विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने कहा है कि जुलाई 2026 सेमेस्टर से स्वयं (SWAYAM) पोर्टल पर शुरू होने वाले MOOC कोर्स को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। स्वयं पोर्टल पर सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने और सर्टिफिकेट मिलने के बाद, प्राप्त क्रेडिट को छात्र की मुख्य मार्कशीट में जोड़ दिया जायेंगा है।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्र की यूनिवर्सिटी या कॉलेज का स्वयं (SWAYAM) रेगुलेशन को अपनाना जरूरी है। यह कोर्सेज मुफ्त होते हैं (केवल परीक्षा के लिए छोटी फीस देनी होती है), जिससे छात्र अपनी गति से सीख सकते हैं। छात्रों को देश के शीर्ष प्रोफेसरों (IIT, IIM, IISc, JNU आदि) से सीखने का मौका मिलता है, जिससे रिज्यूमे मजबूत होता है। ऑनलाइन पढ़ाई के बाद छात्रों को एक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) या संबंधित संस्थान द्वारा आयोजित परीक्षा पास करनी होती है।
यूजीसी का मानना है कि इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को भी देश के श्रेष्ठ शिक्षकों से पढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही यह शिक्षा को सस्ती और सुलभ भी बनाएगा। छात्र अपनी यूनिवर्सिटी में उपलब्ध न होने वाले आधुनिक और तकनीकी विषयों को भी पढ़ सकते हैं।
आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी के क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत कोई भी उच्च शिक्षा संस्थान अपने किसी भी डिग्री या डिप्लोमा प्रोग्राम में 40 प्रतिशत तक क्रेडिट पॉइंट ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से दे सकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र 4 साल की डिग्री कर रहा है तो उसके 160 क्रेडिट में से 64 क्रेडिट पॉइंट तक वह SWAYAM के कोर्स करके पूरा कर सकता है।

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