Wednesday, April 8, 2026

सलूम्बर में फैली अज्ञात बीमारी पर बड़ा एक्शन, घर-घर सर्वे शुरू

राजस्थान के सलूम्बर जिले के लसाड़िया ब्लॉक के घाटा और लालपुरा गांवों में फैली अज्ञात बीमारी के कारण अब तक 7 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने "हाई अलर्ट" मोड पर बड़े पैमाने पर एक्शन शुरू कर दिया है। राजस्थान के सलूम्बर जिले में बच्चों की मौत के मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य अभियान शुरू किया है। इस मामले में अज्ञात बीमारी की जांच के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर उदयपुर संभाग के सभी सात जिलों में निगरानी और रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। सरकार ने विशेषज्ञ टीमों का गठन किया है, जो बीमारी के कारणों की जांच कर रही हैं। साथ ही RNT Medical College की टीम और राज्य स्तरीय दल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर इलाज और जांच व्यवस्था का आकलन किया।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 3,690 टीमों ने घर-घर जाकर सर्वे किया है और 52,000 से अधिक घरों को कवर किया गया है। इस दौरान 275 लोगों में बीमारी के लक्षण पाए गए, जिनमें से 25 को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में भेजा गया। इसके अलावा 13,000 से अधिक स्थानों पर जागरूकता अभियान भी चलाया गया, ताकि लोग सावधानी बरत सकें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सलूम्बर के सेमारी गांव में 4 साल के एक बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 651 मरीजों को मौके पर ही इलाज दिया गया।


बीमारी को फैलने से रोकने के लिए मच्छरजनित रोगों के खिलाफ भी अभियान चलाया गया, जिसमें 2,557 स्थानों पर एंटी-लार्वा गतिविधियां की गईं। जांच के लिए 1,796 ब्लड स्लाइड तैयार किए गए और 94 सैंपल लैब में भेजे गए हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को बुखार या अन्य लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें और सभी स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करें।


स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन और घर-घर सर्वे:

  • 3,690 टीमें तैनात: सरकार ने पूरे संभाग में 3,600 से अधिक टीमें तैनात की हैं।
  • 52,000 घरों का सर्वे: इन टीमों ने अब तक 52,000 से अधिक घरों का दरवाजा खटखटाकर स्वास्थ्य जांच की है।
  • 275 संदिग्ध मरीज मिले: सर्वे के दौरान बीमारी के लक्षण वाले 275 लोगों की पहचान की गई, जिनमें से 25 को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में भेजा गया है।
  • विशेषज्ञों की निगरानी: मुख्यमंत्री के निर्देश पर जयपुर और उदयपुर के विशेष डॉक्टरों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में डेरा डाले हुए हैं। 


बीमारी के मुख्य लक्षण और वर्तमान स्थिति:

  • लक्षण: प्रभावित बच्चों में तेज बुखार, उल्टी, पेट दर्द, दस्त और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। बीमारी इतनी गंभीर है कि कुछ मामलों में 24 घंटे के भीतर ही बच्चे दम तोड़ रहे हैं।
  • प्रभावित आयु वर्ग: मरने वाले सभी बच्चों की उम्र मुख्य रूप से 2 से 4 वर्ष के बीच है।
  • जांच: शुरुआती सैंपल्स में कुछ सामान्य वायरस की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, इसलिए बीमारी का सटीक कारण अभी भी "अज्ञात" बना हुआ है।
  • निवारक उपाय: प्रशासन द्वारा गांवों में फोगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाने कलेक्टर आदेश जारी, वर्षभर होंगे आयोजन

सोमनाथ मंदिर पर 1026 ईस्वी में हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, संस्कृति संचालनालय, भोपाल के निर्देशों के तहत 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक देशभर में "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व - 1000 साल की अटूट आस्था" के तहत वर्षभर राष्ट्रीय स्मरणोत्सव मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी (विदिशा में सहायक संचालक प्रियांश शर्मा) नियुक्त किए गए हैं, जो वर्षभर सांस्कृतिक, शैक्षणिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे।


मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति संचालनालय, भोपाल के निर्देशानुसार सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम अभिलिखित आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के रूप में वर्षभर राष्ट्रीय स्मरणोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है।


इसी क्रम में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता द्वारा जिले में आदेश जारी कर उक्त अवधि में विभिन्न गतिविधियों एवं आयोजनों के सफल क्रियान्वयन हेतु शिक्षा विभाग के सहायक संचालक श्री प्रियांश शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें कार्यक्रमों के समन्वय, संचालन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


जारी आदेश के अनुसार, वर्षभर जिले में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य ऐतिहासिक विरासत के प्रति जनमानस में जागरूकता एवं स्वाभिमान की भावना को सुदृढ़ करना है।


प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे आपसी समन्वय के साथ निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि यह राष्ट्रीय स्मरणोत्सव सार्थक रूप से संपन्न हो सके।


मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य: 1000 वर्षों के सभ्यतागत गौरव, अटूट आस्था और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी को रेखांकित करना।
  • अवधि: यह आयोजन 11 जनवरी 2026 से शुरू होकर पूरे एक साल यानी 11 जनवरी 2027 तक चलेगा।
  • आयोजन: वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जागरूकता फैलाई जाएगी।
  • नोडल अधिकारी: स्थानीय प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को इन कार्यक्रमों की सफलता और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


यह पर्व सोमनाथ की जीवटता और सनातन संस्कृति के पुनर्उत्थान का स्मरणोत्सव है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है।

राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2025 के आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा 'राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025' (पुरस्कार वर्ष 2024 के कार्यों हेतु) के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं, जिसकी अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 है। यह पुरस्कार वन, कृषि, मत्स्य पालन, पंचायत स्तर की समितियों और व्यक्तिगत/संस्थागत श्रेणियों में जैव विविधता संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।


प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025 के लिये प्रविष्टियाँ 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। विभिन्न श्रेणियों में जैव-विविधता पुरस्कार के लिये जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाले वन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन विभाग और जैव-विविधता प्रबंधन समिति ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका तथा नगर निगम स्तर पर गठित जैव-विविधता प्रबंधन समितियाँ। संस्थागत (अशासकीय), व्यक्तिगत (अशासकीय), व्यक्तिगत (शासकीय) पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध पहुंच एवं लाभ प्रभाजन की अधिकतम राशि श्रेष्ठ वनमंडल एवं श्रेष्ठ वनवृत्त के अंतर्गत विशिष्ट कार्य करने वाले अपनी प्रविष्टियाँ जमा कर सकते हैं।


प्रविष्टियों का निर्धारित प्रारूप एवं अन्य जानकारियॉ बोर्ड की वेबसाईट www-mpforest.gov.in/mpsbb से डाउन लोड करें। जिन संस्था द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 के लिये प्रविष्टियाँ प्रेषित की गई हैं, वो प्रविष्टि प्रेषित ना करें।


मुख्य विवरण:

  • उद्देश्य: जैव विविधता के संरक्षण, प्रबंधन और जागरूकता को बढ़ावा देना।
  • पात्रता (श्रेणियाँ): जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (BMC), वन/कृषि/उद्यानिकी/पशुपालन विभाग, अशासकीय संस्थाएँ (NGO), और व्यक्तिगत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति।
  • आवेदन प्रक्रिया: प्रविष्टियाँ निर्धारित प्रारूप में MP Forest Website से डाउनलोड करके भेजी जा सकती हैं।
  • नियम: वे संस्थाएँ आवेदन न करें जिन्होंने 2024 के पुरस्कार के लिए पहले ही प्रविष्टियाँ भेज दी हैं।


पुरस्कार के बारे में अधिक जानकारी और आवेदन फॉर्म वेबसाइट www-mpforest.gov.in/mpsbb से प्राप्त किए जा सकते हैं।

Tuesday, April 7, 2026

महिला नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा भारत, प्रधानमंत्री ने साझा किया लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 7 अप्रैल 2026 को, केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को लेकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है। इस लेख में भारत में महिलाओं की भागीदारी को और सशक्त बनाने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।


यह लेख भारत में महिला नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था (Women-led Governance) को मजबूत करने के सरकार के दृष्टिकोण पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने इस लेख के माध्यम से निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया: 


  • महिला नेतृत्व को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रतिनिधित्व को वास्तविक प्रभाव में बदलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा नारी शक्ति को प्राथमिकता दी है और इसी सोच के तहत महिला-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र- प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को महिला-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था की ओर ले जा रही है, जो विकसित भारत के निर्माण का एक प्रमुख स्तंभ बनेगी।
  • लेख में भविष्य की कार्ययोजना- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के इस लेख में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत करने और शासन में उनकी प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आगे की रणनीति का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
  • महिला सशक्तिकरण पर बढ़ता फोकस- सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण को लेकर लगातार पहल की जा रही है, जिसमें शिक्षा, रोजगार, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला नेतृत्व को मजबूत करने से देश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ को मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 7 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में ग्रेटर नोएडा में एक नए निजी विश्वविद्यालय, ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ (Metro University), की स्थापना को मंजूरी दे दी है।


योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसे प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। इस अधिनियम के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, विनियमन और संचालन की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।


मंत्री ने बताया कि प्रायोजक संस्था सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया था। विधिक परीक्षण के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ लागू करने और संस्था को संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने का भी निर्णय लिया गया है।


सरकार का मानना है कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के बेहतर मौके मिलेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।


योगी सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है। नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से न केवल शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


इसके अलावा कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।


इस परियोजना के मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:

  • क्षेत्रफल और स्थान: यह विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा।
  • प्रस्तावक संस्था: इस विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (Sunhill Healthcare Pvt Ltd) द्वारा दिया गया था।
  • कानूनी ढांचा: इसकी स्थापना 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' के प्रावधानों के तहत की जाएगी. इसके लिए जल्द ही एक अध्यादेश (Ordinance) लाया जाएगा।


मुख्य उद्देश्य:

  • राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करना।
  • उद्योग की जरूरतों के अनुसार कौशल-आधारित और रोजगारपरक पाठ्यक्रम (Job-oriented courses) उपलब्ध कराना।
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर और निवेश को प्रोत्साहित करना।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, यह कदम उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है - राजस्व मंत्री

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने सीहोर जिले के इछावर सिविल अस्पताल में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महिला रोग, हड्डी रोग, नेत्र और ईएनटी के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां बांटी गईं।


राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने इछावर सिविल हॉस्पिटल में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन को शिविर का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए नियमित जांच जरूरी है, और प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।


इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।


शिविर में महिला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नेत्र, ईएनटी सहित विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों का परीक्षण किया गया एवं परामर्श दिया गया। शिविर में कुल 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही ईसीजी, ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच भी की गई। इस अवसर पर एसडीएम श्रीमती स्वाति मिश्रा, सीएमएचओ डॉ सुधीर डेहरिया, मानसरोवर ग्रुप के प्रो-चांसलर ईआर. गौरव तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।


शिविर की मुख्य विशेषताएं:

  • आयोजक: मानसरोवर मेडिकल कॉलेज (सिविल अस्पताल, इछावर के सहयोग से)।
  • विशेषज्ञ सेवाएं: महिला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नेत्र एवं ईएनटी (ENT) जांच।
  • परीक्षण: ईसीजी (ECG), ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच की गई।
  • कुल लाभार्थी: लगभग 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ।
  • उद्देश्य: सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने सीधी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित 40 अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र किए जारी

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने सीधी भर्ती प्रक्रिया के तहत हाल ही में चयनित 40 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) जारी किए हैं। यह कदम राज्य में विद्युत उत्पादन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट https://www.mppgcl.mp.gov.in के करियर अनुभाग में अपलोड कर दिए गए हैं।


उल्लेखनीय है कि राज्य की विद्युत कंपनियों में सीधी भर्ती के माध्यम से नियमित अंतराल पर रिक्त पदों की पूर्ति की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा वर्ग-3 के अंतर्गत विभिन्न पदों की पूर्ति के लिये भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की गई थी। इसके अंतर्गत कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का आयोजन, दस्तावेज सत्यापन तथा निर्धारित पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण कर अंतिम चयन सूची जारी की गई थी।


जारी नियुक्ति आदेशों के अनुसार वर्ग-3 के पदों के लिए चयनित 40 अभ्यर्थियों में भंडार सहायक प्रशिक्षु 08, सुरक्षा सैनिक प्रशिक्षु 11, कनिष्ठ शीघ्रलेखक प्रशिक्षु 15, ड्रेसर (पट्टी बंधक) 02, अग्निशामक प्रशिक्षु 04 शामिल हैं। नियुक्ति पत्रों में अभ्यर्थियों के लिए पदस्थापना स्थल, रिपोर्टिंग की तिथि, समय-सीमा तथा आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्देशों का अवलोकन कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करें।


मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के इन प्रतिभाशाली युवाओं ने अपने ज्ञान एवं कौशल के आधार पर कंपनी में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी भावी कार्मिक अपनी कर्मठता, समर्पण एवं सीखने की प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाएँगे।


कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन दीपक कश्यप ने जानकारी दी कि विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से कंपनी में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है तथा युवाओं को समय-समय पर अपनी दक्षता सिद्ध करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षणार्थी के रूप में नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये भावी कार्मिक अपने योगदान से कंपनी की सतत प्रगति एवं सुदृढ़ विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।


भर्ती प्रक्रिया की मुख्य बातें

  • पदों की जानकारी: यह नियुक्तियां राज्य की विद्युत कंपनियों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए नियमित अंतराल पर की जा रही सीधी भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
  • चयन का आधार: अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और उसके बाद हुए दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के आधार पर किया गया है।
  • विद्युत उत्पादन सुदृढ़ीकरण: कंपनी द्वारा इन नई नियुक्तियों के माध्यम से थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांटों के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


हालिया भर्ती अभियान

MPPGCL द्वारा पिछले कुछ समय में कई महत्वपूर्ण भर्ती विज्ञापन जारी किए गए थे: 

  • जुलाई 2025 विज्ञापन: वर्ग-2, वर्ग-3 और वर्ग-4 के अंतर्गत 18 विभिन्न पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था।
  • अन्य पद: हाल के अभियानों में असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, प्लांट असिस्टेंट और केमिस्ट जैसे तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। 


इन 40 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति से कंपनी की कार्यक्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।

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