Bhopal: पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के संयुक्त तत्वावधान में बैरसिया जनपद सभागार में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत "एनपीएस संचय''' योजना के लिए जन-जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का मूल उद्देश्य नागरिकों को नियमित लघु बचत से जोड़कर वृद्धावस्था को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
एनपीएस संचय योजना एकीकृत योजना पर आधारित है, जिसमें निवेश की संरचना पूर्व-निर्धारित ढांचे के अनुरूप स्वतः संचालित होती है। फलस्वरूप, नागरिकों को निवेश विकल्पों को समझने या चुनने की उलझन से पूर्णतः मुक्ति मिलती है; उन्हें केवल नियमित रूप से अपना अंशदान जमा करना होता है। निवेश की जटिलताओं और बाजार के तकनीकी उतार-चढ़ाव (जैसे इक्विटी (E), कॉर्पोरेट डेट (C) और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (G) के मध्य चयन) के भय से आम नागरिक भविष्य के वित्तीय नियोजन से कतराते हैं। 'एनपीएस संचय' इसी जटिलता का एक सर्वसुलभ उत्तर है।
योजना की विशेषताएं एवं प्रावधान
मात्र 250 रूपये से शुभारंभ:इस योजना में प्रवेश के द्वार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी खुले हैं। मात्र 250 रूपये की न्यूनतम राशि से कोई भी नागरिक अपना खाता खुलवा सकता है। 10 रूपये का स्वैच्छिक अंशदान: खाता सक्रिय होने के उपरांत, नागरिक अपनी वित्तीय सहूलियत के अनुसार मात्र 10 रूपये जैसी सूक्ष्म राशि से भी स्वैच्छिक अंशदान (जमा) करने के लिए स्वतंत्र हैं। दीर्घकालिक वित्तीय संबल: 'बूंद-बूंद से घट भरे' की तर्ज पर, यह छोटी-छोटी नियमित बचतें लंबे समय में एक विशाल और सुरक्षित पेंशन फंड का रूप ले लेती हैं। आंशिक निकासी का विवेकपूर्ण विकल्प: किसी भी आकस्मिक संकट या अनिवार्य आवश्यकता के समय खाताधारकों के लिए निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत आंशिक निकासी की सुगमता भी प्रदान की गई है। वित्तीय अनुशासन का प्रकटीकरण:यह योजना नागरिकों के भीतर भविष्य के प्रति एक अनुशासित और व्यवस्थित वित्तीय आचरण को अंकुरित करती है।
पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया योजना
अत्यंत व्यापक और समावेशी है। भारत का कोई भी नागरिक जिसकी आयु 18 से 85 वर्ष के मध्य हो ,इस योजना का लाभ प्राप्त सकता है। योजना किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, महिलाओं, छोटे व्यवसायियों, स्वरोजगारियों और निजी क्षेत्र के अल्प-आय वाले कर्मचारियों के लिए जीवन का बड़ा संबल सिद्ध होगी।\
पंजीकरण के डिजिटल एवं पारंपरिक माध्यम
नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से योजना से जुड़ सकते हैं:
- ऑनलाइन eNPS डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से।
- बैंक ऑफ इंडिया (BOI) एवं अन्य अधिकृत बैंकिंग संस्थानों की शाखाओं में जाकर।
- अधिकृत *पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के जरिए।
- अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के प्राधिकृत सेवा प्रदाताओं के माध्यम से। 'एनपीएस संचय' केवल एक बचत योजना नहीं, बल्कि स्वावलंबी भविष्य के निर्माण का महाअभियान है। आज लिया गया एक छोटा और अनुशासित निर्णय, आने वाले कल में एक बड़े आर्थिक सहारे के रूप में फलीभूत होगा।
पीएफआरडीए और बैंक ऑफ इंडिया की यह पहल निश्चित रूप से देश के असंगठित क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का नया सवेरा लेकर आएगी। असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हमारे किसान, श्रमिक, महिलाएं, लघु उद्यमी, स्वरोजगार से जुड़े नागरिक और निजी क्षेत्र के कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित आय और तात्कालिक आवश्यकताओं के चलते प्रायः सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) का नियोजन उनकी प्राथमिकताओं में पीछे छूट जाता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के रूप में पीएफआरडीए ने 'एनपीएस संचय' को सरल, सुलभ और व्यवस्थित बचत माध्यम के रूप में देश के समक्ष प्रस्तुत किया है।
Source: DPR

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