विदिशा: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन में आज शनिवार को 138 एन.आई. एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) के अंतर्गत विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्री नितेन्द्र सिंह तोमर द्वारा प्रदान की गई जानकारी तदानुसार
लोक अदालत का उद्देश्य चेक बाउंस से संबंधित मामलों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण कर पक्षकारों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना था।
विशेष लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 09 खंडपीठों का गठन किया गया था। इन खंडपीठों में न्यायालयों में लंबित तथा प्रीलिटीगेशन स्तर के मामलों की सुनवाई करते हुए पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से समझौते कराए गए।
लोक अदालत के दौरान संबंधित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, बैंक प्रतिनिधि तथा पक्षकारों की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी के सहयोग एवं सकारात्मक प्रयासों से बड़ी संख्या में प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण संभव हो सका।
विशेष लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित एवं प्रीलिटीगेशन के कुल 45 प्रकरणों का आपसी राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 1 करोड़ 23 लाख 33 हजार 682 रुपये की समझौता राशि निर्धारित हुई, जिससे पक्षकारों को लंबे समय तक न्यायालयी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं रही।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि लोक अदालतें न्याय प्राप्ति का सरल, सस्ता एवं प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से पक्षकारों का समय, धन और श्रम बचता है तथा विवादों का सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान संभव हो पाता है। प्राधिकरण ने नागरिकों से भविष्य में भी लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
Source: DPR

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