वॉशिंगटन। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल पंजाब मूल के 31 वर्षीय हरमनवीर सिंह को कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल के अधिकारियों ने स्टॉकटन शहर से हिरासत में लिया। वह कनाडा के वैंकूवर से संचालित होने वाले कुख्यात रविंदर ढांडा संगठित अपराध गिरोह (Ravinder Dhanda Gang) का एक सक्रिय सदस्य है।

यह पूरी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ चलाए जा रहे बहुराष्ट्रीय अभियान 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' (Operation Hard Ball) के तहत की गई है।

मामले से जुड़ी मुख्य बातें

ड्रग्स की तस्करी के गंभीर आरोप: रविंदर ढांडा गैंग पर अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में बड़े पैमाने पर कोकीन (Cocaine) और मेथमफेटामाइन (Methamphetamine) जैसी प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी करने का आरोप है। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की रसद और वितरण नेटवर्क संचालित करने के लिए जांच के दायरे में है।

फर्जी नामों से छुपा था आरोपी: जांच एजेंसियों के अनुसार, हरमनवीर सिंह अमेरिका में अपनी पहचान छुपाने के लिए 'हरी गौतम' और 'हरमन संधू' जैसे फर्जी नामों का इस्तेमाल कर रहा था।

अदालत से जारी था वारंट: हरमनवीर के खिलाफ ड्रग्स के अवैध वितरण और अंतरराष्ट्रीय निर्यात की साजिश रचने के आरोप में 23 जून 2026 को कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

क्या है 'ऑपरेशन हार्ड बॉल'?: अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष ऑपरेशन का उद्देश्य भारत, कनाडा और अमेरिका में फैले संगठित अपराध और नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर ढांडा के गिरोहों को निशाना बनाया जा रहा है।

अब तक की गिरफ्तारियां: इस अंतरराष्ट्रीय जांच के तहत अब तक अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने मिलकर 24 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 11 आरोपियों को अकेले कैलिफोर्निया से हिरासत में लिया गया है। इस मामले में कुल 37 लोगों को नामजद किया गया है।

हरमनवीर सिंह की गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय इस ड्रग सिंडिकेट के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिकी एजेंसियां अब उसे कोर्ट में पेश कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगी, जिससे इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों का खुलासा हो सके।