Saturday, May 2, 2026

पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर पुनर्मतदान , 5 बजे तक 87% से अधिक मतदान दर्ज

West Bengal: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार (2 मई, 2026) को पुनर्मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला। कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ, ताकि 29 अप्रैल को हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। 


मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 86.11% और डायमंड हार्बर में 87.60% मतदान दर्ज किया गया। इसमें मगराहट पश्चिम (Magrahat Paschim) के 11 और डायमंड हार्बर (Diamond Harbour) के 4 बूथ शामिल हैं। शाम 5 बजे तक लगभग 87% से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।


29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान धांधली और ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने इन बूथों पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया था।

Friday, May 1, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी में डिजिटल पंचांग और ग्रह-नक्षत्र गणना वाली वैदिक घड़ी का अनावरण

Varanasi: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अवलोकन किया और इसके डिजिटल पटल पर पंचांग, मुहूर्त तथा ग्रह-नक्षत्रों की गणना की सराहना की। यह घड़ी उज्जैन की प्राचीन काल गणना पर आधारित है, जिसे 4 अप्रैल को स्थापित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन भारतीय ज्ञान का एक अद्भुत संगम बताया है।


यह घड़ी भारतीय वैदिक काल गणना (सूर्योदय से संचालित) पर आधारित है, न कि पारंपरिक घंटे-मिनट पर। इसमें विक्रमी संवत, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, मुहूर्त, भद्रा और सूर्य की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है। 


यह मध्य प्रदेश के उज्जैन की महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा निर्मित है, जिसे सर्वप्रथम उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर इसे देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में लगाया जा रहा है।

यह ऐप Google Play Store (Android) पर "Vikramaditya Vedic Clock" नाम से उपलब्ध है। App Store (iOS/iPhone) से भी इसे डाउनलोड किया जा सकता है। 

जबलपुर के बरगी क्रूज़ हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त की संवेदनाएं

Madhya pradesh | Jabalpur: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 मई 2026 को जबलपुर पहुंचकर बरगी क्रूज हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। 30 अप्रैल 2026 की शाम को आए भीषण तूफान के कारण बरगी बांध के जलाशय में क्रूज पलटने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4-4 लाख की सहायता राशि देने के निर्देश दिए गए हैं।


हादसे के समय क्रूज पर लगभग 43 लोग सवार थे, जिनमें से 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50,000 देने की घोषणा की है। 

उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के हित में मुख्यमंत्री योगी का नया निर्देश

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'श्रमवीर गौरव समारोह 2026' का भव्य शुभारंभ किया। यह आयोजन 'अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस' के अवसर पर प्रदेश के निर्माण और प्रगति में श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए किया गया।


सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमिक राष्ट्र के निर्माता हैं और उनकी खुशहाली ही सरकार की प्राथमिकता है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को करोड़ों रुपये की सहायता राशि और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए 'अटल आवासीय विद्यालयों' के विस्तार और श्रमिकों के स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा को लेकर नई प्रतिबद्धताएं दोहराई गईं। 

झारखंड के इस बालक ने तैराकी के क्षेत्र में स्थापित किया नया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दी बधाई

Jharkhand | Rachi:  झारखंड के सात वर्षीय बालक ने पाल्‍क जलडमरूमध्य को पार करने वाले सबसे कम उम्र के तैराक बनने का रिकॉर्ड बनाया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाले वे दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं। इशांक की इस असाधारण उपलब्धि को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सराहा और बधाई दी।


झारखंड रांची के कक्षा 3 के छात्र 7 वर्षीय नन्हे तैराक इशांक सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोड़ी तक 29 किलोमीटर लंबे पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) को महज 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर पार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाले वे दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं। इशांक ने अपने कोच अमन जायसवाल और बजरंग कुमार के मार्गदर्शन में रांची के धुर्वा डैम में कठिन अभ्यास किया। 

Disclaimer : All rights including copyright belong to the original owner and we do not claim ownership of the content.