भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने दो दिवसीय मलेशिया दौरे का सफलतापूर्वक समापन किया। इस दौरान जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हो रहे बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संबंधों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सशक्त आर्थिक विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की बढ़ती रुचि की सराहना की और कहा कि यह विश्वास दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशियाई उद्योग जगत को भारत में उपलब्ध व्यापक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और हेल्थकेयर जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोनास के अध्यक्ष एवं समूह सीईओ तेंगकू मुहम्मद तौफिक, बरजया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक दातो सेरी विंसेंट टैन ची यिउन, खजाना नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक दातो अमीरुल फीसल वान जहीर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो पुआ खेइन सेंग से मुलाकात की।
बयान में आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के वर्षों में भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने तथा एक स्थिर, कुशल और पूर्वानुमानित कारोबारी एवं नीतिगत माहौल तैयार करने के लिए किए गए प्रमुख सुधारों और पहलों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने शनिवार को कुआलालंपुर में आयोजित 10वें भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इस मंच पर हुई चर्चाएं दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश साझेदारी को और गहराई प्रदान करेंगी।
बयान में कहा गया, “बिजनेस लीडर्स ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में भारत सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधारों की सराहना की और भारत की मजबूत विकास यात्रा पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।” इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम ने सीमा-पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों की कड़े शब्दों में निंदा की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए इसे जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर और संयुक्त अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान किया।दोनों देशों ने कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद से निपटने, आतंकवाद की फंडिंग पर लगाम लगाने, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
