Varanasi: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अवलोकन किया और इसके डिजिटल पटल पर पंचांग, मुहूर्त तथा ग्रह-नक्षत्रों की गणना की सराहना की। यह घड़ी उज्जैन की प्राचीन काल गणना पर आधारित है, जिसे 4 अप्रैल को स्थापित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन भारतीय ज्ञान का एक अद्भुत संगम बताया है।
यह घड़ी भारतीय वैदिक काल गणना (सूर्योदय से संचालित) पर आधारित है, न कि पारंपरिक घंटे-मिनट पर। इसमें विक्रमी संवत, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, मुहूर्त, भद्रा और सूर्य की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है।
यह मध्य प्रदेश के उज्जैन की महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा निर्मित है, जिसे सर्वप्रथम उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर इसे देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में लगाया जा रहा है।
