देश में घरेलू पर्यटन, कॉरपोरेट यात्राओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते होटल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग में मांग बढ़ रही है जबकि उसकी तुलना में आपूर्ति कम है। यही वजह है कि होटल के कमरों की दरों में 2026 तक 6% तक की वृद्धि होने की उम्मीद है।
होटल इंडस्ट्री पर नजर रखने वाली रिसर्च फर्म कंपनी के मुताबिक अगले साल ब्रांडेड होटलों का औसत किराया 9,400 से 9,700 के बीच रहने की उम्मीद है। कंपनी के मुताबिक, देश का होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। यह वृद्धि घरेलू यात्रा की निरंतर मांग, प्रमुख महानगरों में कार्यालय स्थान की मांग में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय आगमन में सुधार के कारण होगी।
कंपनी के मुताबिक, रूपए के हिसाब से देखें तो ब्रांडेड होटलों के कमरे के किराए अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ने से भी अगले साल होटलों के औसत किराए में 5 से 6 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो सकती है।
होटल उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, 2026 में प्रस्तावित आपूर्ति में मिडस्केल और अपर-मेडस्केल होटलों का हिस्सा सबसे बड़ा होगा। ये कुल संभावित आपूर्ति के 50 प्रतिशत से अधिक होगा। इसके अलावा, कैलेंडर वर्ष 2026 में छोटी दूरी की अवकाश यात्राओं में वृद्धि होने की संभावना है।
