Saturday, April 18, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर जताया गहरा दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल (संविधान 131वां संशोधन विधेयक) के लोकसभा में पारित न होने पर गहरा दुख व्यक्त किया। रात 8:30 बजे शुरू हुए इस संबोधन में उन्होंने देश की महिलाओं से माफी मांगी और विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। 


पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन नहीं हो पाया, इसके लिए वे देश की माताओं और बहनों से क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसे दलों को इस विधेयक के गिरने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने विपक्षी दलों के व्यवहार को "नारी शक्ति की भ्रूण हत्या" करार दिया और कहा कि उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए महिलाओं के सपनों को कुचला है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने पहले दिन से साफ कर दिया था कि परिसीमन से किसी राज्य की भागीदारी कम नहीं होगी और सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी, लेकिन विपक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण को लेकर उनका आत्मबल अजेय है और यह प्रयास रुकेगा नहीं। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस मानसिकता का करारा जवाब देंगी। 


यह संबोधन शुक्रवार (17 अप्रैल) को लोकसभा में विधेयक के बहुमत न मिलने (352 वोटों की जरूरत के मुकाबले केवल 298 पक्ष में) के कारण विफल होने के बाद दिया गया है।

Wednesday, April 8, 2026

राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2025 के आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा 'राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025' (पुरस्कार वर्ष 2024 के कार्यों हेतु) के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं, जिसकी अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 है। यह पुरस्कार वन, कृषि, मत्स्य पालन, पंचायत स्तर की समितियों और व्यक्तिगत/संस्थागत श्रेणियों में जैव विविधता संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।


प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2025 के लिये प्रविष्टियाँ 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। विभिन्न श्रेणियों में जैव-विविधता पुरस्कार के लिये जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाले वन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन विभाग और जैव-विविधता प्रबंधन समिति ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका तथा नगर निगम स्तर पर गठित जैव-विविधता प्रबंधन समितियाँ। संस्थागत (अशासकीय), व्यक्तिगत (अशासकीय), व्यक्तिगत (शासकीय) पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध पहुंच एवं लाभ प्रभाजन की अधिकतम राशि श्रेष्ठ वनमंडल एवं श्रेष्ठ वनवृत्त के अंतर्गत विशिष्ट कार्य करने वाले अपनी प्रविष्टियाँ जमा कर सकते हैं।


प्रविष्टियों का निर्धारित प्रारूप एवं अन्य जानकारियॉ बोर्ड की वेबसाईट www-mpforest.gov.in/mpsbb से डाउन लोड करें। जिन संस्था द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 के लिये प्रविष्टियाँ प्रेषित की गई हैं, वो प्रविष्टि प्रेषित ना करें।

Tuesday, April 7, 2026

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ को मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 7 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में ग्रेटर नोएडा में एक नए निजी विश्वविद्यालय, ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ (Metro University), की स्थापना को मंजूरी दे दी है।


योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसे प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (Sunhill Healthcare Pvt Ltd) द्वारा दिया गया था। इसकी स्थापना 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' के प्रावधानों के तहत की जाएगी. इसके लिए जल्द ही एक अध्यादेश (Ordinance) लाया जाएगा।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, यह कदम उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

Saturday, March 28, 2026

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज झारखंड का दौरा करेंगे, वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का भी शुभारंभ करेंगे

उपराष्ट्रपति आज बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और खूंटी के उलिहातु गांव जाएंगे, जो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा का जन्मस्थान है। वहां वे उनके वंशजों से मिलेंगे और पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। श्री राधाकृष्णन रांची के बिरसा मुंडा परिसर और बिरसा चौक स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर भी पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। 


बाद में, वे  भारतीय प्रबंधन संस्थान – आईआईएम, रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे और वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का भी शुभारंभ करेंगे। वर्चुअल रियलिटी (VR) केस रिपॉजिटरी एक डिजिटल डेटाबेस है, जो विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, चिकित्सा (पुनर्वास), रक्षा, और फोरेंसिक (अपराध स्थल पुनर्निर्माण)—से संबंधित इमर्सिव 3D सिमुलेशन और मामलों का अध्ययन (case studies) संग्रहीत करता है। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को जटिल परिदृश्यों का यथार्थवादी अनुभव प्रदान करती है।


केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

Friday, March 27, 2026

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह सम्मेलन रायसेन में 19 अप्रैल को आयोजित

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में जिले में अक्षय तृतीय 19 अप्रैल 2026 को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिला मुख्यालय रायसेन में आयोजित होने वाले इस सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु आयोजक नगर पालिका रायसेन तथा नोडल अधिकारी उप संचालक सामाजिक न्याय श्री मनोज बाथम रहेंगे। सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित होने वाले वर-वधु द्वारा आवेदन फार्म शासन द्वारा निर्धारित पात्रता मापदण्ड शर्तो के अधीन दिनांक 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय रायसेन में जमा किए जा सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए सामाजिक सुरक्षा अधिकारी रायसेन श्री अनुराग भदौरिया के मो.न. 9131805671 पर या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय रायसेन में सम्पर्क किया जा सकता है।


मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भारत के विभिन्न राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार) द्वारा संचालित एक कल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं की बेटियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।


राज्यवार प्रमुख विवरण (2026 अपडेट)

विभिन्न राज्यों में इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता और नियम अलग-अलग हैं:

  • मध्य प्रदेश: राज्य सरकार नवविवाहित जोड़ों को Rs.55,000 की सहायता देती है। इसमें Rs.49,000 सीधे वधु के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं और Rs.6,000 सामूहिक विवाह आयोजन के खर्च के लिए होते हैं। ताजा अपडेट के अनुसार, निवाड़ी जैसे जिलों में आवेदन की अवधि 20 मार्च 2026 से 05 अप्रैल 2026 तक निर्धारित की गई है।
  • छत्तीसगढ़: यहाँ भी सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। हाल ही में 10 फरवरी 2026 को प्रदेश भर में 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ।
  • उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा Rs.51,000 की सहायता दी जाती है (जिसमें Rs.35,000 नकद, Rs.10,000 का सामान और Rs.6,000 आयोजन खर्च शामिल है)। कुछ रिपोर्टों के अनुसार सहायता राशि को Rs.1 लाख तक बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
  • बिहार: बिहार में बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद के साथ-साथ सरकार हर ग्राम पंचायत में आधुनिक विवाह मंडप का निर्माण कर रही है, जिसका लक्ष्य 2030 तक सभी 8,530 पंचायतों को कवर करना है।


योजना का लाभ लेने के लिए सामान्य शर्तें इस प्रकार हैं 

  • आयु: वधु की आयु कम से कम 18 वर्ष और वर की 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • निवास: आवेदक संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आय: परिवार गरीबी रेखा (BPL) के नीचे होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड और समग्र आईडी (MP के लिए)।
  • निवास और आय प्रमाण पत्र।
  • आयु प्रमाण पत्र (मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र)।
  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
  • वर-वधु की पासपोर्ट साइज फोटो। 

आवेदन कैसे करें?

  • ऑनलाइन: आप राज्य के आधिकारिक पोर्टल (जैसे MP के लिए socialjustice.mp.gov.in) पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
  • ऑफलाइन: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम/नगर पालिका कार्यालय से फॉर्म प्राप्त कर और भरकर जमा किया जा सकता है।

Sunday, February 8, 2026

मैसी डायनास्टार कॉन्टेस्ट 2026 सबसे बड़े आलराउंडर की तलाश का तीसरा सीजन शुरू

टैफे ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड ने 'मैसी डायनास्टार कॉन्टेस्ट 2026 सबसे बड़े आलराउंडर की तलाश' के तहत अपने लोकप्रिय नवाचार मंच के तीसरे सीज़न की शुरुआत की है। 


दो सफल सीजन के बाद लॉन्च किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा मैसी डायनास्टार कॉन्टेस्ट है, जिसका उद्देश्य कृषि और ग्रामीण उद्यमिता में नवाचार को बढ़ावा देना है। सीजन 3 में किसानों, उद्यमियों, छात्रों, स्टार्टअप्स और ग्रामीण परिवर्तनकर्ताओं को मैसी फर्ग्यूसन के किसी भी ट्रैक्टर पर आधारित अपने इनोवेटिव आइडियाज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। 


प्रतिभागी अंग्रेज़ी या किसी भी भारतीय भाषा में वीडियो या टेक्स्ट के रूप में ऑनलाइन एंट्री दे सकते हैं। विजेता को लगभग 8.2 लाख मूल्य का मैसी फर्ग्यूसन 254 डायनास्मार्ट ट्रैक्टर और आकर्षक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। चुने गए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और ग्रैंड फिनाले में विशेषज्ञ जूरी के सामने अपने आइडियाज प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। यह प्रतियोगिता 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है।

Saturday, January 31, 2026

33 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने आईआईबीएफ परीक्षा उत्तीर्ण की

आरसेटी विदिशा में  बैंक सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने आईआईबीएफ (Indian Institute of Banking & Finance) की परीक्षा दी, जिसमें 33 प्रशिक्षणार्थियों ने सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।


आरसेठी के डायरेक्टर श्री एफसी महली ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल लेन-देन तथा ग्राहक सेवा संबंधी कौशलों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में बैंक सखी के रूप में कार्य कर ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ सकें।


प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन श्री एफ.सी. महली, डायरेक्टर आरसेटी, श्री मोहर सिंह भदौरिया, डीएम स्किल (आजीविका मिशन) तथा संस्थान के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने सफल प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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