Nepal: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) की सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 1,594 राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। यह ऐतिहासिक फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति और प्रशासनिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर 'सार्वजनिक पदाधिकारियों को हटाने से संबंधित विशेष अध्यादेश, 2083' जारी किया, जिसके आधार पर यह कार्रवाई हुई। ये सभी नियुक्तियां 26 मार्च, 2026 से पहले (नई सरकार के गठन से पहले) पिछली सरकारों के कार्यकाल में की गई थीं। इस फैसले से विश्वविद्यालयों (जैसे त्रिभुवन विश्वविद्यालय), सरकारी संस्थानों (जैसे नेपाल एयरलाइंस, नेपाल विद्युत प्राधिकरण), अस्पतालों, और विभिन्न बोर्डों व परिषदों में अध्यक्ष, कुलपति, निदेशक और कार्यकारी पदों पर नियुक्त पदाधिकारी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त हो गए हैं।
सरकार ने राजदूतों की नियुक्ति के लिए भी पुरानी परंपरा को बदलते हुए 'वैकेंसी' (भर्ती विज्ञापन) निकालने की तैयारी की है, ताकि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके।
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