Thursday, February 5, 2026

रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 हेतु किसान पंजीयन 07 फरवरी 2026 से प्रारंभ, जिला आपूर्ति नियंत्रक ने जारी किया आदेश

Bhopal: जिला आपूर्ति नियंत्रक भोपाल ने रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 47 सहकारी समितियों पर किसान पंजीयन केन्द्र स्थापित किये जायेंगे। किसान पंजीयन की कार्यवाही 07 फरवरी 2026 से प्रारंभ है। सहकारी समितियों के माध्यम से किये जा रहे किसान पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क होगी। किसान द्वारा समितियों के अतिरिक्त स्वयं के मोबाईल पर पंजीयन एप डाउनलोड करके पंजीयन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त एम.पी. ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्र, निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर भी सशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।


जिला आपूर्ति नियंत्रक, भोपाल ने बताया कि किसान पंजीयन की कार्यवाही राजस्व विभाग के ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त गिरदावरी के आंकडों के आधार पर की जा रही है। पंजीयन के दौरान पंजीयन पोर्टल पर किसान द्वारा बोया गया रकबा अथवा फसल के संबंध में अंतर होने पर संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार के यहां संशोधन / सुधार की व्यवस्था शासन द्वारा प्रदान की गई है। किसी भी प्रकार की विसंगति प्रदर्शित होने पर, संबंधित तहसीलदार के कार्यालय में तत्काल संपर्क करना होगा। किसान पंजीयन हेतु आधार से लिंक मोबाईल नम्बर पर OTP प्राप्त होने के उपरांत ही पंजीयन किया जा सकेगा। किसान की भूमि एक ही जिले के अन्य ग्रामों में है तो पंजीयन में दूसरे ग्राम की फसल के रकबे को जोडा जा सकेगा। यदि भूमि किसी अन्य जिले में है तो किसान को अपनी सदस्य समग्र आईडी एवं आधार का उपयोग करते हुए दूसरे जिले में भी पंजीयन कराना होगा। शामिलाती भू-स्वामी होने पर सभी हिस्सेदार अपने-अपने हिस्से में आने वाली भूमि पर बोयी गयी फसल का पंजीयन करा सकेंगें।


जिला आपूर्ति नियंत्रक द्वारा बताया कि सिकमी/बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को वनपट्टा एवं सिकमी / बटाईदार किसानों को सिकमी/बटाई अनुबंध 02 फरवरी 2026 के पूर्व की अवधि का पंजीकृत होना अनिवार्य है। मूल भू-स्वामी की मृत्यु होने पर वैध वारिस / उत्तराधिकारी के नाम भूमि का नामांत्रण होने पर वारिस के नाम से पंजीयन किया जा सकेगा। किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गये बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने किसानों से अपील है कि शीघ्र अतिशीघ्र अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्र पर जाकर किसान पंजीयन कराना सुनिश्चित करें।

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