शासन के निर्देशानुसार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालिका तथा बालक छात्रावासों में सत्र 2026-27 में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसके लिए विभाग की वेबसाइट एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से कक्षा 6वी एवं अन्य कक्षाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन फार्म भरे जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 में रिक्त सीटो की पूर्ति हेतु ऑनलाईन फार्म भरने की सुविधा 10 मार्च 2026 से 10 जून 2026 तक निर्धारित की गई है।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा विशेष रूप से वंचित वर्गों के बालक-बालिकाओं को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालक- बालिका छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका एवं 66 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालक छात्रावास संचालित है। इनमें जो बालिका या बालक शाला से बाहर है, प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं अथवा पारिवारिक कारणों से परिवार में रहते हुए प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते है उन्हें छात्रावास में रखकर प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्ष 2026-27 का शैक्षणिक सत्र 01 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जा रहा है। बालिकाओं एवं बालकों के प्रदेश की ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी तरीके से प्रवेश दिलाने हेतु ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली को विकसित किया गया है।
क्या है ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली
ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण त्तथा प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शिता के साथ संचालित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास बालक/बालिका छात्रावासों के लिए है।
इस प्रणाली के माध्यम से वास्तव में पात्र वंचित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों की छात्रावास तक पहुँच को सहज बनाया जाता है। इसके छात्र प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे मैनुअल आवेदन कागजी कार्यवाही एवं अनावश्यक समस्याओं में कमी आती है। आवेदन पत्र में भरी गई जानकारी एवं अपलोड किए गए दस्तावेजों की ऑनलाइन जाँच संबंधित एसएमसी अथवा एसएमडीसी द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार की जाती है। इससे पात्र विद्यार्थी का निष्पक्ष प्रवेश त्रुटियों में कमी तथा समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित होता है।
