैं।


9. बिजनेस एनालिस्ट

अभी भी यह प्रोफाइल हाई पेइंग जॉब में बना हुआ है जो बिजनेस की प्रॉसेस को एनालाइज करता है। विदेशी कंपनियों का भारत में बढ़ता दायरा इनकी मांग को और बढ़ाएगा।


10. ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग

स्पेशलिस्ट: ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल मार्केटिंग के बढ़ते ट्रेंड में ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में लोगों का बिजी शेड्यूल और ऑफर्स में दिलचस्पी में विशेषज्ञों की मांग को बढ़ाया है। लेने के कारण ऑनलाइन शॉपिंग का दायरा बढ़ रहा है। ऐसे में इन विशेषज्ञों की मांग अभी और बढ़ेगी।

Sunday, March 15, 2026

मध्यप्रदेश भू-अभिलेख प्रबंधन समिति में 770 संविदा डेटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर भर्ती

 मध्यप्रदेश भू-अभिलेख प्रबंधन समिति भोपाल द्वारा संविदा आधार पर डेटा एंट्री ऑपरेटर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रदेश में कुल 770 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जारी विज्ञापन के अनुसार इन पदों के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना तथा सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों को 5200-20200 रुपये के वेतनमान में 1900 रुपये ग्रेड पे के समकक्ष मासिक मानदेय दिया जाएगा। अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 01 जनवरी 2026 की स्थिति में की जाएगी।


अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों को शासन के नियमानुसार अधिकतम 5 वर्ष की आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।पदों का वर्गवार वितरण इस प्रकार है। अनारक्षित 209, अनुसूचित जाति 123, अनुसूचित जनजाति 154, अन्य पिछड़ा वर्ग 208 तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग 76 पद निर्धारित किए गए हैं।इन पदों पर भर्ती मेरिट के आधार पर की जाएगी। मेरिट सूची सीपीसीटी स्कोर कार्ड में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। समान अंक होने की स्थिति में हिंदी टाइपिंग तथा अंग्रेजी टाइपिंग के अंकों के आधार पर वरीयता निर्धारित की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।ऑनलाइन आवेदन की प्रारंभ तिथि 05 मार्च, 2026 तथा अंतिम तिथि 03 अप्रैल, 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन में त्रुटि सुधार की सुविधा 12 मार्च, 2026 से 04 अप्रैल, 2026 तक उपलब्ध रहेगी।


आवेदन के समय अभ्यर्थियों को हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी की अंकसूची, सीपीसीटी स्कोर कार्ड, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना होंगे।उम्मीदवारों से अपेक्षा की गई है कि आवेदन करने से पूर्व विज्ञापन में दिए गए समस्त नियमों एवं शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर लें। विस्तृत जानकारी एवं आवेदन के लिए अभ्यर्थी एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध विज्ञापन का अवलोकन कर सकते हैं।

Saturday, March 14, 2026

PM Modi Bengal Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित

Bengal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मौजूदा तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और राज्य में बदलाव का आह्वान किया।


जनसभा में भारी उत्साह और जोश

रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों का उत्साह और जोश साफ बता रहा है कि बंगाल के लोग किस तरह के बदलाव की मांग कर रहे हैं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास गवाह है कि जब भी बंगाल ने देश को दिशा दी है, तब यह मैदान बंगाल की आवाज बनकर सामने आया। उन्होंने कहा, “इस मैदान से अंग्रेजों के खिलाफ उठी आवाज पूरे हिंदुस्तान में क्रांति बन गई थी। आज एक बार फिर इसी मैदान से नए बंगाल की क्रांति का बिगुल बज गया है।”


टीएमसी पर निशाना और बदलाव का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कि रैली को रोकने के लिए हरसंभव कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने रैली में आने वाले लोगों को चोर कहकर अपमानित किया, लेकिन जनता जानती है कि असली चोर कौन हैं। मोदी ने बताया कि पुल बंद करवा दिए गए, गाड़ियां रोकी गईं, ट्रैफिक जाम कराया गया और भाजपा के झंडे-पोस्टर हटवाए गए, फिर भी जनता ने विशाल जनसैलाब के रूप में रैली में भाग लिया।


महाजंगलराज का काउंटडाउन और कानून का राज

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में ‘महाजंगलराज’ लाने वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। राज्य में कानून का राज लौटने वाला है और जो भी कानून तोड़ेगा या अत्याचार करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “चुन-चुनकर सभी जुल्मों का हिसाब लिया जाएगा। राज्य सरकार चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, बदलाव की आंधी को कोई नहीं रोक सकता। मां दुर्गा का आशीर्वाद भाजपा और एनडीए के साथ है और यही शक्ति बंगाल में परिवर्तन लाएगी।” 

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