Sunday, May 17, 2026

राजगीर में वैदिक मंत्रों और शंखनाद के साथ शुरू हुआ विश्व प्रसिद्ध मलमास मेला

बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल राजगीर में एक महीने तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले का भव्य शुभारंभ हो गया है। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और पारंपरिक ध्वजारोहण के बीच बिहार के मुख्यमंत्री ने इस आस्था के महाकुंभ का उद्घाटन किया।


राजगीर का यह मलमास मेला (अधिमास या पुरुषोत्तम मास) हर तीसरे वर्ष आयोजित किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास के दौरान पूरे ब्रह्मांड के सभी 33 कोटि (33 करोड़) देवी-देवता राजगीर में निवास करते हैं। राजगीर के 22 गर्म जल कुंड (जैसे ब्रह्मकुंड, सूर्य कुंड आदि) और 52 धाराएं इस मेले का मुख्य केंद्र हैं। यहाँ स्नान करने से पाप दूर होते हैं और आत्मशुद्धि का पुण्य प्राप्त होता है।


यह ऐतिहासिक मेला 17 मई से 15 जून तक चलेगा, जिसमें देश और विदेश (नेपाल, श्रीलंका आदि) से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस पूरे महोत्सव के दौरान विशेष शाही स्नान के आयोजन भी होते हैं, जिसमें नागा संन्यासी, साधु-संत और महामंडलेश्वर भाग लेते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए राजगीर में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है और श्रद्धालुओं के लिए दीदी की रसोई के माध्यम से सस्ते दाम पर भरपेट भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध है।


मलमास मेले के आयोजन, इतिहास और दर्शन के बारे में अधिक जानकारी आप नालंदा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं।