BHOPAL: शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। शुक्रवार को आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग श्री प्रबल सिपाहा ने NIIT Foundation एवं Edunet Foundation के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान आयुक्त श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है। इन MoUs के माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों को न केवल व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर भी मिलेगा। इससे विद्यार्थियों की दक्षता में वृद्धि होगी और उनके लिए प्लेसमेंट एवं रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित शिक्षा मिल सकेगी। आने वाले समय में ऐसे और भी प्रयास किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. आज़ाद मंसूरी, गीतांजलि कन्या स्वशासी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जयश्री मिश्रा, श्री गौरव संह, एनआईआईटी फाउंडेशन से श्री आरिफ़ अहमद, श्री शरज़ील, एडुनेट फाउंडेशन से श्री आशीष अरोड़ा, श्री शैलेश चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी एवं उद्योग-आधारित कौशल प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध के लिए उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा NIIT Foundation एवं Edunet Foundation के साथ महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया है।
MoU के अंतर्गत NIIT Foundation द्वारा विद्यार्थियों के लिए आईटी/आईटीईएस सेक्टर से संबंधित रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण, ऑनलाइन/वर्चुअल ट्रेनिंग, मूल्यांकन एवं प्लेसमेंट से संबंधित कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
इसी प्रकार Edunet Foundation द्वारा डिजिटल साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कौशल विकास, डिज़ाइन थिंकिंग, जॉब रेडीनेस एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से संबंधित स्किल प्रोग्राम किए जाएंगे। इसके अंतर्गत स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को निःशुल्क, उद्योग-समर्थित प्रशिक्षण, प्रमाणन, जॉब फेयर तथा प्लेसमेंट उपलब्ध कराया जाएगा। यह एमओयू राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। साथ ही प्रदेश स्तर पर कौशल विकास एवं प्लेसमेंट गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
