थाईलैंड की नेशनल कम्युनिकेबल डिजीज कमेटी ने वैश्विक स्तर पर हंतावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे आधिकारिक तौर पर ‘खतरनाक संक्रामक रोग’ (Dangerous Communicable Disease) घोषित किया है। थाईलैंड के लोक स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश भर में सख्त स्वास्थ्य प्रोटोकॉल और नए नियम लागू कर दिए हैं।
देश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी मिलने पर 3 घंटे के भीतर अधिकारियों को रिपोर्ट करना अनिवार्य है। रिपोर्ट किए गए संदिग्ध मामलों की मेडिकल जांच और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग 12 घंटे के भीतर शुरू करनी होगी। हंतावायरस से संक्रमित मरीज के संपर्क में आए उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए 42 दिनों का सख्त आइसोलेशन (क्वारंटाइन) अनिवार्य किया गया है।
हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वारों (Points of Entry) पर विदेशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध मामलों की पुष्टि के लिए RT-PCR और एंटीबॉडी टेस्ट जैसी प्रयोगशाला सुविधाओं को तेज कर दिया गया है।
यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और कृंतकों (Rodents) के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से इंसानों में फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द और सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों को चूहों के संपर्क से बचने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है।


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