यह गंभीर चिंता का विषय है कि मेडिकल जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा में बार-बार पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं, जो युवाओं के मनोबल को तोड़ते हैं। लगभग 20 लाख से अधिक छात्र और उनके परिवार इस अव्यवस्था से प्रभावित हैं, जो सालों की मेहनत के बाद डॉक्टर बनने का सपना देख रहे थे।
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी है। सीबीआई (CBI) ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया है, जिसमें पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
