Friday, April 3, 2026

विद्यार्थियों को उचित मूल्य पर पुस्तकें, स्टेशनरी एवं यूनिफार्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड स्तरीय पुस्तक मेलों का आयोजन

विकासखंड स्तरीय पुस्तक मेला (Block Level Book Fair) मुख्य रूप से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में शिक्षा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाने वाला एक स्थानीय कार्यक्रम है। मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में शासन के निर्देशानुसार, इन मेलों का प्राथमिक उद्देश्य शासकीय और निजी दोनों स्कूलों के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक निगम की प्रामाणिक पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सामग्री रियायती दरों पर सुलभ कराना है।


विद्यार्थियों को उचित मूल्य पर पुस्तकें, स्टेशनरी एवं यूनिफार्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी विकासखंडों में  विकासखंड स्तरीय पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाएगा।


प्रमुख विशेषताएं और उद्देश्य

  • सुलभता: विकासखंड (ब्लॉक) स्तर पर आयोजन होने से दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों और अभिभावकों को जिला मुख्यालय जाए बिना पुस्तकें उपलब्ध हो जाती हैं।
  • पारदर्शिता: इन मेलों का आयोजन पुस्तक विक्रय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों के बोझ से राहत देने के लिए किया जाता है।
  • शैक्षणिक सामग्री: पुस्तकों के साथ-साथ कॉपियां, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और अन्य स्टेशनरी भी अक्सर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है।
  • सांस्कृतिक प्रोत्साहन: यह विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति विकसित करने और उन्हें ज्ञान के नए स्रोतों से जोड़ने का एक माध्यम है।


हालिया आयोजन (अप्रैल 2026)

वर्तमान समय में मध्य प्रदेश के विभिन्न विकासखंडों और जिलों में ये मेले आयोजित किए जा रहे हैं:

  • आमला (बैतूल): शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 31 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय मेला आयोजित किया गया।
  • छिंदवाड़ा: यहाँ 4 से 6 अप्रैल 2026 तक जिला स्तरीय पुस्तक मेला प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य पुस्तक विक्रय में पारदर्शिता लाना है।
  • मंदसौर: संजय गांधी उद्यान में पाँच दिवसीय मेला (1 अप्रैल 2026 से शुरू) आयोजित किया गया है, जहाँ प्रतिदिन दोपहर 12 से रात 8 बजे तक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध है।
  • नर्मदापुरम: यहाँ भी 2 अप्रैल से 4 अप्रैल 2026 तक हाल ही में छात्रों को राहत देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय मेले की शुरुआत हुई है।नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न विकासखंडों में ये मेले स्थानीय शासकीय स्कूलों के परिसरों में आयोजित किए जा रहे हैं। नर्मदापुरम (मुख्यालय): शासकीय एस.एन.जी. (SNG) स्कूल, सिवनी मालवा: स्थानीय शासकीय स्कूल परिसर, इटारसी, पिपरिया, सोहागपुर और बनखेड़ी: इन तहसीलों में भी क्रमिक रूप से मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
  • सीहोर के एमएलबी स्कूल, आष्टा के शासकीय संदीपनी स्कूल, इछावर के शासकीय संदीपनी स्कूल, बुधनी के शासकीय संदीपनी स्कूल और भैरूंदा के शासकीय संदीपनी स्कूल में 06 से 09 अप्रैल तक प्रात: 10 बजे से शाम 06 बजे पुस्तक मेले आयोजित किए जाएंगे।

भारतीय सेना में अग्निवीर पदों की भर्ती हेतु 10 अप्रैल तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

सेना भर्ती कार्यालय भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार भारतीय सेना में अग्निवीर पदों पर भर्ती हेतु अधिसूचना को जारी की गई है। यह अधिसूचना भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in  पर उपलब्ध है।


सेना में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 01 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समयावधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार अग्निवीर पुरुष (जनरल ड्यूटी, तकनीकी, लिपिक/स्टोरकीपर, ट्रेडमैन दसवीं पास, ट्रेडमैन आठवीं पास), अग्निवीर महिला (सेना पुलिस) तथा स्थायी कैडर के अंतर्गत नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट एवं सिपाही फार्मा के पदों पर भर्ती की जाएगी।


यह भर्ती प्रक्रिया मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पांढुर्ना, रायसेन, राजगढ़, सीहोर एवं विदिशा सहित संबंधित क्षेत्रों के स्थायी निवासियों के लिए आयोजित की जा रही है। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तथा केवल योग्यता के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार के दलाल या असामाजिक तत्वों के बहकावे में न आने की सलाह दी गई है।


जून में होगी कॉमन एंट्रेंस परीक्षा

भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम 01 जून से 15 जून 2026 के मध्य आयोजित किए जाने की संभावना है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश एवं पात्रता शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें।


अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए आयु सीमा एवं शैक्षिक योग्यता

अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को भारतीय सेना द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है। अग्निवीर भर्ती 2026 में केवल वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं जो आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित सभी शर्तों को पूरा करते हैं। पात्रता मानदंडों को पूरा न करने की स्थिति में उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अग्निवीर वैकेंसी 2026 के अंतर्गत भारतीय सेना अग्निवीर परीक्षा 2026 की विस्तृत पात्रता आयु सीमा 17.5 वर्ष से 21 वर्ष, शैक्षणिक योग्यता में उम्मीदवार का 10वीं/मैट्रिक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, न्यूनतम 45 प्रतिशत कुल अंक तथा प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक होना चाहिए। आवेदन भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसी प्रकार पुरुष एवं महिला (पद के अनुसार) इंडियन आर्मी  अग्निवीर रिक्रूटमेंट के तहत चयनित उम्मीदवारों को भारतीय सेना में आकर्षक वेतन पैकेज और भत्ते प्रदान किए जाएंगे।


अग्निवीर भर्ती 2026 के अंतर्गत शुरुआती वेतन लगभग 30,000 रूपए प्रति माह होगा, जिसमें समय-समय पर वार्षिक वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा अग्निवीरों को जोखिम भत्ता, कठिनाई भत्ता सहित अन्य लागू भत्ते भी मिलेंगे। चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने पर एक अग्निवीर को कुल वेतन पैकेज लगभग 6.92 लाख रूपए प्राप्त होगा। साथ ही सेवा समाप्ति पर अग्नि वीर वैकेंसी 2026 के अंतर्गत चयनित उम्मीदवारों को ब्याज सहित लगभग 11.71 लाख रूपए की सेवा निधि राशि दी जाएगी। भारतीय सेना अग्निवीर 2026 के वर्षवार वेतन कार्यकाल अवधि प्रति माह वेतन प्रथम वर्ष रूपए 30,000 + लागू भत्ते द्वितीय वर्ष रूपए 33,000 + लागू भत्ते, तृतीय वर्ष रूपए 36,500 + लागू भत्ते एवं चतुर्थ वर्ष रूपए 40,000 + लागू भत्ते प्राप्त होते हैं।


सेना भर्ती कार्यालय ने यह भी बताया है कि अधिसूचना से संबंधित किसी भी प्रकार के बदलाव की सूचना पंजीकृत ई-मेल, मोबाइल नंबर एवं आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी, इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट पर अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है।

Thursday, April 2, 2026

प्रार्थना भोई का राष्ट्रीय सेलिंग कैंप में चयन, देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण का मिला मौका

जिला खेल परिसर, स्टेडियम विदिशा की प्रतिभावान खिलाड़ी कु. प्रार्थना भोई ने वाटर स्पोर्ट्स (सेलिंग) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने 18 से 21 मार्च 2026 तक गोवा में आयोजित सेलिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विदिशा की प्रार्थना भोई एक उभरती हुई भारतीय एथलीट हैं, जिन्होंने सेलिंग (Sailing) के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।


जिला खेल अधिकारी श्री प्रदीप सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थना भोई वर्तमान में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी भोपाल में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन आगामी 3 अप्रैल 2026 से गोवा में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सेलिंग टीम के प्रशिक्षण कैंप के लिए किया गया है।


राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए प्रार्थना भोई गोवा के लिए रवाना हो रही हैं, जहां वे देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर जिला खेल परिसर, विदिशा के समस्त प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


प्रार्थना भोई के बारे में कुछ मुख्य जानकारियां 

  • दोहरा कौशल: प्रार्थना मूल रूप से कुश्ती की खिलाड़ी थीं, लेकिन लगभग एक साल पहले उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य सेलिंग अकादमी (भोपाल) जॉइन की और सेलिंग की दुनिया में कदम रखा।
  • स्वर्ण पदक विजेता: उन्होंने चेन्नई में आयोजित ऑल इंडिया विंड सर्फिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर इतिहास रचा है।
  • राष्ट्रीय चयन: हाल ही में फरवरी 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उनका चयन राष्ट्रीय सेलिंग कैंप के लिए भी हुआ है।
  • उपलब्धि: अपनी मेहनत और छोटी उम्र में ही उन्होंने सेलिंग जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में राष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना कार्यक्रम में सम्मिलित होने 18 अप्रैल तक जमा कर सकते हैं आवेदन

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (आदिवासी समुदाय के लिए) के तहत वर्ष 2026-27 में जिला स्तरीय कार्यक्रम गोंड गुरूआ बाबा (तारानगर) न्यास ग्राम पंचायत धामधूसर तहसील गौहरगंज में 23 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त तिथि निर्धारित की गई है। 


जिला पंचायत सीईओ श्री कमल सोलंकी द्वारा सामूहिक विवाह आयोजन हेतु आयोजक जनपद पंचायत सीईओ औबेदुल्लागंज और नोडल अधिकारी श्री मनोज बॉथम उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग को बनाया गया है। सामूहिक विवाह में सम्मिलित होने वाले वर-वधु द्वारा आवेदन फार्म शासन द्वारा निर्धारित पात्रता मापदण्ड शर्तो के अधीन 02 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक जनपद पंचायत कार्यालय औबेदुल्लागंज में जमा किए जा सकते हैं।


निर्धारित तिथि उपरांत प्राप्त आवेदन मान्य योग्य नहीं होंगे। सामूहिक विवाह हेतु प्राप्त आवेदनों की संख्या शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम संख्या 200 से अधिक होने की स्थिति में पहले आओ पहले पाओ के माध्यम से जोड़ो का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया उपरांत सामूहिक विवाह में सम्मिलित होने वाले वैवाहिक जोड़ों की सूची का प्रकाशन 20 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा।  


आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बीपीएल राशन कार्ड, कन्या का बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो।


आवेदन प्रक्रिया: आप आधिकारिक वेबसाइट (राज्य अनुसार) के माध्यम से ऑनलाइन या संबंधित विकासखंड कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Monday, March 30, 2026

इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने ‘लीफ’ लॉन्च

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को ‘लीफ’ यानी ‘लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलेरेशन फोरम (एलईएएफ)’ लॉन्च किया, जो एक इंडस्ट्री-नेतृत्व वाला मंच है। 


यह फोरम एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म

यह फोरम एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया है, जहां लाइट इलेक्ट्रिक वाहन (एलईवी) सेक्टर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स, जैसे वाहन निर्माता (ओईएम), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी प्रदाता, एक साथ काम कर सकें।


देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को अपनाने में लाएगा तेजी 

यह फोरम सरकार, रेगुलेटरी संस्थाओं और इंडस्ट्री संगठनों के साथ मिलकर ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देगा और देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को अपनाने में तेजी लाएगा।


यह पहल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को करेगी तेज 

मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह पहल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को तेज करेगी और बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, भरोसेमंद सिस्टम और विस्तृत चार्जिंग नेटवर्क के जरिए ईवी इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगी।


यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप

उन्होंने कहा कि यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप है और इससे सतत (सस्टेनेबल) मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी। कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी ईवी इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर सहयोग बेहद जरूरी है।


इस पहल का मकसद 

इस पहल का मकसद चार्जिंग नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बनाना, सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाना और यूजर्स को एक समान अनुभव देना है, साथ ही सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार करना भी है।


यह सिस्टम यूनिफाइड कनेक्टर के जरिए स्लो और फास्ट दोनों तरह की चार्जिंग को करेगा सपोर्ट 

इसके तहत ‘लाइट इलेक्ट्रिक कंबाइंड चार्जिंग सिस्टम (एलईसीसीएस)’ जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने मंजूरी दी है। यह सिस्टम एक यूनिफाइड कनेक्टर के जरिए स्लो और फास्ट दोनों तरह की चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।


ईवी सेक्टर की 20 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ चुका है यह फोरम

यह फोरम अब तक ईवी सेक्टर की 20 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ चुका है, जिनमें वाहन निर्माता, चार्जिंग ऑपरेटर, सप्लायर्स और सॉफ्टवेयर कंपनियां शामिल हैं। आने वाले समय में इसमें और संगठनों के जुड़ने की उम्मीद है।


इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि देश में ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है, ऐसे में चार्जिंग नेटवर्क की असमानता और यूजर अनुभव में अंतर जैसी चुनौतियों को दूर करना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी और मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ही देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

भारत की शीतल देवी को चुना गया ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’

भारत की शीतल देवी को विश्‍व तीरंदाजी ने वर्ष 2025 का सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना है। जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय शीतल देवी पिछले साल दक्षिण कोरिया के ग्वांगझू में आयोजित विश्‍व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली और एकमात्र बिना बाजू वाली तीरंदाज बनीं।


शीतल देवी को वर्ल्ड आर्चरी ने ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’ चुना है, जिसके बाद भारतीय तीरंदाज ने दिल से आभार जताया है। वैश्विक शासी निकाय ने पिछले एक साल में इस खेल में उनके बेहतरीन प्रदर्शन और योगदान के लिए शीतल देवी को इस खिताब से सम्मानित किया है।


शीतल देवी का यह पुरस्कार एक ऐतिहासिक सीजन की शानदार परिणति है, जिसमें उन्होंने ग्वांगजू में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा चैंपियनशिप में अपना पहला विश्व खिताब जीता था। वह बिना हाथों के पैरा आर्चरी विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनी, उन्होंने कंपाउंड महिला व्यक्तिगत फाइनल में पैरालंपिक चैंपियन ओज्नुर क्यूर गिर्दी को हराया। इसके अलावा, उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और मिश्रित टीम प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।


शीतल देवी साल 2025 में ‘बीबीसी इमर्जिंग एथलीट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनीं। यह सम्मान उन्हें पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में राकेश कुमार के साथ मिश्रित टीम में कांस्य पदक जीतने के बाद मिला। देवी को 2023 में ‘वर्ल्ड आर्चरी पैरा वुमन ऑफ द ईयर’ और एशियाई पैरालंपिक समिति की सर्वश्रेष्ठ युवा एथलीट के रूप में भी मान्यता मिली है। साल 2024 में उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।


अपने करियर में एक और माइलस्टोन जोड़ते हुए, शीतल देवी ने दिसंबर में इतिहास रच दिया। उन्हें जेद्दा में होने वाले एशिया कप के लिए भारत की ‘एबल-बॉडीड’ (शारीरिक रूप से सक्षम) कंपाउंड आर्चरी टीम में चुना गया, जो उनके असाधारण कौशल और बहुमुखी प्रतिभा को और भी अधिक रेखांकित करता है।


शीतल देवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाजों के साथ नामित होना और अब वर्ल्ड आर्चरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना जाना, यह एहसास बहुत ही खास है। मेरा दिल आभार, भावनाओं और इस सफर में मिली हर चीज से भरा हुआ है। धन्यवाद।”


फोकोमेलिया (जन्मजात शारीरिक विकार) के साथ जन्मी देवी बिना हाथों के एक अनोखी तकनीक का इस्तेमाल करके प्रतिस्पर्धा करती हैं। यह तरीका अपनी मौलिकता और सटीकता के कारण दुनिया भर का ध्यान खींच चुका है।


उनके पदकों की झोली में कई बड़े टूर्नामेंट्स शामिल हैं, जिनमें एशियन चैंपियनशिप, एशियन पैरा गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरालंपिक गेम्स शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके बढ़ते कद को उजागर करते हैं।

Sunday, March 29, 2026

नई सीड प्रोसेसिंग यूनिट और किसानों के प्रशिक्षण पर दें विशेष ध्यान: मंत्री श्री सारंग

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने राज्य सहकारी बीज एवं विपणन संघ मर्यादित, भोपाल (बीज संघ) के संचालक मंडल की बैठक में बीज उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसानों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बीज संघ द्वारा मक्का, नॉन-जीएम कपास एवं सब्जियों के हाइब्रिड बीजों का उत्पादन एवं विपणन किया जाएगा। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज बाजार मूल्य की तुलना में लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इससे किसानों की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।


मंत्री श्री सारंग ने बीज संघ के ‘चीता बीज’ को विश्व स्तरीय ब्रांड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा सोशल मीडिया, कृषि मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।


बैठक में बताया गया कि बीज प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई सीड प्रोसेसिंग यूनिट एवं कलर सॉर्टेक्स मशीनें स्थापित की जाएंगी। प्रथम चरण में यह कार्य गुना एवं खरगोन में प्रारंभ किया जाएगा, जिसे पैक्स एवं सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तारित किया जाएगा।


 मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि किसानों को बीज उत्पादन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। जिन किसानों ने बीज उत्पादन में अच्छा कार्य किया है, उनके माध्यम से अन्य किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए तथा प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बीज उत्पादन योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि बीज संघ आगामी समय में बीज उत्पादन, ब्रांडिंग, प्रसंस्करण एवं विपणन को मजबूत करते हुए किसानों को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ कार्य करे।


 बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक संस्थाएं श्रीमती शीला दाहिमा, राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री अभिजीत अग्रवाल, बीज निगम के प्रबंध संचालक श्री महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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