Friday, February 6, 2026

बिना लिखित परीक्षा सेना में लेफ्टिनेंट बनने का अवसर, चयन पर 12 से 17 लाख रुपये सालाना पैकेज

सेना में जज एडवोकेट जनरल (JAG) बनने के लिए लॉ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होती, बल्कि यूजी और पीजी अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग के बाद स्टाफ सलेक्शन बोर्ड इंटरव्यू होता है। चयन पर 12 से 17 लाख रुपये सालाना पैकेज मिल सकता है। उम्मीदवारों को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई में 49 सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाएगी और ट्रेनिंग के बाद लेफ्टिनेंट रैंक पर नियुक्ति होगी। इस भर्ती में महिलाओं को भी स्थाई कमीशन दिया जाता है।


इंटरव्यू में परखी जाती है लीडरशिप स्किल्स- जज एडवोकेट जनरल भारतीय सेना का कानूनी अधिकारी होता है। JAG का काम कोर्ट मार्शल, सैन्य कानून अनुशासनात्मक मामलों, मानवाधिकार और प्रशासनिक निर्णयों में सेना को कानूनी सलाह देना होता है। जरूरत पड़ने पर फील्ड पोस्टिंग भी मिल सकती है।


यूजी और पीजी में 55% अंक जरूरी- उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से LLB (3 या 5 वर्ष) की डिग्री होनी चाहिए। न्यूनतम 55% अंक अनिवार्य हैं और डिग्री बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए। आयु 21 से 27 वर्ष के बीच हो और उम्मीदवार अविवाहित हो।


SSB इंटरव्यू है सबसे अहम चरण- स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू 5 दिन का, दो चरणों वाला प्रोसेस है। इसमें उम्मीदवार की कानूनी समझ, तर्क क्षमता, नेतृत्व गुण और अनुशासन को परखा जाता है। स्टेज-1 में मनोवैज्ञानिक टेस्ट, ग्रुप टास्क और पर्सनल इंटरव्यू होते हैं। इंटरव्यू और मेडिकल के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होती है।


इंटरव्यू के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

  • रटे हुए जवाब देने से बचें। 
  • सेना और कानून से जुड़े मौजूदा मुद्दों की जानकारी रखें। 
  • बॉडी लैंग्वेज और अनुशासन पर ध्यान दें। 
  • यह स्पष्ट रखें कि आप सेना में JAG क्यों बनना चाहते हैं। 

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