कार्यक्रम में भावुक एवं प्रेरक क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं ट्रैक्टर की कमान संभाली। ट्रैक्टर चालक से आग्रह कर ट्रैक्टर पर बैठना और उसे चलाना मुख्यमंत्री की सहजत और किसानों के श्रम के प्रति सम्मान को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस सादगी और आत्मीयता ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविमोर कर दिया। किसानों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किसान बने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की। कृषक कल्याण वर्ष के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार के 16 विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे, जिससे कृषि से जुड़े सभी आयाम—उत्पादन, लागत, विपणन, आय और कल्याण एक साथ सुदृढ़ हो सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो राज्य की कृषि क्षमता और नीतिगत प्रयासों की सफलता दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि किसानों की आमदनी में वृद्धि और कृषि लागत में कमी लाने के लिए ठोस एवं व्यावहारिक उपायों को धरातल पर उतारना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष 2026 के संकल्प की पूर्ति का यह पहला दिन है। पूरे वर्ष विकास एवं मंगल कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे। सरकार का प्रयास रहेगा कि किसान समृद्ध हों, कृषि टिकाऊ बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।
