Monday, April 20, 2026

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग (Lee Jae-myung) ने 20 अप्रैल 2026 को अपनी पत्नी किम हे-क्यूंग के साथ नई दिल्ली में राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि दी। यह उनके तीन दिवसीय भारत दौरे का हिस्सा है, जिसके दौरान उन्होंने राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद गांधीजी के शांति व अहिंसा के आदर्शों का सम्मान किया।


राष्ट्रपति ली और उनकी पत्नी, प्रथम महिला किम हे-क्युंग (Kim Hye-kyung) ने राजघाट पर गांधी जी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया। राजघाट जाने से पहले, राष्ट्रपति ली का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी अगवानी की। इस यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करने के साथ ही द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। राष्ट्रपति ली 19 से 21 अप्रैल, 2026 तक भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, AI और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। 


राष्ट्रपति ली जून 2025 में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति चुने गए थे और पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है।

प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय के स्थलों को भव्य तीर्थ के रूप में किया जायेगा विकसित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले के जानापाव कुटी में आयोजित 'परशुराम प्रकटोत्सव' के दौरान घोषणा की है कि इस पवित्र स्थल को 'श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक' के रूप में विकसित कर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर इंदौर जिले के जानापाव में आयोजित ‘परशुराम प्रकटोत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। 


मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की और महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस लोक का निर्माण लगभग ₹17.41 करोड़ की लागत से किया जाएगा। यहाँ एक भव्य संग्रहालय बनेगा जिसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा, और ध्यान दीर्घा जैसे माध्यमों से भगवान परशुराम और श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन को प्रदर्शित किया जाएगा। परिसर में भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण की भव्य कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और एक 30 फुट ऊँचा प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। 


मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को "श्रीकृष्ण पाथेय" के रूप में तीर्थ स्वरूप दे रही है। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक एवं पूर्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, जन-प्रतिनिधि, संत, सामाजिक संगठनों एवं ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Sunday, April 19, 2026

भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने तमिल समुदाय के लिये की कई घोषणाएं

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिल समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई घोषणाएं की। उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिलों के लिए OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड जारी करने की पात्रता मानदंड का विस्तार किया है। अब 5वीं और 6वीं पीढ़ी के तमिल समुदाय भी OCI कार्ड के लिए पात्र होंगे। उन्होंने भारतीय आवास परियोजना के तीसरे चरण के तहत निर्मित अंतिम क्लस्टर के घरों को वर्चुअल माध्यम से तमिल समुदाय के लाभार्थियों को सौंपा। 


इस यात्रा के साथ, तमिल समुदायों के लिए भारत द्वारा निर्मित कुल आवासों की संख्या 50,000 तक पहुंच गई है। भारत सरकार ने आवास परियोजना के चौथे चरण में 10,000 और घर बनाने की घोषणा की है। चक्रवात 'डिटवाह' (Ditwah) के बाद पुनर्निर्माण के हिस्से के रूप में, भारत द्वारा पुनर्निर्मित उत्तरी रेलवे लाइन पर ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की गई है। श्रीलंका के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 3 और बेली ब्रिज (Bailey bridges) स्थापित करने की घोषणा की गई है।


यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के साथ चर्चा की। इस दौरान उन्होंने भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति और निरंतर सहयोग की पुष्टि की। साथ ही श्री राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री हरिणी अमरासुरिया से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। इसके अलावा उन्‍होंने विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा के साथ भी बातचीत की। यह यात्रा कि किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। 

गोवा की साध्वी सतीश सैल ने फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का खिताब जीतकर रचा इतिहास

Goa: भुवनेश्वर में आयोजित 61वें फेमिना मिस इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में गोवा की साध्वी सतीश सैल ने फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्‍हें ग्रैंड फिनाले के सर्वोच्‍च सम्‍मान से नवाजा गया और मिस वर्ल्‍ड प्रतिस्‍पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्‍व करने का अवसर दिया गया। उन्होंने 30 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ यह ताज हासिल किया। इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र की राजनंदिनी पवार फर्स्ट रनर-अप और जम्मू-कश्मीर की डॉ. श्री अद्वैता सेकंड रनर-अप रहीं। 


वह गोवा की रहने वाली हैं और उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की है। उनकी शैक्षणिक रुचि मुख्य रूप से अर्थशास्त्र (Economics) और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में है। साध्वी को 7 भाषाओं का ज्ञान है, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। वह एक पेशेवर मॉडल और उद्यमी (Entrepreneur) हैं। इसके अलावा, उन्हें फोटोग्राफी, स्केचिंग, बैडमिंटन और बीकीपिंग (मधुमक्खी पालन) जैसे शौक भी हैं वह कुपोषण से पीड़ित बच्चों की मदद करने जैसे सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हुई हैं। उनका सपना एक ऐसा विश्वविद्यालय स्थापित करना है जो वित्तीय साक्षरता, आध्यात्मिक ज्ञान और रचनात्मकता पर केंद्रित हो। वह प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ को अपनी प्रेरणा मानती हैं। 


मिस इंडिया 2026 का ताज जीतने के बाद, अब वह मिस वर्ल्ड 2027 प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

Saturday, April 18, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर जताया गहरा दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल (संविधान 131वां संशोधन विधेयक) के लोकसभा में पारित न होने पर गहरा दुख व्यक्त किया। रात 8:30 बजे शुरू हुए इस संबोधन में उन्होंने देश की महिलाओं से माफी मांगी और विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। 


पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन नहीं हो पाया, इसके लिए वे देश की माताओं और बहनों से क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसे दलों को इस विधेयक के गिरने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने विपक्षी दलों के व्यवहार को "नारी शक्ति की भ्रूण हत्या" करार दिया और कहा कि उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए महिलाओं के सपनों को कुचला है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने पहले दिन से साफ कर दिया था कि परिसीमन से किसी राज्य की भागीदारी कम नहीं होगी और सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी, लेकिन विपक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण को लेकर उनका आत्मबल अजेय है और यह प्रयास रुकेगा नहीं। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस मानसिकता का करारा जवाब देंगी। 


यह संबोधन शुक्रवार (17 अप्रैल) को लोकसभा में विधेयक के बहुमत न मिलने (352 वोटों की जरूरत के मुकाबले केवल 298 पक्ष में) के कारण विफल होने के बाद दिया गया है।

Wednesday, April 8, 2026

राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2025 के आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा 'राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025' (पुरस्कार वर्ष 2024 के कार्यों हेतु) के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं, जिसकी अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 है। यह पुरस्कार वन, कृषि, मत्स्य पालन, पंचायत स्तर की समितियों और व्यक्तिगत/संस्थागत श्रेणियों में जैव विविधता संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।


प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025 के लिये प्रविष्टियाँ 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। विभिन्न श्रेणियों में जैव-विविधता पुरस्कार के लिये जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाले वन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन विभाग और जैव-विविधता प्रबंधन समिति ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका तथा नगर निगम स्तर पर गठित जैव-विविधता प्रबंधन समितियाँ। संस्थागत (अशासकीय), व्यक्तिगत (अशासकीय), व्यक्तिगत (शासकीय) पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध पहुंच एवं लाभ प्रभाजन की अधिकतम राशि श्रेष्ठ वनमंडल एवं श्रेष्ठ वनवृत्त के अंतर्गत विशिष्ट कार्य करने वाले अपनी प्रविष्टियाँ जमा कर सकते हैं।


प्रविष्टियों का निर्धारित प्रारूप एवं अन्य जानकारियॉ बोर्ड की वेबसाईट www-mpforest.gov.in/mpsbb से डाउन लोड करें। जिन संस्था द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 के लिये प्रविष्टियाँ प्रेषित की गई हैं, वो प्रविष्टि प्रेषित ना करें।

Tuesday, April 7, 2026

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ को मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 7 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में ग्रेटर नोएडा में एक नए निजी विश्वविद्यालय, ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ (Metro University), की स्थापना को मंजूरी दे दी है।


योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसे प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (Sunhill Healthcare Pvt Ltd) द्वारा दिया गया था। इसकी स्थापना 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' के प्रावधानों के तहत की जाएगी. इसके लिए जल्द ही एक अध्यादेश (Ordinance) लाया जाएगा।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, यह कदम उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

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