देश में संयुक्त परिवार कम हो रहे हैं और एकल परिवार बढ़ रहे हैं। इससे नौकरीपेशा सिंगल फैमिलीज (जहां पति-पत्नि और बच्चे) के लिए बुजुर्गो की देखभाल करना मुश्किल हो गया है। युवा शहर या विदेश जा रहे हैं, जिससे माता-पिता अपने घरों में अकेले रह जाते हैं। उम्र के साथ देखभाल की जरूरत बढ़ती है। जिसके लिए प्रशिक्षित स्टॉफ की जरूरत होती है।
इसी प्रमुख कारण ने एक नए बिजनेस को जन्म दिया है और वह है बुजुर्गो की केयर करना। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2050 तक भारत में 20 प्रतिशत आबादी 60 साल से ऊपर होगी। इन्हें सेहत, सुरक्षा और भावनात्मक सहारे की जरूरत होगी। इसलिए इस बिजनेस में बड़े मौके है।
कितना लगेगा शुरूआती खर्च (अनुमानित)
- रजिस्ट्रेशन+लाइसेंस- 25 हजार तक
- ऑफिस सेटअप- 25-30 हजार तक
- विज्ञापन और ब्रांडिंग- 30-50 हजार तक
- वर्किग कैपिटल- 2 लाख तक
- कुल अनुमानित खर्च- 3 लाख तक
(अगर दफ्तर के साथ एजेंसी चलाना चाहते हैं तो यह खर्च 6-7 लाख रूपए तक हो सकता है।)
