Sunday, February 8, 2026

बजट में गरीब, युवा, नारी शक्ति और अन्नदाता के साथ हर वर्ग के कल्याण को दी गई है प्राथमिकता - मंत्री कैलाश विश्वास सारंग

सीहोर में आयोजित पत्रकार वार्ता में युवा, खेल एवं सहकारिता मंत्री श्री कैलाश विश्वास सारंग ने केंद्रीय बजट 2026 - 27 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया केन्द्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी आर्थिक महाशक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह बजट सतत् आर्थिक विकास के साथ जन अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। इस बजट में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के अनेक अवसर प्रदान किए गये है। यह बजट सभी वर्गों की आशा आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा।


उन्होने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज़ है। गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग और उद्यमियों के कल्याण व सशक्तिकरण के प्रावधान बजट में किए गए हैं। जो मध्यप्रदेश सहित देश को 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस बजट से मध्यप्रदेश को भी व्यापक लाभ होगा और यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।


मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बजट 2026-27 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान समृद्धि को मजबूती देने के लिए पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यह किसानों की कुल आय का लगभग 16 प्रतिशत है। इस हेतु पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना शुरू किए जाने का प्रावधान किया गया है। किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है, साथ ही वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य है। कृषि क्षेत्र में रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने की घोषणा की है। बजट 2026-27 में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मछली पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्णय ऐतिहासिक है।


उन्होंने कहा कि ने कहा कि हमारी सरकार की मंशानुसार महिला सशक्तिकरण के लिए देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव है, इसके लिए लगभग 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छात्राओं को सुरक्षित आवास मिल सकेगा। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं और 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए विशेष पहल की गई है, जिसमें लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यम स्थापित करने का प्रावधान है। लखपति दीदी योजना की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू हुई इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। योजना के तहत महिलाओं को आजीविका से बढ़ाकर बिजनेसवुमन बनाने की ओर बढ़ाया जाएगा।


उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक अवसर हैं। शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थायी समिति का गठन और 15,000 माध्यमिक विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन युवा उद्यमियों को संबल प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि आगामी 5 सालों में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स को जोड़ा जाएगा। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइकोलॉजी संस्थान स्थापित किया जाएगा। सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यम के साथ जोड़ने के लिए प्रयास कर रही है।


उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए श्बायोफार्मा शक्तिश् के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन और तीन नए एन.आई.पी.ई.आर. संस्थानों का निर्माण भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र बनाएगा। 17 दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और अगले पांच वर्षों में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को जोड़ने का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाएगा। एक हजार से अधिक मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल्स स्थलों का नेटवर्क बनाया जाएगा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे है उसी क्रम में रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने हेतु रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह देश की सुरक्षा के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रक्षा इकाइयों द्वारा विमानों के रखरखाव, मरम्मत और अन्य आवश्यकताओं के लिए पुर्जी के निर्माण में उपयोग होने वाले आयातित कच्चे माल पर मूलभूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, असैनिक और प्रशिक्षण विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जी पर भी शुल्क में रियायत दी गई है। यह कदम घरेलू रक्षा विनिर्माण और विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाएगा।


मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में मध्यम वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है। मिडल क्लास परिवारों के स्वास्थ्य के खर्चों में कमी व गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा और आयुष केंद्रों के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सरकार ने दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। साथ ही व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नवीन कर व्यवस्था लाई गई है जो काफी सरल व डिजिटल है। साथ ही अब टैक्स प्रकरणों को आपराधिक प्रकरण न मानते हुए सिविल प्रकरण माना जायेगा और व्यापारी पैनाल्टी भरकर प्रकरण से मुक्त हो सकेंगे। ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए कुरियर के माध्यम से निर्यात की 10 लाख रुपये की सीमा को समाप्त कर दिया गया है, जो छोटे उद्यमियों और कारीगरों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खोलेगा। साथ ही सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल कर पारदर्शी किया जायेगा। इस दौरान विधायक श्री सुदेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, नगरपालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, श्री जितेन्द्र गौड़, श्री प्रितेश राठौर, श्री आशीष पचौरी, श्री पवन जैन, श्री राजेश परिहार सहित पत्रकार गण उपस्थित थे।

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