अमरीका का आरोप है कि इन कंपनियों ने ईरान को ड्रोन और मिसाइल घटकों की खरीद में सहायता प्रदान की। चीन और हांगकांग की फर्में, जो ईरान के "शैडो फ्लीट" या रक्षा नेटवर्क से जुड़ी हैं। इनमें युशिता शंघाई जैसी कंपनियों का नाम शामिल है, जो ईरान के रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही थीं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वाशिंगटन का उद्देश्य तेहरान की हथियार बनाने की क्षमता को कम करना और उसके नेटवर्क पर दबाव बनाए रखना है।
