भोपाल। इंटरनेशनल टाइगर डे (29 जुलाई) के उपलक्ष्य में राजधानी के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में 22 से 28 जुलाई तक 'टाइगर जागरूकता सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है। वन्यप्राणियों के संरक्षण और उनके प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत गुरुवार को विभिन्न शैक्षणिक और व्यावहारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
ओपन क्विज में छात्रों ने जाना बाघों का जीवन व्यवहार
जागरूकता सप्ताह के तहत गुरुवार को नवीन हाई स्कूल (25वीं बटालियन) में एक ओपन क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक श्री ए.के. खरे ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्रों को बाघों के प्राकृतिक आवास, उनके जीवन व्यवहार, शिकार की प्रवृत्तियों और पर्यावरण संतुलन में बाघों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वन्यजीव संरक्षण का संकल्प लिया।
रेस्क्यू वर्कशॉप: 56 स्टूडेंट्स को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
इसके बाद वन विहार राष्ट्रीय उद्यान परिसर में एक विशेष 'वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू वर्कशॉप' (वन्यजीव बचाव कार्यशाला) का आयोजन किया गया। इस व्यावहारिक कार्यशाला में विद्यासागर इंस्टीट्यूट कॉलेज ऑफ फार्मेसी और एमवीएम कॉलेज के कुल 56 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
एक्सपर्ट डॉक्टर से सीखीं वैज्ञानिक तकनीकें
कार्यशाला में वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. हमजा फारूकी ने छात्र-छात्राओं को संकट में फंसे वन्यजीवों को बचाने की बारीकियों से अवगत कराया। डॉ. फारूकी ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया:
- रेस्क्यू उपकरणों का प्रदर्शन: आधुनिक रेस्क्यू टूल्स, स्नेक स्टिक, पिंजरे और नेट गन के सुरक्षित उपयोग की लाइव जानकारी दी गई।
- घायल वन्यजीवों का प्राथमिक उपचार: रेस्क्यू के दौरान घायल जानवरों को दिए जाने वाले फर्स्ट-एड (प्राथमिक चिकित्सा) और उनके तनाव को कम करने के तरीकों को समझाया।
- वैज्ञानिक तकनीकें: पकड़े गए वन्यजीवों के स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें वापस सुरक्षित तरीके से जंगल (प्राकृतिक आवास) में छोड़ने की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से छात्रों को रूबरू कराया।
वन विहार प्रबंधन के अनुसार, इस पूरे सप्ताह का उद्देश्य युवा पीढ़ी को वन्यजीव प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन्स के प्रति संवेदनशील और तकनीकी रूप से जागरूक बनाना है।

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