Sehore: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आष्टा के ग्राम नीलबड़ स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में दूषित पानी के कारण होने वाली फ्लोरोसिस बीमारी की पहचान करना था।
शिविर के दौरान डॉक्टरों की टीम ने कुल 70 छात्र-छात्राओं के दांतों की विस्तृत जांच की। कुल जांचे गए बच्चों में से 17 बच्चों में डेंटल फ्लोरोसिस की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित बच्चों के माता-पिता को उचित उपचार, खान-पान में बदलाव और सुरक्षित पेयजल के उपयोग की सलाह दे रहा है।
क्या होता है डेंटल फ्लोरोसिस?
- कारण: पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से यह बीमारी होती है।
- लक्षण: इसके कारण दांतों की बाहरी परत (एनामेल) कमजोर हो जाती है और दांतों पर पीले, कत्थई या सफेद धब्बे दिखने लगते हैं।

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