उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज झारखंड में भारतीय प्रबंधन संस्थान – आईआईएम, रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे और वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का भी शुभारंभ करेंगे।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
उपराष्ट्रपति आज बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और खूंटी के उलिहातु गांव जाएंगे, जो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा का जन्मस्थान है। वहां वे उनके वंशजों से मिलेंगे और पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। श्री राधाकृष्णन रांची के बिरसा मुंडा परिसर और बिरसा चौक स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर भी पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। बाद में, वे आई.आई.एम. रांची के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
वर्चुअल रियलिटी (VR) केस रिपॉजिटरी से जुड़ी खास बातें
वर्चुअल रियलिटी (VR) केस रिपॉजिटरी एक डिजिटल डेटाबेस है, जो विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, चिकित्सा (पुनर्वास), रक्षा, और फोरेंसिक (अपराध स्थल पुनर्निर्माण)—से संबंधित इमर्सिव 3D सिमुलेशन और मामलों का अध्ययन (case studies) संग्रहीत करता है। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को जटिल परिदृश्यों का यथार्थवादी अनुभव प्रदान करती है।
वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी के मुख्य अनुप्रयोग:
- चिकित्सा और पुनर्वास (Medical & Rehabilitation): वीआर स्ट्रोक के मरीजों के लिए संज्ञानात्मक पुनर्वास (cognitive rehabilitation) और मोबिलिटी डिवाइस-मिक्स्ड रियलिटी (MD-MR) जैसे नैदानिक परिणाम प्रदान करता है, जो निपुणता और पकड़ की ताकत में सुधार करते हैं।
- न्यायिक और फोरेंसिक (Forensic & Legal): अपराध स्थल का पुनर्निर्माण (Crime scene reconstruction) करना, जहां 2D छवियों से वर्चुअल टूर बनाकर अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं।
- शिक्षा और प्रशिक्षण (Education & Training): आईआईएम (IIM) जैसे संस्थानों में केस स्टडीज के लिए इस्तेमाल, साथ ही सेना में खतरनाक परिस्थितियों का सुरक्षित अभ्यास।
- अनुसंधान और विकास (Research): यह एक बहुविषयक क्षेत्र है, जो वर्चुअल, ऑगमेंटेड (AR) और मिक्स्ड रियलिटी (MR) पर मौलिक शोध प्रकाशित करता है।
प्रमुख उपयोगकर्ता और लाभ:
- शिक्षक और छात्र: जटिल विषयों को 3D में समझने के लिए।
- चिकित्सक: मरीजों के पुनर्वास के लिए (गेमिफाइड वीआर)।
- जांचकर्ता: अपराध दृश्यों के डिजिटल विश्लेषण के लिए।
सीमाएं:
यह एक महंगी तकनीक है, और इसके लंबे समय तक उपयोग से आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
