नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में देशभर में फोरेंसिक लैब्स के नेटवर्क की स्थापना के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने का निर्णय लिया है। 2029 तक हर राज्य में कम से कम एक फोरेंसिक विश्वविद्यालय या केंद्रीय फोरेंसिक लैब स्थापित की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम में गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। अपराध से लड़ने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग करने, केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) जैसे अत्याधुनिक केंद्रों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्री ने कहा, भारत सरकार और राज्य सरकारें अगले पांच वर्षों में देशभर में फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के निर्माण के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं। वर्तमान में देश में सात सीएफएसएल हैं, जबकि आठ नए सीएफएसएल स्थापित किए जा रहे हैं।
