कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा जनगणना 2027 हेतु फिल्ड ट्रेनर प्रशिक्षण का शुभारंभ गत दिवस किया गया। यह प्रशिक्षण 31 मार्च, 2026 में मध्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान राजगढ में प्रातः 9.30 से सांय 5.30 तक संचालित होगा। इसमें जनगणना प्रथम चरण जिसमें मकान सूचीकरण, नजरी नक्शा तैयार कर एवं जनगणना एप पर कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह फिल्ड ट्रेनर चार्ज स्तर पर 01 अप्रैल, 2026 से 22 अप्रैल, 2026 के मध्य प्रगणक एवं सुपरवाईजर को प्रशिक्षण प्रदान करेगें। तदउपरांत प्रगणक, सुपरवाईजर 01 मई, 2026 से 30 मई, 2026 तक प्रथम चरण पर मकान सूचीकरण का कार्य संपन्न करेगें।
प्रशिक्षण में जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती ज्योति बगवैया, सहायक जनगणना अधिकारी श्री के.के. राज, श्री शीतल कोसरवाल, श्री असद नजीर एवं स्टॉफ सम्मिलित रहेगे। प्रशिक्षण का संचालन श्री डी.के. साहू एवं श्री देवेन्द्र दुबर्ग द्वारा किया जाएगा।
फील्ड ट्रेनर (Field Trainer)
एक ऐसा पेशेवर होता है जो कर्मचारियों या प्रशिक्षुओं को उनके कार्यस्थल (ऑन-फील्ड) पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। इनका मुख्य काम किताबी ज्ञान को वास्तविक काम में बदलना होता है। वर्तमान में (मार्च 2026), भारत में जनगणना (Census) के संदर्भ में फील्ड ट्रेनर्स की भूमिका काफी चर्चा में है।
फील्ड ट्रेनर की मुख्य भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ
व्यावहारिक प्रशिक्षण: ये प्रशिक्षुओं को सीधे कार्यस्थल पर ले जाते हैं और उन्हें काम करने का सही तरीका सिखाते हैं।
जनगणना में भूमिका: जनगणना के दौरान, फील्ड ट्रेनर्स सुपरवाइजर और एन्युमरेटर (गणनाकारों) को मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करने और गणना की बारीकियां सिखाने के लिए जिम्मेदार होते हैं。
सॉफ्ट स्किल्स और सेल्स: कॉर्पोरेट क्षेत्र में, ये सेल्स टीम को ग्राहकों से बात करने की कला, नेतृत्व क्षमता और रिटेल स्टोर प्रबंधन के गुर सिखाते हैं।
फीडबैक और मूल्यांकन: ये लगातार प्रशिक्षुओं के प्रदर्शन पर नजर रखते हैं और सुधार के लिए तुरंत सुझाव देते हैं।
विशिष्ट विभागों में: पुलिस, रेलवे या स्वास्थ्य सेवाओं में ये नए अधिकारियों को ऑन-ड्यूटी प्रोटोकॉल और सुरक्षा नियमों का अभ्यास कराते हैं।
फील्ड ट्रेनर के प्रमुख कार्यक्षेत्र
सरकारी योजनाएं: जैसे जनगणना-2027 का प्रशिक्षण कार्यक्रम जो वर्तमान में विभिन्न जिलों (जैसे राजगढ़, छपरा, नालंदा) में चल रहा है।
रिटेल और कॉर्पोरेट: कर्मचारियों को उत्पाद की जानकारी और बिक्री तकनीक सिखाना।
सुरक्षा और पुलिस: नए रंगरूटों को जमीनी स्तर पर गश्त और कानून व्यवस्था संभालने का प्रशिक्षण देना।
रेलवे: ट्रेन मैनेजर्स और लोको पायलटों को सेक्शन लर्निंग और टेक्निकल कपलिंग जैसे कार्य सिखाना।
