भोपाल: राजधानी भोपाल से चोरी की गई बेशकीमती चंदन की लकड़ी यूपी के कन्नौज भेजी जा रही थी, जहां इसका इस्तेमाल इत्र (परफ्यूम) बनाने में किया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि तस्कर चंदन को पहले उज्जैन पहुंचाते थे और वहां से इसे कन्नौज भेजा जाता था। कन्नौज देश का बड़ा इत्र फैक्ट्रियां संचालित है और चंदन की भारी मांग रहती है। आरोपियों से पूछताछ में यह भी सामने आया है कि चंदन के एक पेड़ को करीब 25 हजार रूपए में बेचा जा रहा था।
एसीपी मनीष भारद्वाज ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में चंदन चोरी के प्रयास के मामले में गिरफ्तार अनीस खान निवासी कटारा हिल्स, सादिक खाना निवासी सीहोर और मोहम्मद असलम मिवाती निवासी निशातपुरा शामिल है। आरोपियों ने कबूल किया कि भोपाल और आसपास के जिलों से चोरी की गई चंदन लकड़ी को कन्नौज ले जाकर इत्र फैक्ट्रियों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
चंदन तस्करों यह भी स्वीकार किया कि वे वीआइपी रोड़ स्थित एक परिसर से हुई चंदन चोरी की वारदात में शामिल रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह उन सरकारी और निजी परिसरों को निशाना बनाता था, जहां परिपक्वचंदन के पेड़ लगे होते थे और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहती थी।
