Sunday, May 10, 2026

सरकार ने प्राइमरी हेल्थकेयर के लिए शुरू की इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग, फ्रंटलाइन वर्कर्स की क्षमता होगी मजबूत

भारत सरकार ने प्राइमरी हेल्थकेयर (प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल) को और अधिक मजबूत, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीमों हेतु एकीकृत प्रशिक्षण' (Integrated Training for Primary Healthcare Teams) पहल शुरू की है।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 8 मई 2026 को नई दिल्ली में "नवाचार और समावेशिता: भारत के स्वास्थ्य भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम प्रथाएं" विषय पर 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


इस पहल की मुख्य बातें:

  • उद्देश्य: फ्रंटलाइन वर्कर्स (आशा, एएनएम, और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) की क्षमता को मजबूत करना, ताकि वे गांव और दूरदराज के क्षेत्रों तक व्यापक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा सकें।
  • एकीकृत दृष्टिकोण: यह पहल टुकड़ों में दी जाने वाली ट्रेनिंग के बजाय एक एकल, संरचित और योग्यता-आधारित (competency-driven) प्रशिक्षण ढांचा प्रदान करती है।
  • लास्ट-माइल डिलीवरी: इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों को "आत्मविश्वासपूर्ण प्रदाता" (confident providers) के रूप में बदलना है।
  • डिजिटल लर्निंग: इस कार्यक्रम में iGOT Karmayogi जैसे डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार नई चीजें सीख सकें और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
  • महिला सशक्तिकरण: यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा, एएनएम, सीएचओ) को सशक्त बनाएगा, जो भारत के प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यबल का 70% से अधिक हिस्सा हैं।

यह प्रशिक्षण पहल आयुष्मान भारत के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र) के विजन को सुदृढ़ करने के लिए है, जो निवारक, प्रमोटिव और उपचारात्मक देखभाल (preventive, promotive, and curative care) पर ध्यान केंद्रित करते हैं।