मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में राष्ट्रीय जनगणना-2027 के प्रथम चरण ("मकान सूचीकरण एवं गणना") के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस प्रक्रिया को राष्ट्र और राज्य के विकास की मजबूत नींव बताते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
मुख्यमंत्री के आह्वान के मुख्य बिंदु:
- डिजिटल स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिकों से अपील की गई है कि वे 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक http://se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज (स्व-गणना) करें।
- सटीक जानकारी: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सटीक जनगणना से ही विकास कार्यों (सड़क, अस्पताल, स्कूल) की योजनाएं सही ढंग से बन पाती हैं, इसलिए सही जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है।
- स्वयं भागीदारी: मुख्यमंत्री ने स्वयं भी भोपाल में अपना स्व-गणना फॉर्म भरकर इस प्रक्रिया की शुरुआत की, ताकि अन्य नागरिकों को प्रोत्साहित किया जा सके।
- समय सीमा: मकानों की सूची तैयार करने का काम 1 मई 2026 से शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य और विकास की परीक्षा बताते हुए सभी को इस राष्ट्रीय कर्तव्य में सहयोग देने का आग्रह किया है।
जनगणना 2027 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता- वर्तमान शताब्दी की तीसरी जनगणना वर्ष 2027 में संपादित की जानी है, जो राष्ट्र एवं राज्य के भावी विकास के लिए आधारभूत और विश्वसनीय जन सांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध कराएगी। इस बार की जनगणना में आधुनिक डिजिटल तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। पहली बार बड़े पैमाने पर मोबाइल ऐप आधारित डेटा संकलन किया जाएगा।
