भोपालः राजधानी के लोगों में वाहनों के प्रति शौक व आटोमोबाइल बाजार की रफ्तार लगातार बंढ़ती जा रही है। हर साल सड़कों पर नए वाहनों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जो शहर की बदलती जीवनशैली को दर्शाता है।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भोपाल के अनुसार वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में वाहन पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में भोपाल आरटीओ में कुल एक लाख 31 हजार 923 वाहनों का पंजीकरण हुआ था, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर एक लाख 37 हजार 792 तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी न सिर्फ दोपहिया और चारपहिया वाहनों में देखने को मिली है, बल्कि लग्जरी और प्रीमियम सेगमेंट के वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ी है।
शहर के लोग अब महंगी कारों और हाई-एंड बाइक्स पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी लोगों में बढ़ती नजर आ रही है। इसका असर इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर साफ दिखाई देता है। बीते वर्ष की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों और बाइक्स की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी, ईंधन की बढ़ती कीमतें और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बढ़ी सोच प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
टोयोटा लैंड क्रूजर और मर्सिडीज की धूम
कार प्रेमियों के लिए पिछला साल खास रहा, जब भोपाल में 3,85,05,001 रुपये की मर्सिडीज बेंज एजी पंजीकृत हुई, जो साल की सबसे महंगी कार रही। वहीं, वर्ष 2025 में अब तक 2,31,00,000 रुपये की टोयोटा लैंड क्रूजर जेडएक्स ने सबसे महंगी बिक्री का खिताब अपने नाम किया है। 2024 में 28,765 कारें बिकी थीं, जो 2025 में बढ़कर 30,272 हो गईं।
दोपहिया वाहनों में हार्ले डेविडसन की मांग बढ़ी
दोपहिया वाहनों के बाजार में भी जबरदस्त उछाल देखा गया है। साल 2025 में 91,594 दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 88,250 था। प्रीमियम बाइक्स के शौकीनों ने भी दिल खोलकर खर्च किया है। साल 2024 में गोल्ड विंग टूर डीसीटी 30.18 लाख रुपये में बिकी थी, तो साल 2025 में 32.06 लाख रुपये की हार्ले डेविडसन रोड ग्लाइड भोपाल की सड़कों की शान बनी। प्रदूषण कम करने की दिशा में भोपालवासी अब ई-वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। साल 2024 में जहां 9,648 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ था, वहीं साल 2025 में यह संख्या बढ़कर 11,125 पहुंच गई है।
