Sunday, April 5, 2026

फारेस्ट गार्ड, जेल प्रहरी के 1679 पदों पर भर्ती का सुनहरा मौका

मप्र कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) की ओर से फारेस्ट गार्ड, फिल्ड गार्ड, जेल प्रहरी और असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट के पदों पर भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। भर्ती प्रक्रिया 1679 पदों पर होगी। इच्छुक उम्मीदवार 30 अप्रैल तक आफिशियल वेबसाइट https://esb.mponline.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया एमपी कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को आनलाइन आवेदन के साथ-साथ निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन शामिल होंगे।


भर्ती प्रक्रिया से जुड़ीं अहम जानकारियां

आवेदन शुल्क

  • आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये।
  • अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 250 रुपये।


शैक्षणिक योग्यता

  • फारेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड- 10वीं पास
  • जेल प्रहरी 12वीं पास
  • असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट - स्नातक (ग्रेजुएशन)

(अलग-अलग पदों के अनुसार योग्यता निर्धारित की गई है।)


ये पद हैं शामिल

  • फारेस्ट गार्ड- 728 पद
  • फील्ड गार्ड-169 पद
  • जेल प्रहरी-757 पद
  • असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट-25 पद

कुलपद- 1679


आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु- 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु-33-38 वर्ष (वर्ग अनुसार) आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार छूट


चयन प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया में कई चरण होंगे

  1. लिखित परीक्षा (सीबीटी)
  2.  फिजिकल टेस्ट (पीईटी) पीएमटी।
  3. डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  4. मेडिकल टेस्ट

(कुछ पदों में शारीरिक दक्षता बेहद महत्वपूर्ण है।)


वेतनमान

  • फारेस्ट गार्ड जेल प्रहरी- 19,500-62,000 हजार
  • असिस्टेंट जेल सुपरिंटेंडेंट- 36,200-1,14,800 हजार

(साथ में डीए, एचआरए और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलेंगे।)


महत्त्वपूर्ण तिथियां

  • आवेदन शुरू- 28 फरवरी 2026
  • अंतिम तिथि- 30 अप्रैल 2026


ऐसे करें आवेदन

आवेदन करने के लिए सबसे पहले https://esb.mponline.gov.in/ की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर विजिट करें। अब वेबसाइट के होमपेज पर क्लिक करके मांगी गई सभी जानकारी को ध्यान से दर्ज कर लें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें। अब मांगी गए सभी जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कापी को अपलोड करें। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।


तैयारी के टिप्स

  • सबसे पहले यह जानें कि परीक्षा में कौन-कौन से विषय आते हैं। लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा दोनों की तैयारी अलग-अलग करनी होगी।
  • पूरा सिलेबस एक साथ न पढ़ें। रोजाना के लक्ष्य तय करें और उसी के अनुसार पढ़ाई के विषय तय करें।
  • गणित और तर्कशक्त्ति (रीजनिंग) के मूल सिद्धांत अच्छे से समझे। बिना बेस मजबूत किए आगे बढ़ना मुश्किल होगा।
  • समसामयिक घटनाओं के साथ रोज अखबार या सामान्य ज्ञान की पत्रिका पढ़ें।
  • विशेष रूप से मप्र से जुड़ी खबरों पर ध्यान दें। परीक्षा का स्तर और प्रकार समझा में आता है। महत्वपूर्ण विषयों की पहचान करना आसान होता है।
  • हर विषय के लिए समय तय करें। अभ्यास करते समयं घड़ी का उपयोग करें।
  • हर सप्ताह कम से कम 1-2 माक टेस्ट दें। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और सुधार करें।
  • महत्वपूर्ण तथ्यों और सूत्रों को लिखकर रखें। अंतिम समय में दोहराने में मदद मिलेगी।
  • रोज पढ़े हुए विषयों को दोहराएं। साप्ताहिक पुनरावृत्ति भी करें।
  • जिस विषय में आप कमज़ोर है। उस पर अधिक समय दें। कठिन विषयों से भार्गे नहीं।
  • पढ़ाई के समय मोबाइल का उपयोग कम करें। सोशल मीडिया से दूरी बनाएं
  • शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दें। इस परीक्षा में शारीरिक परीक्षा भी होती है। रोज दौड लगाना शुरू करें। पुश-अप, सिट-अप और अन्य व्यायाम करें। धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ाए।
  • सही मार्गदर्शन प्राप्त करें। शिक्षकों, कोचिंग या आनलाइन साधनों की मदद लें। सही दिशा में मेहनत करना जरूरी है।
  • रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ना ज्यादा लाभदायक है। लंबे समय तक ब्रेक न ले।
  • अंतिम समय में सही रणनीति अपनाए। परीक्षा के पास केवल दोहराव (रिवीजन) करे। नए विषय शुरू करने से बचें। आत्मविश्वास बनाए रखें।


नोट: आधिकारिक अधिसूचना/नियम पुस्तिका इस लिंक से डाउनलोड (https://esb.mponline.gov.in) करके ही आवेदन करें।

Saturday, April 4, 2026

तमिलनाडु में जन्मी रिनी संपत बनीं वॉशिंगटन डीसी मेयर चुनाव में पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार

भारत के तमिलनाडु (थेनी) में जन्मी रिनी संपत ने वॉशिंगटन डीसी के मेयर चुनाव के लिए मतपत्र (ballot) पर जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। वह इस पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं।


तमिलनाडु में जन्‍मी सुश्री रिनी संपत वॉशिंगटन डीसी के मेयर के पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्‍मीदवार बन गई हैं। वह वॉशिंगटन के राजनीतिक इतिहास में मील का पत्‍थर साबित हुई हैं। भारत के थेनी में जन्‍मी संपत सात वर्ष के उम्र में अमरीका चली गईं थी।


उन्‍होंने कहा कि यह क्षण उनके लिए व्यक्तिगत और व्यापक सामुदायिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि डीसी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली दक्षिण एशियाई नागरिक होना उनके लिए बेहद मायने रखता है।


उनके अभियान ने इस बात की पुष्टि की कि चुनाव में शामिल होने के लिए चार हजार 500 से अधिक लोगों ने उनकी याचिका पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनकी उम्मीदवारी दूसरों को चुनाव लड़ने और अपने पड़ोसियों के लिए अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगी।


अभियान में दी गई जानकारी के अनुसार 31 वर्षीय संपत सरकारी ठेकेदार हैं, जो करीब एक दशक से वॉशिंगटन में रह रही हैं। उन्होंने अपने अभियान को बुनियादी नागरिक सेवाओं और शासन सुधारों पर केंद्रित किया है।


रिनी संपत के बारे में मुख्य जानकारी:

  • मूल स्थान: उनका जन्म तमिलनाडु के थेनी में हुआ था और वह 7 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ अमेरिका चली गई थीं।
  • शिक्षा और करियर: वह दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (USC) की पूर्व छात्र अध्यक्ष (Student Body President) रह चुकी हैं। वर्तमान में 31 वर्षीय रिनी एक सरकारी ठेकेदार के रूप में कार्यरत हैं।
  • चुनाव अभियान: वह डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रही हैं। उनके अभियान का मुख्य विषय 'Fix the Basics' (बुनियादी सुविधाओं को सुधारना) और 'A New DC' (एक नया डीसी) का विजन है।
  • मुद्दे: उनका ध्यान बुनियादी नागरिक सेवाओं में सुधार, सुरक्षा और सरकारी कार्यक्रमों को नागरिकों के लिए अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित है।
  • समर्थन: मतपत्र पर अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए उनके अभियान को 4,500 से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों का समर्थन प्राप्त हुआ। 


रिनी ने अपनी उम्मीदवारी पर कहा कि एक "बाहरी" (outsider) के रूप में वह किसी विशेष हित समूह की ऋणी नहीं हैं और उनका पूरा ध्यान शहर की बुनियादी सेवाओं को ठीक करने पर रहेगा।

राहुल गांधी ने आज इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में यूडीएफ की चुनावी सभाओं को किया संबोधित

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज (4 अप्रैल, 2026) केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में यूडीएफ (UDF) की चुनावी सभाओं को संबोधित किया।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज अलाप्पुझा में कहा कि यूडीएफ केरलम में वास्तविक बदलाव लाने के लिए तैयार है। उन्होंने एलडीएफ और एनडीए दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद सत्ताधारी एलडीएफ अप्रासंगिक हो जाएगा। श्री राहुल गांधी ने आज इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में यूडीएफ की चुनावी सभाओं को भी संबोधित किया। 


सीपीआई-मार्क्‍सवादी के महासचिव एम. ए. बेबी और पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में एलडीएफ के लिए प्रचार किया। श्री बेबी ने कहा कि एलडीएफ ने केरल को कई क्षेत्रों में आगे बढ़ाया है और सीपीआई-एम तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करती बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए दृढ़ता से खड़ी है।


राज्‍य में चुनाव प्रचार मंगलवार को समाप्‍त हो रहा है। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रमुख प्रचारकों सहित कई प्रमुख नेता प्रचार में जी-जान से जुटे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल कोझिकोड, एर्नाकुलम और तिरुअनंतपुरम जिलों में एनडीए के लिए प्रचार करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कल कोल्लम जिले में यूडीएफ के लिए प्रचार में शामिल होंगे।


अपने भाषणों के दौरान उन्होंने सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) और भाजपा के बीच "गुप्त गठबंधन" होने का आरोप लगाया। आज के उनके दौरों की मुख्य बातें रही हैं:-

  • एलडीएफ-भाजपा पर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच एक "छिपी हुई साझेदारी" है, जिसका उद्देश्य यूडीएफ को हराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा मुख्यमंत्री विजयन को निशाना क्यों नहीं बना रही है।
  • अल्पसंख्यकों का मुद्दा: गांधी ने मणिपुर और छत्तीसगढ़ में ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया और दावा किया कि केरल के मुख्यमंत्री उन ताकतों के साथ खड़े हैं जो देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हमले कर रही हैं।
  • स्थानीय मुद्दे और वादे:

  1. मानव-वन्यजीव संघर्ष: उन्होंने इडुक्की में मानव-वन्यजीव संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने का वादा किया।
  2. किसानों की समस्याएं: उन्होंने किसानों के पट्टे (title deeds) से जुड़ी समस्याओं को हल करने की बात कही।
  • यूडीएफ की 5 गारंटियां: उन्होंने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, कॉलेज जाने वाली लड़कियों को 1,000 रुपये मासिक सहायता, 3,000 रुपये सामाजिक पेंशन और परिवारों के लिए 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर देने का वादा दोहराया। 


केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। इसके बाद राहुल गांधी 6 अप्रैल को त्रिशूर जिले में प्रचार करेंगे।

छिंदवाड़ा के दिशा लर्निंग सेंटर से 17 अभ्यर्थियों का सुरक्षा बलों में चयन

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा एवं उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ विनीत कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं बटालियन में संचालित दिशा लर्निंग सेंटर के माध्यम से दी जा रही निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण फिजिकल ट्रेनिंग जिले के युवाओं को निरंतर सफलता की ओर अग्रसर कर रही है। यह पहल न केवल युवाओं के आत्मविश्वास को सशक्त कर रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित कर रही है।


इसी राज्य स्तरीय “दिशा लर्निंग सेंटर” कार्यक्रम के अंतर्गत  छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा युवाओं को दी जा रही निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पुलिस लाइन छिंदवाड़ा में संचालित इस केंद्र के माध्यम से अभ्यर्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सुरक्षा बलों में चयन प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।


इस उपलब्धि के अंतर्गत कुल 17 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 11 अभ्यर्थी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में तथा 6 अभ्यर्थी SSC GD के माध्यम से बीएसएफ, सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ में चयनित हुए हैं। चयनित अभ्यर्थियों में श्री लोकेश सरियाम, श्री ऋतिक सोनी, श्री सत्येंद्र बालवंशी, श्री अंकित धुर्वे, सुश्री कामिनी परतेती एवं सुश्री साधना पहाड़े ने SSC GD के तहत विभिन्न अर्धसैनिक बलों में सफलता प्राप्त की है, जबकि श्री मनोज वानखेड़े, श्री दिलीप साहू, श्री अभिषेक सोलंकी, श्री अभिषेक सूर्यवंशी, श्री कुलदीप कुमार, श्री राहुल रघुवंशी, श्री कैलाश वनेश्वर, श्री रंजीत साहू, श्री राम घोटे, श्री निकेत साहू एवं सुश्री भावना फकारे का चयन RPF कॉन्स्टेबल के रूप में हुआ है। यह सफलता छिंदवाड़ा पुलिस के सतत प्रयासों, समर्पण एवं प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम है।


छिंदवाड़ा श्री अजय पांडे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक श्री आशीष तिवारी एवं आरक्षक श्री विजय इनवाती द्वारा अपने नियमित दायित्वों के साथ-साथ विशेष मेहनत एवं प्रतिबद्धता के साथ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे यह उपलब्धि संभव हो सकी। 


उल्लेखनीय है कि “दिशा लर्निंग सेंटर”  केवल फिजिकल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस परिवार के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक समग्र मंच प्रदान करता है। इस केंद्र में  SSC, व्यापम एवं पुलिस भर्ती से संबंधित 500 से अधिक पुस्तकें, पत्रिकाएं एवं समाचार पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क वाई-फाई, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है, जिससे वे ऑनलाइन अध्ययन एवं शोध कार्य कर सकें। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर करियर काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाता है।

जनजातीय क्षेत्रों में होम-स्टे बने आय का साधन, घर बैठे अच्छी कमाई कर रहे हैं होम-स्टे संचालक

मध्यप्रदेश की ग्रामीण संस्कृति के इन्द्रधनुषी रंगों को करीब से देखना और ज्यादा आनंददायी और रोमांचक हो गया है। बड़ी संख्या में बन रहे होम-स्टे में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में हाई-वे और प्राकृतिक स्थानों के आस-पास के तथा जनजातीय क्षेत्रों में अब बड़ी संख्या में होम-स्टे नजर आ जाते हैं।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्रामीण उदयमिता को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण पर्यटन की असीम संभावनाओं का दोहन करने की नीति बनाई है। पिछले दो सालों में इससे ग्रामीण अंचलों में रोजगार के बड़े अवसर निर्मित हुए हैं। होम-स्टे से देशी-विदेशी पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति के दर्शन अब सहजता से सुलभ हो गया है।


प्रदेश में 98 चुने गांवों में 346 होम-स्टे ग्रामीणों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 642 होम-स्टे निर्माणाधीन हैं, जो जल्दी ही पर्यटकों के आतिथ्य के लिए तैयार हो जायेंगे। अब तक लगभग 34 हजार देशी-विदेशी पर्यटकों ने होम-स्टे कर ग्रामीण जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। सुखद आवास सुविधा, परम्परागत व्यंजनों का स्वाद, स्थानीय लोक-कला, नृत्य-संगीत, हस्त-कला, हस्त-शिल्प से होम-स्टे संचालक परिवारों को ₹6.76 करोड़ की आय प्राप्त हुई। उन्हें आय का एक गरिमापूर्ण साधन मिल गया। पर्यटकों को खुशियां देने के साथ उनके परिवारों में भी खुशियां आ गईं।


होम-स्टे योजना

पर्यटन विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा संचालित ग्रामीण पर्यटन कार्यक्रम एक बहुआयामी योजना है। इसका उददेश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाना, गांवों में ही रोजगार के अवसरों का निर्माण करना और ग्रामीण संस्कृति बचाये रखना है। प्रदेश के सांस्कृतिक क्षेत्रों बुन्देलखण्ड, बघेलखण्ड, निमाड़, मालवा, महाकौशल एवं चम्बल की ग्रामीण सांस्कृतिक विरासतों का दर्शन करा रही है। होम-स्टे गांवों में रची-बसी संस्कृति, ग्रामीण आवास विन्यास, परम्परागत व्यंजन, नृत्य संगीत, लोक-कला, हस्त-शिल्प से पर्यटकों को सुखद अनुभव प्रदान करते हैं।


पर्यटन स्थलों से लगे ग्रामों के साथ ही प्राकृतिक, नैसर्गिक सुन्दरता से परिपूर्ण एवं जनजातीय सांस्कृतिक पहचान वाले गावों का चयन कर उन्हें गामीण पर्यटन से जोड़ा गया है। होम-स्टे शहरी पर्यटकों को कम बजट में गांव के शांत और सुरम्य वातावरण में सुखद स्मृतियों से सराबोर करने का काम कर रहे हैं।


मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा होम-स्टे एवं पर्यटन ग्रामों के समेकित विकास एवं विस्तार की दिशा में समय-समय पर हॉस्पिटैलिटी, साफ-सफाई एवं कौशल विकास के तकनीकी प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीणों के कौशल उन्नयन में सहयोग दिया जा रहा है। होम-स्टे के प्रचार-प्रसार में डिजिटल एवं आईटी, सोशल मीडिया के उपयोग की दिशा में भी समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाकर क्षमतावर्धन एवं सामुदायिक संगठन में नेतृत्व विकास का कार्य किया गया है। इसका परिणाम है कि पर्यटन ग्रामों के होम-स्टे को ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से बुकिंग मिल रही है।


सीहोर का ग्राम खारी बना मॉडल पर्यटन ग्राम

भोपाल से लगे सीहोर जिले का ग्राम खारी ने मॉडल पर्यटन ग्राम के रूप में अपनी पहचान बनाई है। यहां लगभग 209 राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सरकारी एवं गैर-सरकारी प्रतिनिधियों द्वारा समुदाय आधारित ग्रामीण अर्थव्यव्या में पर्यटन ग्रामों के योगदान का अध्ययन किया गया है।


बैतूल जिले के घोड़ा डोंगरी तहसील के "बाचा'' गांव में गणेश उइके एक-डेढ़ साल से ताप्ती विहार होम-स्टे चला रहे हैं। उन्हें ₹2 लाख रूपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। होम-स्टे चलाने का उन्हें अच्छा अनुभव हो गया है। देखते ही देखते "बाचा'' गांव में 8 होम-स्टे खुल गये हैं। सभी में स्थानीय पर्यटकों के अलावा विदेशी पर्यटक भी आने लगे हैं। ग्रामीण संस्कृति के दर्शन करते हुए आराम से रहना और देशी खाना पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होता है। ज्वार-बाजरे की रोटियां, टमाटर की चटनी, भटे का भरता, देशी सब्जियों के व्यंजन, कोदो-कुटकी की खीर जैसा ग्रामीण खाना, भजन व नृत्य मंडलियों के साथ सहभागिता करना, गायों को चारा खिलाना, दूध दुहना, कुएं से पानी भरना, बैलगाड़ी हांकना जैसी ग्रामीण गतिविधियां पर्यटकों को बहुत लुभाती हैं और हमेशा के लिए सुखदायी स्मृतियां बन जाती हैं।


"बाचा'' के श्री गणेश उइके बताते हैं कि अब तक 500 से ज्यादा परिवार होम-स्टे के लिये आ चुके हैं। इनमें 5 दुबई से आये विदेशी मेहमान भी थे। "बाचा'' की आदर्श पर्यटक समिति के अध्यक्ष श्री अनिल धुर्वे ने बताया कि "बाचा'' गांव नागपुर हाइ-वे से लगा है। यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। हम चाहते हैं कि हमारा स्वागत सत्कार का व्यवसाय और आगे बढ़े।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच की तारीफ करते हुए श्री धुर्वे बताते हैं कि इससे हमारी रोजगार की समस्या हल हो रही है। आदर्श पर्यटक समिति के अन्य सदस्यों के भी अपने होम-स्टे हैं। जैसे श्री रामदास उइके शिवगंगा होम-स्टे, श्री अंकित का गुलमोहन होम-स्टे, श्री राजेश कुमरे का जयसेवा होम-स्टे, श्री सुधीर ठाकरे का सतपुड़ा होम-स्टे और सुश्री मीनाक्षी धुर्वे का आशीर्वाद होम-स्टे है। सभी में पर्यटकों का आगमन हो रहा है। एक ही गांव में इतने सारे होम-स्टे शायद "बाचा'' में ही हैं। भोपाल से नागपुर हाइ-वे पर होने से यहां पहुंचना आसान है। ऐतिहासिक देवगढ़ का किला है। यहां श्री कैलाश सरके 2023 होम-स्टे चला रहे हैं। अब तक करीब 100 परिवार आ चुके हैं। इनमें फ्रांस के पर्यटक भी शामिल हैं। होटल और बाचा बैतूल बस स्टेंड और रेल्वे स्टेशन से 25 किमी, और भोपाल से 165 किमी है। इसी प्रकार छिंदवाड़ा में नागपुर रोड में उमरानाला से 25 दूर गोंड राजाओं का होम-स्टे का फर्क समझाते हुए श्री कैलाश बताते हैं कि एकमात्र फर्क है वातावरण का। होटल की सुविधाओं का हम मुकाबला नहीं कर सकते लेकिन देशी खाना, व्यंजन, गांव का शांत माहौल, सूर्यादय, सूर्यास्त दर्शन, पक्षियों का कलरव होम-स्टे में मन को खुश करने वाला होती हैं। ऐसी योजना बनाने के लिए हम मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद देते हैं। घर बैठे आमदनी का जरिया मिल गया है। होम-स्टे चलाने के लिए हम और भी काम करते हैं। अच्छी बागवानी कर रहे हैं, जिससे ताजा सब्जी मिलती रहे। खेतों को संवार रहे हैं। गांव को स्वच्छ रखने में कोई कसर नहीं छोड़ते। उन्होंने बताया कि हाल में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह जिले के दौरे पर थे और यहां हमारे गाँवों में भी आये थे। होम-स्टे पर रूके और इसके संचालन और प्रबंधन संबंधी जानकारी ली। उन्होने चाय पी और देवगढ़ का किला देखा। होम-स्टे चलाने की बधाई दी और किसी प्रकार की परेशानी होने पर बेझिझक बताने को भी कहा।


छिन्दवाड़ा जिले में ही तामिया में मनोहारी पातालकोट के पास चिमटीपुर में श्री रूपलाल पंदाराम आंवला होम-स्टे चला रहे हैं। उनके 2 भाई भी दूधीमाता और बाबामड होम-स्टे चला रहे हैं। श्री पंदाराम बताते हैं कि 2 साल पहले वर्ष 2024 से अब तक 100 से ज्यादा पर्यटक यहां आ चुके हैं। इनमें से कुछ पर्यटक कनाडा से भी आये थे। होम-स्टे के पास पातालकोट में बहने वाली दूधी नदी का उदगम और यहां मिलने वाली दुर्लभ जड़ी बूटियों के दर्शन रोमांचकारी अनुभव देते हैं। अब तक करीब ₹3 लाख तक की शुद्ध आय हो चुकी है। इसके अतिरिक्त स्थानीय जनजातीय नर्तक दलों के कलाकारों की भी कमाई हो जाती है। वे गैंडी और सैताम नृत्य करते हैं। खाने में महुआ खीर, महुआ लडडू, कोदो खीर और मक्का और स्थानीय सब्जियां पसंद करते हैं। पर्यटकों की बुकिंग "मेक माय ट्रिप'' के माध्यम से हो जाती है।


इसी प्रकार खरगौन के कसरावद के नावड़ा टौड़ी गांव में नर्मदा तट से लगे कीर्ति केवट होम-स्टे की विशेषता है कि यहां से नर्मदा मैया के दर्शन हो जाते हैं। होम-स्टे की संचालक श्रीमती चंदा बाई केवट बताती हैं कि हर महीने 15 से 20 बुकिंग हो जाती है। अब तक 150 पर्यटक आ चुके हैं जबकि अभी शुरूआत की है। करीब ₹2.50 लाख तक शुद्ध आय हो चुकी है।


होमस्टे पंजीकरण – प्रक्रिया, दस्तावेज़, शुल्क

होम-स्टे (Homestay) योजना भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदायों को रोजगार देना और पर्यटकों को सस्ती व पारिवारिक आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत मकान मालिक अपने घर के अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों को किराए पर दे सकते हैं, जिससे उन्हें आय का एक अतिरिक्त स्रोत मिलता है।


प्रमुख सरकारी पहल और श्रेणियां

पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार अपनी 'इन्क्रेडिबल इंडिया होम-स्टे' योजना के तहत आवास इकाइयों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत करता है:

  • सिल्वर (Silver): बुनियादी सुविधाओं वाली मानक श्रेणी।
  • गोल्ड (Gold): उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं और बेहतर सेवाओं वाली श्रेणी। 


राज्यों की प्रमुख योजनाएं

विभिन्न राज्यों ने अपनी भौगोलिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं के आधार पर विशिष्ट योजनाएं शुरू की हैं:

  • उत्तराखंड: यहाँ दीनदयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना काफी लोकप्रिय है। इस योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में नए होम-स्टे बनाने या पुराने घरों के नवीनीकरण के लिए 50% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹15 लाख) और ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाता है। अधिक जानकारी के लिए यहां जाएं-https://homestay.uttarakhandtourism.gov.in/homestay-policy
  • मध्य प्रदेश: "द रियल इंडिया होम स्टे" योजना के माध्यम से पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। यहाँ मकान मालिकों को पंजीकरण के बाद आतिथ्य सत्कार के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अधिक जानकारी के लिए यहां जाएं- www.mptourism.com
  • हिमाचल प्रदेश: राज्य सरकार ने पंजीकरण के लिए नई वेबसाइट homestay.hp.gov.in लॉन्च की है ताकि प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जा सके।
  • उत्तर प्रदेश: हाल ही में 'गंगा ग्रामीण होमस्टे योजना' शुरू की गई है, जो गंगा के किनारे बसे गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देती है। यूपी पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट up-tourismportal.in पर ऑनलाइन आवेदन करें।


योजना के मुख्य लाभ

  • आर्थिक लाभ: मकान मालिकों को अपने खाली कमरों से नियमित आय होती है।
  • सब्सिडी और ऋण: कई राज्यों में निर्माण और नवीनीकरण के लिए वित्तीय सहायता और मुद्रा लोन (Mudra Loans) की सुविधा दी जाती है।
  • करों में छूट: कुछ राज्यों (जैसे दिल्ली और गोवा) में होम-स्टे को आवासीय श्रेणी में रखा जाता है, जिससे बिजली, पानी और संपत्ति कर व्यावसायिक दरों के बजाय घरेलू दरों पर देना होता है।
  • सांस्कृतिक विनिमय: यह योजना पर्यटकों को स्थानीय भोजन, परंपराओं और जीवनशैली का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का मौका देती है।


पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज (सामान्य सूची)

पंजीकरण प्रक्रिया अब अधिकांश राज्यों में NIDHI+ पोर्टल या संबंधित राज्य पर्यटन की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन होती है। सामान्य तौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  • आधार कार्ड / पैन कार्ड।
  • घर/भूमि के स्वामित्व के कागजात (खतौनी/रजिस्ट्री)।
  • घर के कमरों, रसोई और शौचालय की तस्वीरें।
  • चरित्र प्रमाण पत्र।
  • अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) या अग्निशामक यंत्र का बिल।

Friday, April 3, 2026

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किए श्री बालाजी श्‍याम सरकार मंदिर में हनुमान जी, श्री खाटू श्‍याम जी के दर्शन

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को उज्‍जैन प्रवास के दौरान श्री बालाजी श्‍याम सरकार मंदिर में सम्मान किया गया। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। बालाजी श्याम सरकार मंदिर में महंत श्री मनीष पारिख ने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम से सम्‍मान किया।


प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान हनुमान जी, श्री खाटू श्‍याम जी और देवी दुर्गा मां के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश और देश के नागरिकों के कल्याण की कामना की।


उज्जैन के श्री बालाजी श्याम सरकार मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जो अपनी आध्यात्मिक जीवंतता और भव्य आयोजनों के लिए जाना जाता है। यह मंदिर उज्जैन के जवाहर नगर क्षेत्र में स्थित है।


मुख्य विवरण:

  • महत्व: यह मंदिर विशेष रूप से भगवान बालाजी (हनुमान जी) और बाबा श्याम (खाटू श्याम) की भक्ति के लिए समर्पित है। यहाँ नियमित रूप से संकीर्तन और भजन संध्याओं का आयोजन किया जाता है।
  • प्रमुख आयोजन: यहाँ श्री श्याम वार्षिक फाल्गुन महोत्सव जैसे बड़े उत्सव धूमधाम से मनाए जाते हैं, जिसमें भारी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।
  • विशेषता: मंदिर में मासिक संकीर्तन और विशेष तिथियों पर दिव्य आरती का आयोजन होता है, जिससे यह स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र बना हुआ है।

राज्यस्तरीय खेलवृत्ति के लिए करें आवेदन: स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक के खिलाड़ियों को मिलेगी छात्रवृत्ति

संचालनालय खेल और युवा कल्याण, मध्य प्रदेश द्वारा 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों से वर्ष 2026 के लिए छात्रवृत्ति हेतु आवेदन आमंत्रित हैं।


प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण, संचालनालय  द्वारा वर्ष 2025 की राज्य स्तरीय खेलवृत्ति के लिए जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह खेलवृत्ति उन खिलाड़ियों को प्रदान की जाएगी, जिन्होंने 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के मध्य आयोजित अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित किए हैं।


निर्धारित प्रावधानों के अनुसार स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 10 हजार रुपए रजत पदक विजेताओं को 8 हजार रुपए तथा कांस्य पदक विजेताओं को 6 हजार रुपए की खेलवृत्ति राशि प्रदान की जाएगी।


जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पात्रता धारी इच्छुक खिलाड़ी अपने आवेदन पत्र 31 मई 2026 तक कार्यालय जिला खेल परिसर  में जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र एवं संबंधित दिशा-निर्देश कार्यदिवसों में कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।


उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर किसी भी प्रकार से विचार नहीं किया जाएगा, अतः पात्र खिलाड़ी समय सीमा का विशेष ध्यान रखें।


विशेष प्रावधान:

  • यह राशि मान्यता प्राप्त राज्य खेल संघों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के लिए है।
  • जिन खिलाड़ियों को पूर्व में दो बार यह खेलवृत्ति मिल चुकी है, वे पात्र नहीं हैं।


खेलवृत्ति से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं नियमावली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण मध्यप्रदेश पर भी उपलब्ध हैं।


प्रमुख विवरण:

  • अंतिम तिथि: 31 मई 2026
  • पात्रता: 19 वर्ष से कम आयु (1 अप्रैल 2026 तक)।
  • आवेदन स्थल: जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय।
  • दस्तावेज़: मूल निवास, पदक प्रमाण पत्र (सत्यापित), 10वीं/जन्म प्रमाण पत्र, आधार, बैंक पासबुक।
  • वेबसाइट: dsywmp.gov.in पर अधिक जानकारी उपलब्ध है।

विद्यार्थियों को उचित मूल्य पर पुस्तकें, स्टेशनरी एवं यूनिफार्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड स्तरीय पुस्तक मेलों का आयोजन

विकासखंड स्तरीय पुस्तक मेला (Block Level Book Fair) मुख्य रूप से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में शिक्षा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाने वाला एक स्थानीय कार्यक्रम है। मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में शासन के निर्देशानुसार, इन मेलों का प्राथमिक उद्देश्य शासकीय और निजी दोनों स्कूलों के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक निगम की प्रामाणिक पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सामग्री रियायती दरों पर सुलभ कराना है।


विद्यार्थियों को उचित मूल्य पर पुस्तकें, स्टेशनरी एवं यूनिफार्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी विकासखंडों में  विकासखंड स्तरीय पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाएगा।


प्रमुख विशेषताएं और उद्देश्य

  • सुलभता: विकासखंड (ब्लॉक) स्तर पर आयोजन होने से दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों और अभिभावकों को जिला मुख्यालय जाए बिना पुस्तकें उपलब्ध हो जाती हैं।
  • पारदर्शिता: इन मेलों का आयोजन पुस्तक विक्रय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों के बोझ से राहत देने के लिए किया जाता है।
  • शैक्षणिक सामग्री: पुस्तकों के साथ-साथ कॉपियां, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और अन्य स्टेशनरी भी अक्सर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है।
  • सांस्कृतिक प्रोत्साहन: यह विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति विकसित करने और उन्हें ज्ञान के नए स्रोतों से जोड़ने का एक माध्यम है।


हालिया आयोजन (अप्रैल 2026)

वर्तमान समय में मध्य प्रदेश के विभिन्न विकासखंडों और जिलों में ये मेले आयोजित किए जा रहे हैं:

  • आमला (बैतूल): शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 31 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय मेला आयोजित किया गया।
  • छिंदवाड़ा: यहाँ 4 से 6 अप्रैल 2026 तक जिला स्तरीय पुस्तक मेला प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य पुस्तक विक्रय में पारदर्शिता लाना है।
  • मंदसौर: संजय गांधी उद्यान में पाँच दिवसीय मेला (1 अप्रैल 2026 से शुरू) आयोजित किया गया है, जहाँ प्रतिदिन दोपहर 12 से रात 8 बजे तक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध है।
  • नर्मदापुरम: यहाँ भी 2 अप्रैल से 4 अप्रैल 2026 तक हाल ही में छात्रों को राहत देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय मेले की शुरुआत हुई है।नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न विकासखंडों में ये मेले स्थानीय शासकीय स्कूलों के परिसरों में आयोजित किए जा रहे हैं। नर्मदापुरम (मुख्यालय): शासकीय एस.एन.जी. (SNG) स्कूल, सिवनी मालवा: स्थानीय शासकीय स्कूल परिसर, इटारसी, पिपरिया, सोहागपुर और बनखेड़ी: इन तहसीलों में भी क्रमिक रूप से मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
  • सीहोर के एमएलबी स्कूल, आष्टा के शासकीय संदीपनी स्कूल, इछावर के शासकीय संदीपनी स्कूल, बुधनी के शासकीय संदीपनी स्कूल और भैरूंदा के शासकीय संदीपनी स्कूल में 06 से 09 अप्रैल तक प्रात: 10 बजे से शाम 06 बजे पुस्तक मेले आयोजित किए जाएंगे।

भारतीय सेना में अग्निवीर पदों की भर्ती हेतु 10 अप्रैल तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

सेना भर्ती कार्यालय भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार भारतीय सेना में अग्निवीर पदों पर भर्ती हेतु अधिसूचना को जारी की गई है। यह अधिसूचना भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in  पर उपलब्ध है।


सेना में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 01 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समयावधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार अग्निवीर पुरुष (जनरल ड्यूटी, तकनीकी, लिपिक/स्टोरकीपर, ट्रेडमैन दसवीं पास, ट्रेडमैन आठवीं पास), अग्निवीर महिला (सेना पुलिस) तथा स्थायी कैडर के अंतर्गत नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट एवं सिपाही फार्मा के पदों पर भर्ती की जाएगी।


यह भर्ती प्रक्रिया मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पांढुर्ना, रायसेन, राजगढ़, सीहोर एवं विदिशा सहित संबंधित क्षेत्रों के स्थायी निवासियों के लिए आयोजित की जा रही है। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तथा केवल योग्यता के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार के दलाल या असामाजिक तत्वों के बहकावे में न आने की सलाह दी गई है।


जून में होगी कॉमन एंट्रेंस परीक्षा

भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम 01 जून से 15 जून 2026 के मध्य आयोजित किए जाने की संभावना है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश एवं पात्रता शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें।


अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए आयु सीमा एवं शैक्षिक योग्यता

अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को भारतीय सेना द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है। अग्निवीर भर्ती 2026 में केवल वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं जो आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित सभी शर्तों को पूरा करते हैं। पात्रता मानदंडों को पूरा न करने की स्थिति में उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अग्निवीर वैकेंसी 2026 के अंतर्गत भारतीय सेना अग्निवीर परीक्षा 2026 की विस्तृत पात्रता आयु सीमा 17.5 वर्ष से 21 वर्ष, शैक्षणिक योग्यता में उम्मीदवार का 10वीं/मैट्रिक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, न्यूनतम 45 प्रतिशत कुल अंक तथा प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक होना चाहिए। आवेदन भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसी प्रकार पुरुष एवं महिला (पद के अनुसार) इंडियन आर्मी  अग्निवीर रिक्रूटमेंट के तहत चयनित उम्मीदवारों को भारतीय सेना में आकर्षक वेतन पैकेज और भत्ते प्रदान किए जाएंगे।


अग्निवीर भर्ती 2026 के अंतर्गत शुरुआती वेतन लगभग 30,000 रूपए प्रति माह होगा, जिसमें समय-समय पर वार्षिक वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा अग्निवीरों को जोखिम भत्ता, कठिनाई भत्ता सहित अन्य लागू भत्ते भी मिलेंगे। चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने पर एक अग्निवीर को कुल वेतन पैकेज लगभग 6.92 लाख रूपए प्राप्त होगा। साथ ही सेवा समाप्ति पर अग्नि वीर वैकेंसी 2026 के अंतर्गत चयनित उम्मीदवारों को ब्याज सहित लगभग 11.71 लाख रूपए की सेवा निधि राशि दी जाएगी। भारतीय सेना अग्निवीर 2026 के वर्षवार वेतन कार्यकाल अवधि प्रति माह वेतन प्रथम वर्ष रूपए 30,000 + लागू भत्ते द्वितीय वर्ष रूपए 33,000 + लागू भत्ते, तृतीय वर्ष रूपए 36,500 + लागू भत्ते एवं चतुर्थ वर्ष रूपए 40,000 + लागू भत्ते प्राप्त होते हैं।


सेना भर्ती कार्यालय ने यह भी बताया है कि अधिसूचना से संबंधित किसी भी प्रकार के बदलाव की सूचना पंजीकृत ई-मेल, मोबाइल नंबर एवं आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी, इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट पर अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है।

Thursday, April 2, 2026

प्रार्थना भोई का राष्ट्रीय सेलिंग कैंप में चयन, देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण का मिला मौका

जिला खेल परिसर, स्टेडियम विदिशा की प्रतिभावान खिलाड़ी कु. प्रार्थना भोई ने वाटर स्पोर्ट्स (सेलिंग) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने 18 से 21 मार्च 2026 तक गोवा में आयोजित सेलिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विदिशा की प्रार्थना भोई एक उभरती हुई भारतीय एथलीट हैं, जिन्होंने सेलिंग (Sailing) के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।


जिला खेल अधिकारी श्री प्रदीप सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थना भोई वर्तमान में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी भोपाल में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन आगामी 3 अप्रैल 2026 से गोवा में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सेलिंग टीम के प्रशिक्षण कैंप के लिए किया गया है।


राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए प्रार्थना भोई गोवा के लिए रवाना हो रही हैं, जहां वे देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर जिला खेल परिसर, विदिशा के समस्त प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


प्रार्थना भोई के बारे में कुछ मुख्य जानकारियां 

  • दोहरा कौशल: प्रार्थना मूल रूप से कुश्ती की खिलाड़ी थीं, लेकिन लगभग एक साल पहले उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य सेलिंग अकादमी (भोपाल) जॉइन की और सेलिंग की दुनिया में कदम रखा।
  • स्वर्ण पदक विजेता: उन्होंने चेन्नई में आयोजित ऑल इंडिया विंड सर्फिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर इतिहास रचा है।
  • राष्ट्रीय चयन: हाल ही में फरवरी 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उनका चयन राष्ट्रीय सेलिंग कैंप के लिए भी हुआ है।
  • उपलब्धि: अपनी मेहनत और छोटी उम्र में ही उन्होंने सेलिंग जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में राष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना कार्यक्रम में सम्मिलित होने 18 अप्रैल तक जमा कर सकते हैं आवेदन

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (आदिवासी समुदाय के लिए) के तहत वर्ष 2026-27 में जिला स्तरीय कार्यक्रम गोंड गुरूआ बाबा (तारानगर) न्यास ग्राम पंचायत धामधूसर तहसील गौहरगंज में 23 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त तिथि निर्धारित की गई है। 


जिला पंचायत सीईओ श्री कमल सोलंकी द्वारा सामूहिक विवाह आयोजन हेतु आयोजक जनपद पंचायत सीईओ औबेदुल्लागंज और नोडल अधिकारी श्री मनोज बॉथम उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग को बनाया गया है। सामूहिक विवाह में सम्मिलित होने वाले वर-वधु द्वारा आवेदन फार्म शासन द्वारा निर्धारित पात्रता मापदण्ड शर्तो के अधीन 02 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक जनपद पंचायत कार्यालय औबेदुल्लागंज में जमा किए जा सकते हैं।


निर्धारित तिथि उपरांत प्राप्त आवेदन मान्य योग्य नहीं होंगे। सामूहिक विवाह हेतु प्राप्त आवेदनों की संख्या शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम संख्या 200 से अधिक होने की स्थिति में पहले आओ पहले पाओ के माध्यम से जोड़ो का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया उपरांत सामूहिक विवाह में सम्मिलित होने वाले वैवाहिक जोड़ों की सूची का प्रकाशन 20 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा।  


आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बीपीएल राशन कार्ड, कन्या का बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो।


आवेदन प्रक्रिया: आप आधिकारिक वेबसाइट (राज्य अनुसार) के माध्यम से ऑनलाइन या संबंधित विकासखंड कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Monday, March 30, 2026

इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने ‘लीफ’ लॉन्च

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को ‘लीफ’ यानी ‘लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलेरेशन फोरम (एलईएएफ)’ लॉन्च किया, जो एक इंडस्ट्री-नेतृत्व वाला मंच है। 


यह फोरम एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म

यह फोरम एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया है, जहां लाइट इलेक्ट्रिक वाहन (एलईवी) सेक्टर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स, जैसे वाहन निर्माता (ओईएम), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी प्रदाता, एक साथ काम कर सकें।


देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को अपनाने में लाएगा तेजी 

यह फोरम सरकार, रेगुलेटरी संस्थाओं और इंडस्ट्री संगठनों के साथ मिलकर ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देगा और देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को अपनाने में तेजी लाएगा।


यह पहल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को करेगी तेज 

मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह पहल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को तेज करेगी और बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, भरोसेमंद सिस्टम और विस्तृत चार्जिंग नेटवर्क के जरिए ईवी इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगी।


यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप

उन्होंने कहा कि यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप है और इससे सतत (सस्टेनेबल) मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी। कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी ईवी इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर सहयोग बेहद जरूरी है।


इस पहल का मकसद 

इस पहल का मकसद चार्जिंग नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बनाना, सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाना और यूजर्स को एक समान अनुभव देना है, साथ ही सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार करना भी है।


यह सिस्टम यूनिफाइड कनेक्टर के जरिए स्लो और फास्ट दोनों तरह की चार्जिंग को करेगा सपोर्ट 

इसके तहत ‘लाइट इलेक्ट्रिक कंबाइंड चार्जिंग सिस्टम (एलईसीसीएस)’ जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने मंजूरी दी है। यह सिस्टम एक यूनिफाइड कनेक्टर के जरिए स्लो और फास्ट दोनों तरह की चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।


ईवी सेक्टर की 20 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ चुका है यह फोरम

यह फोरम अब तक ईवी सेक्टर की 20 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ चुका है, जिनमें वाहन निर्माता, चार्जिंग ऑपरेटर, सप्लायर्स और सॉफ्टवेयर कंपनियां शामिल हैं। आने वाले समय में इसमें और संगठनों के जुड़ने की उम्मीद है।


इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि देश में ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है, ऐसे में चार्जिंग नेटवर्क की असमानता और यूजर अनुभव में अंतर जैसी चुनौतियों को दूर करना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी और मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ही देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

भारत की शीतल देवी को चुना गया ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’

भारत की शीतल देवी को विश्‍व तीरंदाजी ने वर्ष 2025 का सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना है। जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय शीतल देवी पिछले साल दक्षिण कोरिया के ग्वांगझू में आयोजित विश्‍व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली और एकमात्र बिना बाजू वाली तीरंदाज बनीं।


शीतल देवी को वर्ल्ड आर्चरी ने ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’ चुना है, जिसके बाद भारतीय तीरंदाज ने दिल से आभार जताया है। वैश्विक शासी निकाय ने पिछले एक साल में इस खेल में उनके बेहतरीन प्रदर्शन और योगदान के लिए शीतल देवी को इस खिताब से सम्मानित किया है।


शीतल देवी का यह पुरस्कार एक ऐतिहासिक सीजन की शानदार परिणति है, जिसमें उन्होंने ग्वांगजू में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा चैंपियनशिप में अपना पहला विश्व खिताब जीता था। वह बिना हाथों के पैरा आर्चरी विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनी, उन्होंने कंपाउंड महिला व्यक्तिगत फाइनल में पैरालंपिक चैंपियन ओज्नुर क्यूर गिर्दी को हराया। इसके अलावा, उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और मिश्रित टीम प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।


शीतल देवी साल 2025 में ‘बीबीसी इमर्जिंग एथलीट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनीं। यह सम्मान उन्हें पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में राकेश कुमार के साथ मिश्रित टीम में कांस्य पदक जीतने के बाद मिला। देवी को 2023 में ‘वर्ल्ड आर्चरी पैरा वुमन ऑफ द ईयर’ और एशियाई पैरालंपिक समिति की सर्वश्रेष्ठ युवा एथलीट के रूप में भी मान्यता मिली है। साल 2024 में उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।


अपने करियर में एक और माइलस्टोन जोड़ते हुए, शीतल देवी ने दिसंबर में इतिहास रच दिया। उन्हें जेद्दा में होने वाले एशिया कप के लिए भारत की ‘एबल-बॉडीड’ (शारीरिक रूप से सक्षम) कंपाउंड आर्चरी टीम में चुना गया, जो उनके असाधारण कौशल और बहुमुखी प्रतिभा को और भी अधिक रेखांकित करता है।


शीतल देवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाजों के साथ नामित होना और अब वर्ल्ड आर्चरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना जाना, यह एहसास बहुत ही खास है। मेरा दिल आभार, भावनाओं और इस सफर में मिली हर चीज से भरा हुआ है। धन्यवाद।”


फोकोमेलिया (जन्मजात शारीरिक विकार) के साथ जन्मी देवी बिना हाथों के एक अनोखी तकनीक का इस्तेमाल करके प्रतिस्पर्धा करती हैं। यह तरीका अपनी मौलिकता और सटीकता के कारण दुनिया भर का ध्यान खींच चुका है।


उनके पदकों की झोली में कई बड़े टूर्नामेंट्स शामिल हैं, जिनमें एशियन चैंपियनशिप, एशियन पैरा गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरालंपिक गेम्स शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके बढ़ते कद को उजागर करते हैं।

Sunday, March 29, 2026

नई सीड प्रोसेसिंग यूनिट और किसानों के प्रशिक्षण पर दें विशेष ध्यान: मंत्री श्री सारंग

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने राज्य सहकारी बीज एवं विपणन संघ मर्यादित, भोपाल (बीज संघ) के संचालक मंडल की बैठक में बीज उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसानों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बीज संघ द्वारा मक्का, नॉन-जीएम कपास एवं सब्जियों के हाइब्रिड बीजों का उत्पादन एवं विपणन किया जाएगा। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज बाजार मूल्य की तुलना में लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इससे किसानों की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।


मंत्री श्री सारंग ने बीज संघ के ‘चीता बीज’ को विश्व स्तरीय ब्रांड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा सोशल मीडिया, कृषि मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।


बैठक में बताया गया कि बीज प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई सीड प्रोसेसिंग यूनिट एवं कलर सॉर्टेक्स मशीनें स्थापित की जाएंगी। प्रथम चरण में यह कार्य गुना एवं खरगोन में प्रारंभ किया जाएगा, जिसे पैक्स एवं सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तारित किया जाएगा।


 मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि किसानों को बीज उत्पादन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। जिन किसानों ने बीज उत्पादन में अच्छा कार्य किया है, उनके माध्यम से अन्य किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए तथा प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बीज उत्पादन योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि बीज संघ आगामी समय में बीज उत्पादन, ब्रांडिंग, प्रसंस्करण एवं विपणन को मजबूत करते हुए किसानों को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ कार्य करे।


 बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक संस्थाएं श्रीमती शीला दाहिमा, राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री अभिजीत अग्रवाल, बीज निगम के प्रबंध संचालक श्री महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

साँची विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर यज्नेश्वर एस. शास्त्री दर्शन रत्न से सम्मानित

साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रख्यात विद्वान आचार्य प्रोफेसर यज्नेश्वर एस. शास्त्री को प्रतिष्ठित 'दर्शन रत्न' सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ सोशल फिलॉसफी (ICSP) द्वारा दर्शन शास्त्र के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। मेघालय की नार्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी (NEHU), शिलॉन्ग में 25 मार्च को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रोफेसर शास्त्री को इस उपाधि से विभूषित किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश के दार्शनिकों और विद्वानों ने उनके द्वारा दर्शन जगत में किए गए कार्यों की सराहना की।


दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान

प्रोफेसर शास्त्री वर्तमान में साँची विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में मार्गदर्शन देने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं:

  • शंकर साहित्य का सरलीकरण: वे आदि गुरु शंकराचार्य के गूढ़ साहित्य को जन-सामान्य के लिए सरल और सुबोध भाषा में तैयार करने के मिशन पर काम कर रहे हैं।
  • शोध को प्रोत्साहन: 'शंकर न्यास' के माध्यम से वे युवा शोधार्थियों का निरंतर मार्गदर्शन कर रहे हैं, ताकि भारतीय दर्शन की परंपरा आगे बढ़ सके।
  • अकादमिक नेतृत्व: साँची विश्वविद्यालय में कुलाधिपति के रूप में उनके नेतृत्व में भारतीय ज्ञान परंपरा और बौद्ध दर्शन पर विशेष शोध कार्य किए जा रहे हैं।


इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार और शिक्षा जगत के विभिन्न दिग्गजों ने प्रोफेसर शास्त्री को बधाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान न केवल प्रोफेसर शास्त्री का है, बल्कि यह भारतीय दर्शन की समृद्ध विरासत का भी सम्मान है।


आचार्य प्रो. डॉ. यज्ञेश्वर एस. शास्त्री

आचार्य प्रोफेसर डॉ. यज्ञेश्वर एस. शास्त्री भारतीय दर्शन, विशेषकर हिंदू, बौद्ध और जैन दर्शन के विश्वप्रसिद्ध विद्वान हैं। प्रोफेसर शास्त्री ने मुंबई विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। गुरुकुल में पूर्ण हुई उनकी संस्कृत शिक्षा के परिणामस्वरूप उन्होंने शास्त्री (स्नातक) और आचार्य (स्नातक) की पारंपरिक उपाधियाँ प्राप्त कीं। उनके डॉक्टरेट शोध का विषय विज्ञानवाद बौद्ध धर्म और उपनिषद दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन था।


तीस वर्षों से अधिक समय से वे भारत और विदेशों में स्नातकोत्तर स्तर पर अनगिनत छात्रों को उपनिषद दर्शन, अद्वैत वेदांत, महायान बौद्ध धर्म और जैन धर्म में अपना ज्ञान प्रदान कर रहे हैं। 1993 से वे एक अंतरराष्ट्रीय विद्वान के रूप में कई विदेशी विश्वविद्यालयों में अतिथि प्रोफेसर रहे हैं।


अहमदाबाद स्थित गुजरात विश्वविद्यालय में प्रोफेसर शास्त्री ने एक दशक से अधिक समय तक मनोविज्ञान, शिक्षा और दर्शन विभाग के निदेशक के रूप में कार्य किया है। वे भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (आईसीपीआर) के राष्ट्रीय फेलो और भारत सरकार के भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मनोनीत सदस्य थे। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में अध्यक्ष, मुख्य वक्ता और अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।


वर्तमान में, प्रो. शास्त्री निम्नलिखित पदों पर कार्यरत हैं: मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्रालय के आचार्य शंकर संस्कृतिक एकतन्यास के सलाहकार; गुजरात विश्व शांति फाउंडेशन के अध्यक्ष; नालंदा इंटरनेशनल, भारत के निदेशक; सोम-ललित अंतर्राष्ट्रीय विचार केंद्र, अहमदाबाद के निदेशक; सामाजिक दर्शन के अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस के मानद अध्यक्ष; एशियाई दर्शन कांग्रेस के उपाध्यक्ष; और भारत सरकार के भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के जर्नल के संपादकीय मंडल के सदस्य। वे दर्शनशास्त्र बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों में पीएचडी रेफरी भी हैं। उन्होंने 18 पीएचडी और 85 से अधिक एमफिल उम्मीदवारों का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन किया है।


उन्होंने 18 से अधिक उल्लेखनीय दार्शनिक कृतियों का लेखन किया है, जिनमें शामिल हैं: हिंदू धर्म की नींव; ईशावास्योपनिषद - एक अध्ययन; भारतीय दर्शन और धर्म के अनछुए रास्तों पर भ्रमण; असंग का महायानसूत्रलंकार - विज्ञानवाद बौद्ध धर्म का अध्ययन; उमस्वती वाचक का प्रसमरातिप्रकरण (जैन धर्म पर); वेदांतिक आचार्य के दृष्टिकोण से जैन धर्म; वेदांत और ताओवाद; हिंदू संस्कृति की प्रमुख विशेषताएं; और बौद्ध धर्म और विश्व शांति। उन्होंने 150 से अधिक शोध पत्र भी प्रकाशित किए हैं।


प्रोफेसर शास्त्री कई पुस्तकों और पत्रिकाओं के मुख्य संपादक हैं। उनका एक प्रमुख योगदान ईशावास्योपनिषद पर 51 संस्कृत टीकाओं का संपादन है। उन्होंने ललितत्रिशति शंकरभाष्य का अंग्रेजी अनुवाद सहित संपादन भी किया है।


प्रोफेसर शास्त्री को कई सम्मानों से नवाजा गया है, जिनमें "भारत के प्रख्यात दार्शनिक", "महाहोपाध्याय", "दर्शन विशारद", "करुणाद (कर्नाटक) चेतना", "शांति दूत" और "भारत के प्रख्यात नागरिक" की उपाधियाँ शामिल हैं। उन्हें श्रीमंत नानासाहेब पेशवा पुरस्कार और राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।


डॉ. शास्त्री संस्कृत, अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़, मराठी और गुजराती सहित कई भाषाओं में धाराप्रवाह हैं।


वर्तमान में वे अपने पुत्र डॉ. योगेश्वर शास्त्री के साथ क्राइस्टचर्च, न्यूजीलैंड में रहते हैं और हिंदू मंदिर और संस्कृति केंद्र में वेदों, वेदांत और संस्कृत का ज्ञान प्रदान करने के लिए सामुदायिक कार्यों में संलग्न हैं।

Saturday, March 28, 2026

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की

वासंतिक चैत्र नवरात्री की अष्‍टमी ति‍थि‍ पर उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्‍वर योगी आदित्‍यनाथ ने कल गोरखनाथ मंदिर में स्थित शक्तिपीठ में मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्‍चार के बीच मुख्‍यमंत्री ने राज्‍य के लोगों के कल्‍याण के लिए मां आदि शक्ति जगत जननी की प्रार्थना की तथा गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार आरती और हवन किया। 


गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में वासंतिक नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शक्तिपीठ में मां महागौरी की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन और आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर में इस अवसर पर कन्या पूजन का भी अनुष्ठान किया गया। 


अष्टमी पूजा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माता की आठवीं शक्ति महागौरी की विधि-विधान से पूजा की, जो पवित्रता और शांति का प्रतीक है।

अनुष्ठान: गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार माता की आरती और लोकमंगल के लिए हवन संपन्न हुआ।

महत्व: चैत्र नवरात्र के दौरान गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है।

कन्‍या पूजन: अष्टमी के दिन ही, मुख्यमंत्री ने कन्याओं के पैर पखारकर और उन्हें भोजन कराकर कन्या पूजन की परंपरा को निभाया। 


गोरखनाथ मंदिर का शक्तिपीठ नाथ पंथ की परंपरा में आध्यात्मिक ऊर्जा का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।

गोरखनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित नाथ संप्रदाय का सबसे प्रमुख और पवित्र केंद्र है। यह मंदिर महायोगी गुरु गोरखनाथ को समर्पित है, जिन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है। 52 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान भी है।


मुख्य जानकारी और आकर्षण

अखंड ज्योति: मंदिर के गर्भगृह में एक 'दिव्य ज्योति' जलती रहती है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह गुरु गोरखनाथ के समय से ही निरंतर प्रज्वलित है।

खिचड़ी मेला: प्रतिवर्ष मकर संक्रांति (14 जनवरी) के अवसर पर यहाँ एक महीने तक चलने वाला भव्य 'खिचड़ी मेला' आयोजित होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं।

भीम सरोवर और मंदिर: मंदिर परिसर में पांडव पुत्र भीम की एक विशाल प्रतिमा और एक सरोवर (भीम सरोवर) स्थित है, जहाँ श्रद्धालु नौका विहार (boating) का आनंद ले सकते हैं।

महंत: वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मंदिर और गोरखनाथ मठ के मुख्य महंत हैं।

गौशाला: परिसर में एक बड़ी गौशाला (Goshala) भी है, जहाँ विभिन्न नस्लों की गायों की सेवा की जाती है।


इतिहास और निर्माण

प्राचीनता: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु गोरखनाथ ने त्रेता युग में इसी स्थान पर तपस्या की थी।

पुनर्निर्माण: मध्यकाल में अलाउद्दीन खिलजी और औरंगजेब जैसे शासकों द्वारा मंदिर को क्षति पहुँचाई गई थी, लेकिन बाद में महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्यनाथ जी के प्रयासों से इसका भव्य आधुनिक स्वरूप तैयार हुआ।


दर्शन के लिए विवरण

समय: मंदिर दर्शन के लिए प्रतिदिन प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्क: मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है।

स्थान: यह गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 4 किमी की दूरी पर नेपाल रोड (सोनौली राजमार्ग) पर स्थित है।

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो से की मुलाकात

अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए फ्रांस पहुंचे। इस मौके पर रुबियो का साथ देने के लिए भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी फ्रांस पहुंचे। फ्रांस में उन्होंने रुबियो के साथ-साथ भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।


मुलाकात की तस्वीरें की साझा

मुलाकात की तस्वीरें साझा कर राजदूत गोर ने लिखा, “फ्रांस में G7 मंत्री स्तरीय मीटिंग के लिए के साथ जुड़कर खुशी हुई। हमारे सहयोगियों और साझेदारों के साथ अच्छी चर्चा हुई।” अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने G7 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ इस बैठक में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके लक्ष्य महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरे हो जाएंगे। हालांकि, ये बात अमेरिकी सरकार ने पहले भी कही है।


मिशन की शुरुआत से ही स्पष्ट रूपरेखा तय: रुबियो

रुबियो ने कहा कि इस मिशन की शुरुआत से ही स्पष्ट रूपरेखा तय की गई थी। उन्होंने कहा, “हम ईरान की नौसेना को नष्ट करेंगे, उनकी वायुसेना को नष्ट करेंगे। हम मूल रूप से उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता को उनकी फैक्ट्रियों में खत्म कर देंगे।” उन्होंने जोड़ा कि इस अभियान का उद्देश्य “मिसाइल लॉन्चरों की संख्या को काफी कम करना” है, ताकि ईरान “इनके पीछे छिपकर परमाणु हथियार बनाने और दुनिया को धमकाने” में सक्षम न रहे।


रुबियो ने कहा कि प्रगति लगातार हो रही है। “हम इस ऑपरेशन में समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे हैं और उम्मीद है कि इसे उचित समय पर महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा। प्रगति बहुत अच्छी है।”


लक्ष्यों को बिना किसी ग्राउंड टूप्स के हासिल किया: रुबियो

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीनी सैनिकों की जरूरत नहीं होगी। इन लक्ष्यों को बिना किसी ग्राउंड टूप्स के हासिल किया जा सकता है। रुबियो ने ऑपरेशन के बाद संभावित जोखिमों की भी चेतावनी दी, खासकर होर्मुज स्ट्रेट में, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने कहा कि ईरान वहां टोल प्रणाली लागू करने की कोशिश कर सकता है, जिसे उन्होंने “अवैध,” “अस्वीकार्य,” और “दुनिया के लिए खतरनाक” बताया।

जनगणना 2027 हेतु फिल्ड ट्रेनर प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा जनगणना 2027 हेतु फिल्ड ट्रेनर प्रशिक्षण का शुभारंभ गत दिवस किया गया। यह प्रशिक्षण 31 मार्च, 2026 में मध्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान राजगढ में प्रातः 9.30 से सांय 5.30 तक संचालित होगा। इसमें जनगणना प्रथम चरण जिसमें मकान सूचीकरण, नजरी नक्शा तैयार कर एवं जनगणना एप पर कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह फिल्ड ट्रेनर चार्ज स्तर पर 01 अप्रैल, 2026 से 22 अप्रैल, 2026 के मध्य प्रगणक एवं सुपरवाईजर को प्रशिक्षण प्रदान करेगें। तदउपरांत प्रगणक, सुपरवाईजर 01 मई, 2026 से 30 मई, 2026 तक प्रथम चरण पर मकान सूचीकरण का कार्य संपन्न करेगें।


प्रशिक्षण में जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती ज्योति बगवैया, सहायक जनगणना अधिकारी श्री के.के. राज, श्री शीतल कोसरवाल, श्री असद नजीर एवं स्टॉफ सम्मिलित रहेगे। प्रशिक्षण का संचालन श्री डी.के. साहू एवं श्री देवेन्द्र दुबर्ग द्वारा किया जाएगा।


फील्ड ट्रेनर (Field Trainer)

एक ऐसा पेशेवर होता है जो कर्मचारियों या प्रशिक्षुओं को उनके कार्यस्थल (ऑन-फील्ड) पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। इनका मुख्य काम किताबी ज्ञान को वास्तविक काम में बदलना होता है। वर्तमान में (मार्च 2026), भारत में जनगणना (Census) के संदर्भ में फील्ड ट्रेनर्स की भूमिका काफी चर्चा में है।


फील्ड ट्रेनर की मुख्य भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ

व्यावहारिक प्रशिक्षण: ये प्रशिक्षुओं को सीधे कार्यस्थल पर ले जाते हैं और उन्हें काम करने का सही तरीका सिखाते हैं।

जनगणना में भूमिका: जनगणना के दौरान, फील्ड ट्रेनर्स सुपरवाइजर और एन्युमरेटर (गणनाकारों) को मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करने और गणना की बारीकियां सिखाने के लिए जिम्मेदार होते हैं。

सॉफ्ट स्किल्स और सेल्स: कॉर्पोरेट क्षेत्र में, ये सेल्स टीम को ग्राहकों से बात करने की कला, नेतृत्व क्षमता और रिटेल स्टोर प्रबंधन के गुर सिखाते हैं।

फीडबैक और मूल्यांकन: ये लगातार प्रशिक्षुओं के प्रदर्शन पर नजर रखते हैं और सुधार के लिए तुरंत सुझाव देते हैं।

विशिष्ट विभागों में: पुलिस, रेलवे या स्वास्थ्य सेवाओं में ये नए अधिकारियों को ऑन-ड्यूटी प्रोटोकॉल और सुरक्षा नियमों का अभ्यास कराते हैं। 


फील्ड ट्रेनर के प्रमुख कार्यक्षेत्र

सरकारी योजनाएं: जैसे जनगणना-2027 का प्रशिक्षण कार्यक्रम जो वर्तमान में विभिन्न जिलों (जैसे राजगढ़, छपरा, नालंदा) में चल रहा है।

रिटेल और कॉर्पोरेट: कर्मचारियों को उत्पाद की जानकारी और बिक्री तकनीक सिखाना।

सुरक्षा और पुलिस: नए रंगरूटों को जमीनी स्तर पर गश्त और कानून व्यवस्था संभालने का प्रशिक्षण देना।

रेलवे: ट्रेन मैनेजर्स और लोको पायलटों को सेक्शन लर्निंग और टेक्निकल कपलिंग जैसे कार्य सिखाना।

अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी: अपनाएं सरल उपाय, रहें सुरक्षित

जिला प्रशासन द्वारा अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी पर बल देते हुए बचाव के उपायों पर आधारित सुझावों का पालन करने का आह्वान करते हुए अपनाएं सरल उपाय, रहें सुरक्षित को रेखांकित किया गया है।


सामान्यतः गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है, जिससे जन-धन की हानि का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी अत्यंत आवश्यक है। यदि कुछ सरल उपायों को अपनाया जाए तो आग लगने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।


घर एवं दैनिक जीवन में सावधानियां:

घर में बिजली की खराब या पुरानी वायरिंग को समय-समय पर ठीक करवाना जरूरी है। गैस सिलेंडर को हमेशा सीधा रखें और किसी भी प्रकार का लीकेज होने पर तुरंत गैस बंद करें। खाना बनाते समय गैस या चूल्हे को बिना निगरानी के न छोड़ें और रसोई में आग जलती छोड़कर कहीं न जाएं।


घर में एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) अवश्य रखें और उसके उपयोग की जानकारी भी रखें। पेट्रोल, केरोसीन जैसे ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखें। बच्चों को माचिस और लाइटर से दूर रखना भी अत्यंत आवश्यक है।


खेतों में अग्नि सुरक्षा के उपाय:

खेतों में आग से बचाव के लिए चारों ओर 8–10 फीट चौड़ी खाली पट्टी (फायर लाइन) बनाना अत्यंत जरूरी है, जिससे आग को फैलने से रोका जा सके। सूखी घास, पत्ते और कचरा खेत में इकट्ठा न होने दें।


पराली या फसल अवशेष जलाने से आग फैलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इसे न जलाएं। खेतों के पास बिजली के ढीले या टूटे तार न हों और उनसे उचित दूरी बनाए रखें। पास में पानी, मिट्टी या बाल्टी की व्यवस्था रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत आग बुझाई जा सके। खेतों में जलती हुई बीड़ी या सिगरेट न फेंके।


आपात स्थिति में क्या करें:

यदि आग लग जाए तो तुरंत 101 (फायर ब्रिगेड) पर सूचना दें। गैस और बिजली के कनेक्शन तुरंत बंद करें। छोटी आग को पानी, मिट्टी या कंबल से बुझाने का प्रयास करें, जबकि बड़ी आग की स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखें और विशेषज्ञ सहायता का इंतजार करें।


बच्चों के लिए विशेष सावधानी:

बच्चों को माचिस और लाइटर से खेलने से रोकें और उन्हें आग के खतरों के प्रति जागरूक करें। घर में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) सुनिश्चित करें और बाहर निकलने का रास्ता हमेशा साफ और खुला रखें।


अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम स्वयं, अपने परिवार और अपनी फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज झारखंड का दौरा करेंगे, वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का भी शुभारंभ करेंगे

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज झारखंड में भारतीय प्रबंधन संस्थान – आईआईएम, रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे और वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का भी शुभारंभ करेंगे।

 

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

 

उपराष्ट्रपति आज बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और खूंटी के उलिहातु गांव जाएंगे, जो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा का जन्मस्थान है। वहां वे उनके वंशजों से मिलेंगे और पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। श्री राधाकृष्णन रांची के बिरसा मुंडा परिसर और बिरसा चौक स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर भी पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। बाद में, वे आई.आई.एम. रांची के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


वर्चुअल रियलिटी (VR) केस रिपॉजिटरी से जुड़ी खास बातें

वर्चुअल रियलिटी (VR) केस रिपॉजिटरी एक डिजिटल डेटाबेस है, जो विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, चिकित्सा (पुनर्वास), रक्षा, और फोरेंसिक (अपराध स्थल पुनर्निर्माण)—से संबंधित इमर्सिव 3D सिमुलेशन और मामलों का अध्ययन (case studies) संग्रहीत करता है। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को जटिल परिदृश्यों का यथार्थवादी अनुभव प्रदान करती है।

वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी के मुख्य अनुप्रयोग:

  • चिकित्सा और पुनर्वास (Medical & Rehabilitation): वीआर स्ट्रोक के मरीजों के लिए संज्ञानात्मक पुनर्वास (cognitive rehabilitation) और मोबिलिटी डिवाइस-मिक्स्ड रियलिटी (MD-MR) जैसे नैदानिक ​​परिणाम प्रदान करता है, जो निपुणता और पकड़ की ताकत में सुधार करते हैं।
  • न्यायिक और फोरेंसिक (Forensic & Legal): अपराध स्थल का पुनर्निर्माण (Crime scene reconstruction) करना, जहां 2D छवियों से वर्चुअल टूर बनाकर अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं।
  • शिक्षा और प्रशिक्षण (Education & Training): आईआईएम (IIM) जैसे संस्थानों में केस स्टडीज के लिए इस्तेमाल, साथ ही सेना में खतरनाक परिस्थितियों का सुरक्षित अभ्यास।
  • अनुसंधान और विकास (Research): यह एक बहुविषयक क्षेत्र है, जो वर्चुअल, ऑगमेंटेड (AR) और मिक्स्ड रियलिटी (MR) पर मौलिक शोध प्रकाशित करता है।


प्रमुख उपयोगकर्ता और लाभ:

  • शिक्षक और छात्र: जटिल विषयों को 3D में समझने के लिए।
  • चिकित्सक: मरीजों के पुनर्वास के लिए (गेमिफाइड वीआर)।
  • जांचकर्ता: अपराध दृश्यों के डिजिटल विश्लेषण के लिए।


सीमाएं:

यह एक महंगी तकनीक है, और इसके लंबे समय तक उपयोग से आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। 

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