जिला प्रशासन द्वारा अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी पर बल देते हुए बचाव के उपायों पर आधारित सुझावों का पालन करने का आह्वान करते हुए अपनाएं सरल उपाय, रहें सुरक्षित को रेखांकित किया गया है।
सामान्यतः गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है, जिससे जन-धन की हानि का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी अत्यंत आवश्यक है। यदि कुछ सरल उपायों को अपनाया जाए तो आग लगने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
घर एवं दैनिक जीवन में सावधानियां:
घर में बिजली की खराब या पुरानी वायरिंग को समय-समय पर ठीक करवाना जरूरी है। गैस सिलेंडर को हमेशा सीधा रखें और किसी भी प्रकार का लीकेज होने पर तुरंत गैस बंद करें। खाना बनाते समय गैस या चूल्हे को बिना निगरानी के न छोड़ें और रसोई में आग जलती छोड़कर कहीं न जाएं।
घर में एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) अवश्य रखें और उसके उपयोग की जानकारी भी रखें। पेट्रोल, केरोसीन जैसे ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखें। बच्चों को माचिस और लाइटर से दूर रखना भी अत्यंत आवश्यक है।
खेतों में अग्नि सुरक्षा के उपाय:
खेतों में आग से बचाव के लिए चारों ओर 8–10 फीट चौड़ी खाली पट्टी (फायर लाइन) बनाना अत्यंत जरूरी है, जिससे आग को फैलने से रोका जा सके। सूखी घास, पत्ते और कचरा खेत में इकट्ठा न होने दें।
पराली या फसल अवशेष जलाने से आग फैलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इसे न जलाएं। खेतों के पास बिजली के ढीले या टूटे तार न हों और उनसे उचित दूरी बनाए रखें। पास में पानी, मिट्टी या बाल्टी की व्यवस्था रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत आग बुझाई जा सके। खेतों में जलती हुई बीड़ी या सिगरेट न फेंके।
आपात स्थिति में क्या करें:
यदि आग लग जाए तो तुरंत 101 (फायर ब्रिगेड) पर सूचना दें। गैस और बिजली के कनेक्शन तुरंत बंद करें। छोटी आग को पानी, मिट्टी या कंबल से बुझाने का प्रयास करें, जबकि बड़ी आग की स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखें और विशेषज्ञ सहायता का इंतजार करें।
बच्चों के लिए विशेष सावधानी:
बच्चों को माचिस और लाइटर से खेलने से रोकें और उन्हें आग के खतरों के प्रति जागरूक करें। घर में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) सुनिश्चित करें और बाहर निकलने का रास्ता हमेशा साफ और खुला रखें।
अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम स्वयं, अपने परिवार और अपनी फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं।