Wednesday, May 27, 2026

डिजिटल हुआ स्वास्थ्य ढांचा: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने लॉन्च किया 'एयर एम्बुलेंस एमपी' पोर्टल और मोबाइल ऐप


भोपाल: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया है। सूबे के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को मंत्रालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में 'एयर एम्बुलेंस एमपी' पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का विधिवत शुभारंभ किया। इस सेवा के शुरू होने से अब राज्य के किसी भी हिस्से से गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुँचाने के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा का अनुरोध करना बेहद सरल, पारदर्शी और तेज हो जाएगा।


इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा, "पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य सरकार की उस सर्वोच्च प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि धन या समय की कमी के कारण किसी भी नागरिक की जान न जाए। यह ऐप आपातकालीन स्थिति में लगने वाले 'रिस्पॉन्स टाइम' को काफी कम कर देगा, जो अक्सर दुर्घटनाओं या गंभीर बीमारियों में जीवन रक्षक साबित होता है।"

अब एक क्लिक पर मिलेगी मंजूरी: मैनुअल प्रक्रिया का अंत

पहले 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा' के लिए अस्पतालों और जिला नोडल अधिकारियों को लंबी कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता था, जिससे मरीजों को एयरलिफ्ट करने में देरी होती थी। नए 'एयर एम्बुलेंस एमपी' ऐप और पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को डिजिटल वर्कफ़्लो में बदल दिया गया है:
  • त्वरित अलर्ट व्यवस्था: जैसे ही संबंधित अस्पताल या जिला नोडल अधिकारी ऐप पर मरीज के लिए अनुरोध दर्ज करेंगे, वास्तविक समय (Real-time) में पायलट, मेडिकल टीम और मंजूरी देने वाले अधिकारियों को एक साथ नोटिफिकेशन चला जाएगा।
  • समय की बचत: इसके माध्यम से तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां बिना किसी देरी के तुरंत मिल सकेंगी, जिससे मरीजों को 'गोल्डन ऑवर' (आपातकाल के शुरुआती महत्वपूर्ण घंटे) के भीतर इलाज मिलना संभव होगा।

वरदान साबित हो रही है 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा'

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के माध्यम से राज्य के दुर्गम और भौगोलिक रूप से कटे हुए इलाकों में रह रहे मरीजों को सीधे बड़े सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों से जोड़ा जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक सैकड़ों से अधिक गंभीर मरीजों को मुफ्त में एयरलिफ्ट कर उनकी जान बचाई जा चुकी है।

पोर्टल और ऐप के आ जाने से अब स्वास्थ्य विभाग की टीम और क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारी आपात स्थिति में बेहतर समन्वय कर सकेंगे। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम और मंत्रालय के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।