Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के नगरीय निकाय कर्मचारियों की सेवाकाल में असमय मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को ₹50,000 से बढ़ाकर अधिकतम ₹1.25 लाख कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की पहल पर वित्त विभाग ने इन संशोधित नियमों को मंजूरी दी है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, इस निर्णय के तहत मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2017 (7वां वेतनमान) के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के सभी नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल होंगे।
पुराने नियम (2013) के तहत गणना 6ठे वेतनमान के 'बैंड पे और ग्रेड पे' पर होती थी। अब 2017 के नियमों के तहत मिलने वाले 7वें वेतनमान के नए बेसिक पे (मूल वेतन) को आधार माना जाएगा। इस संशोधन से नगरीय निकाय के कर्मचारियों को भी राज्य सरकार के शासकीय सेवकों के समान ही अनुग्रह राशि (अधिकतम ₹1.25 लाख) का लाभ मिल सकेगा। इस राशि का भुगतान संबंधित नगरीय निकाय के स्वयं के संसाधनों या राज्य सरकार द्वारा प्राप्त होने वाले चुंगी क्षतिपूर्ति/अन्य अनुदान मदों से नियमानुसार किया जाएगा।
यह संशोधित नियम 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद होने वाली कर्मचारियों की मृत्यु के सभी मामलों पर पूरी तरह प्रभावी माना जाएगा। स्पष्ट है कि अप्रैल 2025 के बाद से घटित हुए सभी पात्र प्रकरणों में आश्रित परिवारों को नई दरों (अधिकतम ₹1.25 लाख) के आधार पर ही वित्तीय सहायता का भुगतान किया जाएगा।

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