Thursday, January 15, 2026

Business news: फास्टैग एनुअल पास बना लोगों की पहली पसंद

New Delhi: सरकार ने बुधवार को बताया कि पिछले कुछ महीनों में 40 लाख से ज्यादा फास्टैग एनुअल पास बिक चुके हैं और अब लगभग 20 प्रतिशत कार चालक इस वार्षिक पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे साफ है कि सामर्थ्य और सुविधा दोनों एक साथ संभव हैं।


सरकार ने बताया कि यह वार्षिक फास्टैग पास 15 अगस्त 2025 को शुरू किया गया था। इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति सिर्फ 3,000 रुपए देकर या तो 200 बार टोल पार कर सकता है या फिर पूरे एक साल तक यात्रा कर सकता है, जो भी पहले पूरा हो। यह सुविधा देश के 1,159 टोल प्लाजा पर लागू है।


सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में हाईवे पर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है।


कई लोगों के लिए यह वार्षिक पास यात्रा का खर्च कम करने के साथ-साथ सफर को आसान और बिना मुश्किल भरा बना रहा है।


हरियाणा के यमुनानगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें अक्सर चंडीगढ़ जाना पड़ता है। पहले उन्हें एक बार आने-जाने में 150 रुपए खर्च करने पड़ते थे, लेकिन सालाना पास लेने के बाद अब सिर्फ 30 रुपए में काम हो जाता है, जो उनके लिए बड़ी राहत है।


सरकार ने बताया कि वार्षिक पास ने हर महीने बदलने वाले टोल खर्च को तय और आसान बना दिया है। इससे रोज सफर करने वालों को पूरे साल पैसे की बचत, तय खर्च और बिना परेशानी यात्रा का फायदा मिल रहा है। अब उन्हें बार-बार फास्टैग रिचार्ज करने की चिंता भी नहीं रहती।


मंत्रालय के अनुसार, 15 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 के बीच टोल प्लाजा पर 15 लाख से ज्यादा यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी कुल राशि 19.44 करोड़ रुपए रही।


इसके अलावा, नकद भुगतान में 25 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे टोल प्लाजा पर भीड़ कम हुई है और व्यवस्था ज्यादा साफ और पारदर्शी बनी है। फिलहाल 98 प्रतिशत वाहन फास्टैग का इस्तेमाल कर रहे हैं, और बाकी बचे वाहन भी धीरे-धीरे इससे जुड़ रहे हैं। यह काम अब सिर्फ जुर्माने से नहीं, बल्कि लोगों को आसान और फायदेमंद सुविधाएं देकर किया जा रहा है।


मंत्रालय ने यह भी बताया कि अगर किसी सड़क को 2 लेन से 4, 6 या उससे ज्यादा लेन में अपग्रेड किया जा रहा है, तो जब तक काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक लोगों को पहले के टोल का सिर्फ 50 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा।

Disclaimer : All rights including copyright belong to the original owner and we do not claim ownership of the content.