भोपाल: यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव सुश्री शोको इशिकावा ने मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के एक विशेष सत्र में 'महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल' (STDW) परियोजना की प्रशिक्षित बालिकाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने बालिकाओं के आत्मविश्वास और कौशल की सराहना करते हुए इसे वैश्विक स्तर पर एक बेहतरीन उदाहरण बताया।
सुश्री शोको इशिकावा ने प्रशिक्षित बालिकाओं से बातचीत कर उनके जमीनी अनुभवों और उपलब्धियों को जाना। उन्होंने बालिकाओं के नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और पर्यटन क्षेत्र में उनके बढ़ते कदमों की खुलकर तारीफ की। यूएन विमेन प्रतिनिधि ने कहा कि यह पहल सुरक्षित और समावेशी पर्यटन के वैश्विक दृष्टिकोण को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ही इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी ताकत है।
एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा यूएन विमेन इंडिया के तकनीकी सहयोग से संचालित यह परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 'महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा' के विज़न को साकार करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। स्थानीय महिलाओं को टूर गाइड, ई-रिक्शा चालक, नाविक और सुरक्षा कर्मी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्भया फंड के सहयोग से यह योजना प्रदेश के 33 जिलों के 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लागू है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर यूएन विमेन इंडिया की कंट्री डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव सुश्री कांता सिंह और स्टेट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री जोयात्री राय भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

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