Saturday, April 18, 2026

Uttarpradesh CM News: पुलिसिंग को आधुनिक और परिणाम-उन्मुख बनाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अब तकनीक और वैज्ञानिक जांच का शिकंजा और कसने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिसिंग को आधुनिक और परिणाम-उन्मुख बनाने के लिए उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में बड़े स्तर पर क्राइम सीन एक्सपर्ट तैयार किए जा रहे हैं।


उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' विजन के तहत पुलिसिंग को हाई-टेक बनाने के लिए 500 क्राइम सीन एक्सपर्ट तैयार किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ में पांच चरणों में दिया जा रहा है। 


इस नई व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • हर जिले में तैनाती: प्रशिक्षित विशेषज्ञ प्रदेश के सभी 75 जिलों और कमिश्नरेट में तैनात किए जाएंगे।
  • मास्टर ट्रेनर की भूमिका: ये एक्सपर्ट अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल से इंस्पेक्टर स्तर तक) को आधुनिक जांच तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे।
  • प्रशिक्षण के मुख्य विषय: इसमें साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य संरक्षण, वैज्ञानिक सैंपलिंग, और क्राइम सीन मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
  • वर्तमान स्थिति: अब तक 300 अधिकारी प्रशिक्षित हो चुके हैं। अगले बैच का प्रशिक्षण 27 अप्रैल 2026 से शुरू होना निर्धारित है।
  • उद्देश्य: जांच प्रक्रिया में वैज्ञानिक सटीकता लाकर अपराधियों को सजा दिलाने की दर (conviction rate) को बढ़ाना और जांच की गुणवत्ता में सुधार करना है। 


यह पहल यूपी पुलिस को पारंपरिक जांच विधियों से आगे बढ़ाकर एक मजबूत फॉरेंसिक पुलिसिंग नेटवर्क की ओर ले जा रही है।

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