भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच बेहतर संतुलन बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य शासन ने पर्यावरण सांख्यिकी की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और पर्यावरण-आर्थिक लेखों (Environmental Economic Accounting) के डेटा के सुगम आदान-प्रदान के लिए मुख्य सचिव (Chief Secretary) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय अंतर्विभागीय समूह का गठन किया है।

अंतर्विभागीय समूह के मुख्य जिम्मेदारी क्षेत्र (Key Responsibilities)

  • विभागों में तालमेल (Inter-Departmental Coordination): पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े विभिन्न सरकारी विभागों के बीच सांख्यिकीय कार्यों के लिए एक मजबूत समन्वय तंत्र (Coordination Network) स्थापित करना।
  • डेटा का संकलन (Data Compilation): राज्य के सभी पर्यावरण सांख्यिकी लेखों (Environmental Statistics Accounts) को एक जगह एकत्र और व्यवस्थित करना।
  • डेटा ऑडिट और गैप एनालिसिस (Data Availability & Gap Identification): वर्तमान में उपलब्ध पर्यावरण डेटा की समीक्षा करना, यह जांचना कि कौन से आंकड़े गायब हैं (Data Gaps) और उन कमियों को दूर करने के लिए ठोस उपायों की सिफारिश करना।
  • रिसोर्स और कैपेसिटी बिल्डिंग (Resource & Capacity Assessment): पर्यावरण सांख्यिकी लेखांकन (Green Accounting) को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधनों, बजट और अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रशिक्षण (Capacity Building) की जरूरतों का आकलन करना।
  • भविष्य का रोडमैप (Sector-wise Roadmap): अलग-अलग क्षेत्रों (जैसे- वन, जल, खनिज, ऊर्जा आदि) के पर्यावरण खातों के व्यवस्थित और निरंतर संधारण (Systematic Maintenance) के लिए एक व्यावहारिक गाइडलाइन या रोडमैप तैयार करना।

इस कार्यप्रणाली से राज्य को क्या लाभ होगा?

  • सटीक नीतियां: जब डेटा का अंतर (Gap) खत्म होगा, तो सरकार के पास पर्यावरण और विकास दोनों के सही आंकड़े होंगे, जिससे बेहतर नीतियां बनेंगी।
  • अंतरराष्ट्रीय मानकों पर काम: क्षेत्रवार खातों के संधारण से मध्यप्रदेश वैश्विक स्तर पर मान्य ग्रीन अकाउंटिंग (जैसे UN-SEEA) के मानकों को अपना सकेगा।
  • संसाधनों का सही उपयोग: क्षमता विकास के आकलन से विभागों को आधुनिक सांख्यिकीय उपकरणों और ट्रेनिंग से लैस किया जा सकेगा।

समिति का आधिकारिक ढांचा (Committee Composition)

  • अध्यक्ष: मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन।
  • सदस्य-सचिव (Member-Secretary): आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, मध्यप्रदेश।

प्रमुख प्रशासनिक सदस्य (Core Administrative Members): 

  • कृषि उत्पादन आयुक्त (APC), मध्यप्रदेश। 
  • अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव / सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग।

क्षेत्रीय विभागों के प्रतिनिधि (ACS / प्रमुख सचिव / सचिव स्तर)

  • वन विभाग (Forest)
  • जल संसाधन विभाग (Water Resources)
  • पर्यावरण विभाग (Environment)
  • खनिज साधन विभाग (Mineral Resources)
  • पशुपालन एवं डेयरी विभाग (Animal Husbandry & Dairy)
  • ऊर्जा विभाग (Energy)
  • उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग (Horticulture & Food Processing)
  • मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग (Fishermen Welfare & Fisheries Development)

केंद्रीय एवं विशेषज्ञ संस्थाओं के सदस्य

  • प्रतिनिधि, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI), भारत सरकार।
  • अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड।
  • अध्यक्ष, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB)।सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB)।

इस व्यापक संरचना का महत्व

इस समिति में पर्यावरण, कृषि, ऊर्जा और सांख्यिकी जैसे विविध क्षेत्रों के शीर्ष नीति-निर्माताओं को एक साथ लाया गया है। भारत सरकार (MoSPI) के प्रतिनिधि को शामिल करने से राज्य के डेटा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय (UN-SEEA) मानकों के साथ सिंक (Sync) करने में मदद मिलेगी।